Biography of Dr. Manmohan Singh in hindi

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                    Biography of Dr. Manmohan Singh in hindi

दोस्तों प्रतिभा पैसो की मोहताज़ नहीं , जिस के अंदर काबिलिअत होती है वोह आपने लक्ष को कभी न कभी पा ही लेता है , चाहे रास्ते में कितनी वि रूकावटे क्यों न हो
  दोस्तों यह बात हमारे पुर्व पर्धान मंत्री श्री डोक्टर मनमोहन सिंह के जीवन पर पूरी फिट बैठती है ।

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आप सब डॉ मनमोहन सिंह के बारे में तो जानते ही होंगे मगर उन की पीछे की जिन्दगी के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं , डॉ मनमोहन सिंह की जिन्दगी बहुत ही मुश्किलों में से गुजरी , जब देश का बटवारा हुआ तो बहुत से लोग भारत से पाकिस्तान गए और बहुत से पाकिस्तान से भारत आए , उस समय कोई नहीं जानता था के इन में से एक नन्हा बालक मनमोहन सिंह बी है जिस की तकदीर में हिन्दोस्तान की हकूमत लिखी हुई है । उन की सादगी और काबिलिएअत को आज हर कोई मानता है , इतने बुरे दौर से गुजरने के बाद डॉ मनमोहन सिंह ने कभी भी आपने भाषणों में अपनी निजी जिन्दगी में आई कठनाई को गिना कर वोट नहीं माँगा
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जनम और बचपन : बटवारे में अपना सब कुछ गवा कर पाकिस्तान से भारत के अमिर्त्सर में वसने वाले डॉ मनमोहन सिंह का जनम 26 सितम्बर 1932 को पाकिस्तान के गाह नाम स्थान पर हुआ , बचपन में ही डॉ मनमोहन सिंह के सर के ऊपर से माँ का साया उठ गया तो उन का पालन पोषण उन की दादी ने किया, घर में बहुत ज्यादा गरीबी होने के कारण डॉ सिंह अपनी पढाई को पूरा नहीं कर पा रहे थे , मगर डॉ मनमोहन सिंह ने हिमंत नहीं हारी डॉ सिंह पढाई में बहुत ही हुश्यार थे जिस के कारण इन को sacholership मिलती रही और इनोह ने अपनी पढाई जारी रखी ।

Hindu College Amirtsar से 12th करने के बाद उनोह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से अपनी greduation की पढाई पूरी की . पढाई में अछे नंबर आने के बावजूद डॉ मनमोहन सिंह को लन्दन की Cambridge university में दाखला मिल गया जहाँ से उनोह ने अर्थ शाश्त्र में डिग्री हासिल की ।
भारत वापस लोट कर उनोह ने पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ही स्कूल ऑफ़ इक्नोमिक्स में विद्यार्थियो को सिक्षा दी ।
  • 1987-1990  तक डॉ मनमोहन सिंह को जानेवा में सेक्टरी जनरल ऑफ़ साउथ कमिशन के पद पर नियुक्त किया गिया ।
  • 1958 डॉ मनमोहन सिंह का विवाह गुरशरन कौर के साथ हुआ ।
  • 1971 में वेह भारतीए पर्शास्नक सेवा में शामिल हुए और The Ministery of Commerce में बतोर सलाहकार नियक्त रहे ।
  • अपनी योगता के बल पर डॉ मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक रिज़र्व बैंक इंडिया  के गवर्नर रहे ।
  • 1991 में जब पि वि राव भारत के प्रधान मंत्री बने तो उनोह ने डॉ मनमोहन सिंह को वित् मंत्री के पद पर नियुक्त किया ।
  • 2004 में जब केंदर में कांग्रेस की सरकार आई तो कांग्रेस की चेयर परसन सोनिया गाँधी ने डॉ मनमोहन सिंह को प्रधान मंत्री के पद पर नियुक्त किया ।
  • 2009 में जब दुबारा कांग्रेस ने डॉ मनमोहन सिंह को PM कैंडिडेट अन्नौंस किया तो कांग्रेस ने 2004 में 145 शीटों के मुकाबले  200 से उपर शीटे हासिल की ।

Working period of Manmohan singh: जब 2004 में पूरी दुनिया में मंदी के बादल शाए हुए थे तो डॉ सिंह ने अपनी आर्थिक नीतिओ और दूरदृष्टि से देश को इस मंदी से बचाई रखा ,  अपने दस साल के कार्यकाल में उनोह ने राष्ट्री जांच इज्न्न्सी का गठन , मनरेगा स्कीम , सूचना का अधिकार , भोजन का अधिकार , आधार योजना , भूमि अधिग्रेह्न कनून , जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू कराने का श्रेय डॉ मनमोहन सिंह को जाता है ।

Awards: अपने जीवन में डॉ मनमोहन सिंह ने बहुत से अवार्ड हासिल किए जिस में से 1981 पदम् विभूसन, 1985 में जवाहर लाल नेहरू शताब्दी अवार्ड , बेस्ट फाइनेंस मनिस्टर के लिय युरोमोनी अवार्ड शामिल है।

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आप को यह जानकार अहेस्चारिए होगा के डॉ मनमोहन सिंह जिस केंब्रे university के कभी स्टूडेंट रहे थे आज वहां पर रिसर्च सेचोलेर के लिए डॉ मनमोहन सिंह सेचोलेर्शिप के नाम से सेचोलेर्शिप प्रोग्राम चलाया जाता है , जो के हर भारतीए के लिए गर्व की बात है।
दोस्तों डॉ मनमोहन सिंह की इस कहानी से हमे यह सीख मिलती है के अगर आप में कुछ करने का जज्बा हो तो हालत कितने वी बतर क्यों न हो आप अपने लक्ष में जरुर सफल होते हैं , अगर आप को हमारे आर्टिकल अछे लगते हैं तो हमे कमेंट करके जरुर बताए और आगे से ऐसे आर्टिकल को पढने के लिए हमारा फेसबुक पेज जरुर लिखे करे ता के जब वी हम कोई नया आर्टिकल अपडेट करें तो आप को फेसबुक के जरिए notification मिल जाए , धन्यवाद


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