Real Story and History Thugs of Hindostan in hindi

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Real Story and History Thugs of Hindostan in hindi : ठग एक ऐसा शब्द है जिसे इतिहास के पन्नों में लिखा तो गया लेकिन इसे सिर्फ और सिर्फ इतिहास बना कर भुलाया नहीं जा सका बल्कि समय-समय पर इस की बहुत सारी चर्चाएं भी होती रही और इन मे से ही एक चर्चित कहानी पर व्यस्त है आमिर खान की आने वाली फिल्म ठग्स ऑफ हिंदुस्तान । यह फिल्म असल मे  1839 में Philip Meadows Taylor के द्वारा लिखी गई  नवल Confession of a Thug पर आधारित है
Real Story and History Thugs of Hindostan in hindi


। जहां भारत और ब्रिटेन के कलचर की स्टोरी को बताया गया है और दोस्तों यह नॉवल पब्लिश होने के बाद से इतनी ज्यादा पॉपुलर हुई के इससे 19वीं शताब्दी क्या बेस्ट सेलिंग बुक का टाइटल दिया गया और रानी विक्टोरिया भी इस बुक की रीडर बनी ।

ठग कौन थे और क्या करते थे ? 


दरअसल ठग शब्द एक समय पर प्रोफेशनल चोरों और हत्यारों के लिए यूज किया जाता था जो कि पूरे भारत में कई सालों तक एक जगह से दूसरे जगह घूम घूम कर चोरी करते थे और खास करके वह अंग्रेजों और व्यापारियों को अपना निशाना बनाते थे और कहा जाता है कि जब अंग्रेजों से हमारे देश के राजा महाराजा भी हार मान चुके थे । तो इन्ही ठगों ने अंग्रेजों के नाक में दम कर रखा था । इन का मर्डर करने का तरीका भी बहुत ही अजीब था ।


Real Story and History Thugs of Hindostan in hindi


मर्डर करने के लिए यह एक रुमाल का इस्तेमाल करते थे जिसके दोनों सिरों पर एक एक सिक्का बन्ध रहता था और इसी रुमाल से वह  मुसाफिरों को मौत की नींद सुला देता थे ।
पहले तो यह ठग मुसाफिरों का विश्वास जीतते थे और फिर उसे यह पता लगा लेते थे कि उनके पास कितना पैसा और कितना कीमती सामान है और सही समय का इंतजार करते थे । जिस के बाद से वोह उन की हत्या करके उनका सारा पैसा और सामान लूट लिया करते थे और फिर लूट और हत्या के बाद इन लाशों को दफना दिया जाता था और इस तरह से कोई भी सुराग जमीन के अंदर ही दफन हो जाता औरअंग्रेजी हुकूमतों को यह भी नहीं पता चल पाता था कि आखिरकार उनके व्यापारी गायब कहां हो गए ।

ठगों से कैसे छुटकारा पाया गया ?


इन खतरनाक ठगों से बचने के लिए एक वार तो ईस्ट इंडिया कम्पनी ने यह फरमान जारी कर दिया था कि कोई भी व्यपारी एकेला किसी सफर पर नही निकलेगा।
अगर कोई जाएगा भी तो सिर्फ गरूपों में ।
इस के बावजूद भी ठगों ने हार नहीं मानी और अब तो यह पूरे ग्रुप को ही गायब कर दिया करते थे
जब अंग्रेजों ने अपने सभी हथकंडे अपना लिए तो ठगों का पता लगाने के लिए अंग्रेजो ने Wiliam Henery Sleeman को भारत बुलाया । जो के अपनी बहादरी और चालाकी के लिए जाने जाते थे । साथ ही वह  हिंदी उर्दू और अलग-अलग कई तरह की भाषाओं की नॉलेज भी रखता था । जिसकी वजह से कोई भी अपराधी उन  से बचके नहीं निकल पाता था । विलियम को अपने शुरुआती जांच में ही यह पता चला कि लोगों के गायब होने के पीछे ठगों का पूरा गिरोह काम कर रहा है ।


बहराम ठगों का नेता : 


दोस्तों अभी तक जो ठगी होती आ रही थी उन सब ठगों का मेन लीडर ठग बहराम । जिसे कि उस टाइम के लोग Kings of thugs के नाम से भी जानते थे । बहराम ठग उस समय नार्थ इंडिया की औंध स्टेट में एक्टिव रहता था। उसके बारे में बताया जाता है कि उसने अकेले ही 1000 से ऊपर मर्डर किए थे और इसीलिए आज भी बहराम को दुनिया की सीरियल किलर में से एक माना जाता है।


Thug behram

लेकिन वोह कहते हैं कि बुराई का अंत तो बुरा ही होता है भले ही यह ठग खास करके अंग्रेजों को अपना शिकार बनाते थे जिन्होंने हमारे भारत पर कई सालों तक राज किया और हमें गुलाम बनाकर रखा लेकिन एक सही सोच रखने वालों के लिए यह हमेशा ही गलत था ।


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आखिर में विलियम अपने सिपाहियो के साथ मिल कर ठग बहराम को पकड़ लिया और 1845 को ठग बहराम को बीच सड़क पर फांसी पर लटका दिया गया। उस की मौत के बाद यह गिरोह थोड़े ही समय मे खत्म हो गया। कहा जाता है कि अमीर खान की आने वाली फिल्म Thugs Of Hindosatan इसी कहानी पर आधारित है । आप को हमारा लेख कैसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बताएं ।

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