What is Swaminathan report(स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश)

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  What is Swaminathan report ?
 स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट क्या है
दोस्तों आप ने देखा होगा के आज के समय में किसान हर राज में आन्दोलन कर रहे हैं , उन की मुख्य मांग है के Swaminathan Report को लागू किया जाए . सवाल यह उठता है के आखिर क्या है इस स्वामी नाथन रिपोर्ट में , इस स्वामी नाथन रिपोर्ट को कुछ  लोग Swaminathan Ayog (स्वामीनाथन आयोग) वी कहते हैं , आखिर यह कोण था स्वामी नाथन और क्या था इस की रिपोर्ट में आज हम  इस के बारे में पूरी detail में आप को बताने वाले हैं ।


Who is Swaminathan : स्वामी नाथन का पूरा नाम है MS Swaminathan , इन का जनम 1925 को तमिलनाडु में हुआ था , मगर सब से पहले स्वामीनाथन 1966 में सुर्खियो में आए , 1966 में स्वामीनाथन ने गेंहू का एक नया बीज तयार किया , पंजाब में जो गेंहू उगाया जाता था और जो गेंहू मक्सिको में उगाया जाता था उन दोनों की ब्रीद को मिला कर एक नया बीज तयार किआ जिस का उत्पादन ज्यादा था ।

इस लिए स्वामीनाथन को ‘Hari Kranti Ka Janak’ वी बोला जाता उन की इस शोध के लिए उनेह पदम् श्री , पदम् विभूसन और वि बहुत सारे अवार्ड से निवाजा गिया ।

What is Swaminathan Commission  :  देश की आजादी के बाद किसानो की हालत पर किसी का ध्यान न गिया जिस के कारण किसानो की हालत बहुत विगड गई और इस हालत को सुधरने के लिए सर्कार दुवारा 2004 में National Commission of Farmar बनाया गिया , जिस के मुख अधक्ष थे स्वामीनाथन . इस कमिशन को ही स्वामीनाथन कमिशन कहा जाता है ।

2006 में स्वामीनाथन ने सिर्फ 2 साल में अपनी 5 रिपोर्टे सरकार के पास जम्हा करा दी थी , मगर अबतक 11 साल हो चुके हैं अबतक किसी वी सरकार ने स्वामीनाथन की एक वी सिफारश को लागू नहीं किया है , स्वामीनाथन ने अपनी रिपोर्ट में 6 बातों पर सब से ज्यादा जोर दिया ।

स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफर्शे :( how to pronounce swaminathan)

1.      स्वामीनाथन ने अपनी पहली सिफारश में सरकार को बोला के जो किसान भूमि हीन हैं मतलब के जिन के पास भूमि नहीं है , और जो भूमि सरकार के पास खाली पड़ी है उन को उन किसानो में वांट दिया जाना चहिए ता जो गरीब किसान है वोह उन में खेती कर सके और  जो जमीन सरकार के पास बेकार पड़ी है उस से कुछ अनाज पैदा किआ जा सके ।

2.     स्वामीनाथन की दूसरी मुख बात थी के कैसे किसान आतम हत्या को रोका जाए , उस पर उनोह ने कहा के जो MSP मतलब के जो सरकार दुवारा फसल के दाम दिए जाते हैं उस में जो किसान की लागत आई है उस से 50% ज्यादा दाम उस फसल के ताए किए जाने चहिए।

3.     इस रिपोर्ट में जो तीसरा सब से बड़ा बिंदु था वोह था के सरकार फसल की सिंजाई के लिए पानी का अच्छा बन्दोबस्त होना चाहिए , मतलब के सरकार कुछ ऐसे कदम उठाए जिस से वरिश के पानी को जम्हा कर सिंजाई के लिए वरता जाए ।

4.     किसान की फसल का बीमा होना चाहिए  , दूसरी इसी बिंदु में उनोह ने बात कही के सरकार के दुवारा एक ऐसा फण्ड होना चाहिए अगर किसी राज्य में सूखा पड जाए जा किसी और कुदरती आफत से किसान की फसल बर्बाद हो जाए तो सर्कार उस फण्ड में से किसान की मदद कर सके ।

5.     उस वक़्त जो भूखमरी चल रही थी पूरे देश में उस पर उनोह ने कहा के सरकार GDP का 1% खाद सुरक्षा पर खर्च करे ता जो हर विअकती को खाना मिल सके , उनोह ने कहा के जो हमारे स्टोर में रखा गया खाना है जो खुले में सड रहा है , उस के अछि जगह मे स्टोर किया जाना चाहिए ।

6.     फसल की पैदावार को बढाने के लिए सरकार दुवारा गांव और कस्बो में सरकारी लेबोरटरी खोली जाए जो मिटटी की जांच करे और किसान को यह बताएं के इस मिटटी में कौन सी फसल उगानी है और मौसम और मिटटी के हिसाब से जिस फसल की पैदावार ज्यादा है उस को ही उगाया जाए ता जो किसान की पैदावार बड जाए।

स्वामीनाथन की इस रिपोर्ट में यह 6 बातें कही गई हैं इस के बाद कृषि विगानियो ने वि यह माना है के अगर सरकार इन 6 बातों को सुनिचत कर देती है तो किसान की हालत में काफी जायदा सुधार आया जाएगा , उस की जिन्दगी पहले से काफी खुशहाल हो जाएगी , मगर अब तक इतनी सरकारें आये मगर किसी ने इस रिपोर्ट को लागू नहीं किया ।

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