Lakha Sidhana history, biography in hindi (लक्खा सिधाना )

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Lakha Sidhana history, biography in hindi (लक्खा सिधाना ) एक साधारण किसान का बेटा जिसका सपना आर्मी में भर्ती होने का था अपने घर की  कुल  10 किल्ले  जमीन होने के कारण  लक्खा  घर  से एक  मध्यवर्गीय परिवार से  तलूक रखता था । लक्खा के घरवाले यह चाहते थे थे कि उनका बेटा बड़ा होकर किसी नौकरी पर लग जाए लेकिन लखा ने कोई और ही रास्ता चुन लिया । आज हम बात करने जा रहे हैं किसी टाइम जुर्म के बेताज बादशाह रह चुके लखविंदर सिंह सरां उर्फ लखा सिधाना की । एक झूठी शोहरत और दुनिया में अपना नाम बनाने के लिए लखविंदर सिंह कब इस जुर्म की दुनिया में प्रवेश कर गया और लखविंदर सिंह से गैंगस्टर लखा सिधाना बन गया इसका खुद लक्खा को भी नहीं पता । 
Lakha Sidhana history, biography in hindi (लक्खा सिधाना )

Lakha Sidhana history, biography in hindi (लक्खा सिधाना )


साल 2004 में पहली बार किसी छोटी सी झड़प को लेकर जेल जाने वाला लक्खा जुर्म की दुनिया में इस कदर घुस गया के 2004 से लेकर 2016 तक कोई भी साल ऐसा नहीं रहा जब लक्खा सिधाना जेल में ना गया हो । लक्खा के ऊपर करीब 50 से ज्यादा मुकदमे चले हैं । जिसमें कत्ल , डकैती, इरादा कत्ल जैसे संगीन आरोप रहे हैं। आज आलम यह है कि गैंगस्टर लखा सिधाना जुर्म की दुनिया से निकलकर एक अच्छा इंसान बनना चाहता है अगर आज लक्खा सिधाना की बात करें तो वह समाज सेवी के रूप में जाना जाता है कैसे एक गैंगस्टर समाज सेवी बना आज हम इस कहानी को शुरू से जानेंगे ।

History Of Lakha Sidhana


लक्खा सिधाना का जन्म 16 जनवरी 19 85 को पंजाब के बठिंडा शहर के कस्बा रामपुरा फूल में पढ़ने वाले गांव सिधाना में हुआ । लक्खा सिधाना बचपन में ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे उन्होंने अपनी स्कूल की की पढ़ाई अपने गांव से की जिसके बाद वह रामपुरा फूल में मालवा कॉलेज में अपनी ग्रेजुएशन के लिए चले गए । मालवा कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने DAV कॉलेज बठिंडा एडमिशन ले लिया और अपनी डबल M.A. पूरी की ।

जुर्म की दुनिया मे कदम


लक्खा सिधाना जब कॉलेज में पढ़ता था तो उसे भी यह लगने लगा कि उसका भी पूरे एरिया में नाम हो  उसे भी लोग जाने । इसी वजह से लक्खा जुर्म की दुनिया में आ गया साल 2004 में किसी झड़प को लेकर लेकर पहली बार जेल गया जिसके बाद यह सिलसिला आगे चलता रहा । झड़प के बाद कत्ल,  इरादा कत्ल , डकैती,  मारपीट जैसे कई संगीन आरोप के चलते लक्खा लगभग हर साल एक बार जेल में गया ।

लक्खा ने अपनी एक इंटरव्यू में बताया कि उससे कुछ लोकल नेता यह सब काम करवाते थे । किसी को मारना पीटना पोलिंग बूथों पर कब्जा करना और किसी केस में उनसे गवाही दबाकर किसी दूसरे आदमी को उन के झूठे केस में फंसा देना ऐसे काम लक्खा सिधाना और उनके दोस्तों से करवाए जाते थे । लक्खा के कहने के मुताबिक 2008 में उन्होंने कई पोलिंग बूथों पर कब्जे किए,  साल 2006 में लक्खा के ऊपर कत्ल का इल्जाम लगेऔर इसी तरह के कई और संगीन आरोपों के चलते लक्खा लगभग 30 से 40 बार जेल गया ।

जुर्म की दुनिया से वापस आना


वोह कहते हैं ना कि जिंदगी की कीमत उसे ही पता चलती है जिसने मौत को करीब से देखा हो । ऐसा ही कुछ हुआ लक्खा सिधाना के साथ लखा के ऊपर दो बार  हमला हुआ पहली बार लक्खा के दो गोरिया सिर पर लगी लेकिन वह बच गया । दूसरी बार लक्खा की 5 गोलियां पेट में लगी लेकिन किस्मत अच्छी होने की वजह से लक्खा इस बार भी बच गया । लेकिन इस बार यह गोलियां लक्खा को उसकी जिंदगी की कीमत का एहसास करा गई ।


दूसरा लक्खा के कहने के मुताबिक कि वह जब भी जेल जाता था तो जेल में वह कुछ किताबें पढ़ा करता था जिसमें कुछ मार्क्सवाद की किताबें, लेनिन ,भगत सिंह की जीवनी और ऐसे ही कुछ और देश भक्तों की जिंदगी के बारे में उसने कई साल पड़ा । जिससे उसके मन में में अपने देश के लिए कुछ अच्छा काम करने की प्रेरणा जागी जिसके बाद लक्खा ने जुर्म की दुनिया से बाहर आकर कुछ अच्छा काम करने का सोचा ।

लक्खा के कहने के मुताबिक एक बार कचहरी में  किसी झगड़े के चलते लक्खा से एक व्यक्ति का कत्ल हो गया जिसके बाद लक्खा को कुछ साल जेल भी जाना पड़ा। लेकिन लक्खा के कहने के मुताबिक यह काम उसकी जिंदगी का सबसे बुरा काम था जिसका उसे आज भी पछतावा है । लक्खा कहता है के मुताबिक जिस व्यक्ति का उस ने कत्ल कीया था उसके मरने के बाद जो हालत उसके परिवार की हुई उसे देखकर लक्खा को अपने आप से नफरत होने लगी। जिसके बाद लक्खा ने ऐसे कामों को छोड़कर एक अच्छा इंसान बनने की सोची ।

लक्खा सिधाना के कुल 44 साथी इन्ही गैंगवॉर में मारे गए । जिस में से कुछ को पुलिस ने  इनकाउंटर में मार दिया और कुछ को दूसरे गैंग ने अपनी रंजिस के चलते मार दिया । लक्खा को भी 2 वार मारने को कोशिश की गई लेकिन वोह बच गया ।

राजनीति में आना


बठिंडा के ही कुछ राजनेताओं से बहस के बाद लक्खा ने उनको हराने के लिए राजनीति में आने का फैसला लिया लेकिन एक गैंगस्टर को कोई भी पार्टी टिकट देने के लिए तैयार नही थी । जिस के लिए लक्खा ने 17 सितम्बर 2012 को रामपुर फूल में एक बहुत बड़ी रैली की । रैली में इकठ को देख कर PPP पंजाब पीपल पार्टी ने लक्खा को MLA की टिकट दी । लक्खा इस चुनाव में जीत नही स्का । लक्खा को इस चुनाव में 10000 से ऊपर वोट हासिल हुई ।


Lakha Sidhana history, biography in hindi (लक्खा सिधाना )



आज लक्खा सिधाना अपने आप को एक समाज सेवी के रूप में देखता है । हालहि में उनोह ने पंजाबी गानो में गैंगस्टर और नशा को प्रमोट करने के विरोध में काफी चर्चा में रहा । इस के इलावा पंजाब में नेशनल हाईवे पर पंजाबी भाषा को सब से ऊपर लिखने के लिए वहाँ पर लगे सिग्न बोर्डो पर काली स्याही पोछ दी थी । जिस के लिए लक्खा को जेल बी जाना पड़ा था । इस के इलावा वह गांव गांव में जा कर नशे के विरोध में भाषण देते हैं ।

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