Wednesday, 12 December 2018

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय


Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय

फूलन देवी एक ऐसी लड़की जिसका छोटी जाति में लड़की के तौर पर जन्म पाना मानो उस के लिए एक अभिशाप बन गया था । लेकिन फिर भी उनकी आंखों में डर ना हो कर साहस की तपन दिखती थी ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
फूलन देवी एक ऐसी लड़की जिसका छोटी जाति में लड़की के तौर पर जन्म पाना मानो उस के लिए एक अभिशाप बन गया था । लेकिन फिर भी उनकी आंखों में डर ना हो कर साहस की तपन दिखती थी ।


Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय:

बचपन से ही जीवन संघर्षों के बीच घिर चुका था । एक के बाद एक बहुत सारे जुल्म हो रहे थे ऊंची जाति के लोग भेदभाव और यौन उत्पीड़न करते रहे और ऐसे में दूसरा कोई होता तो अपने जीवन को पूरी तरह से खत्म करने की सोचता लेकिन फूलन देवी जैसे निडर महिला ने अपने ऊपर हुए जुल्मो का ऐसा बदला लिया के लोग उसे इज्जत की नज़रों से देखने लगे । आज हम फूलन देवी की इस कहानी को शुरू से जाने गे । कैसे एक साधारण लड़की डाकू बनी और डाकू से राजनेता ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय

(जनम और बचपन) 

कहानी की शुरुआत होती है 10 अगस्त 1963 से जब उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक छोटे से गांव में मल्लाह के अंतर्गत फूलन देवी का जन्म हुआ।

 मल्लाह बेसिकली नाव चलाने वालों और मछुआरों के समुदाय को कहा जाता था और इस समुदाय में जन्म लेने की वजह से शुरू से ही फूलन देवी ने गरीबी का सामना किया उनके बड़े से ज्वाइन फैमिली के पास 1 एकड़ जमीन थी ।  जिस में पुराना नीम का पेड़ लगा हुआ था ।

 जब फूलन 11 वर्ष की थी तो उनके दादा दादी की मौत हो गई । फिर घर के मुखिया फूलन देवी के पिता के बड़े भाई बने और फिर घर के मुखिया पद को संभालने के बाद से उनका कहना था कि खेत में मौजूद पुराने नीम के पेड़ को काट देना चाहिए ताकि पेड़ वाले एरिया में भी उपजाऊ खेती किया जा सके ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय

 इस बात से फूलन देवी के पिता भी काफी हद तक सहमति थी लेकिन 11 साल की फूलन देवी को यह बिल्कुल भी समझ नहीं आई और पेड़ काटने गए अपने चचेरे भाई को गालियां देते हुए खदेड़ दिया ।

फिर दोनों के बीच जमकर गाली ग्लोच हुआ । फूलन देवी की जुबान से निकले शब्दों को समाज स्वीकार नहीं कर पा रहा था क्योंकि गांव में कभी भी किसी महिला ने पुरुष के खिलाफ इस तरह की आवाज नहीं उठाई थी

और फिर इसका नतीजा यह हुआ कि फूलन देवी का जबरन उसे 3 गुना ज्यादा उम्र के व्यक्ति के साथ बाल विवाह करवा दिया गया और उनके पति का नाम था पुत्तीलाल भल्ला । शादी के बाद से पुत्ती लाल फूलन देवी के ऊपर बहुत सारा अत्त्याचार करता रहा।
Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
इन्हीं सभी बातों से तंग आकर फूलन देवी ने अपने ससुराल से भागने का फैसला कर डाला और फिर वहां से भाग कर अपने मायके आ गई लेकिन यहां पर भी उन्हें बहुत सारे अपमान झेलने पड़े ।

एक वार फिर से फूलन देवी का सामना हुआ उनके चचेरे भाई मयदीन के साथ । क्योंकि अभी भी उनसे पेड़ वाले झगड़े के लिए बदला लेना चाहता था और फिर बदले की भावना से मयदीन ने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर फूलन देवी के खिलाफ चोरी का इल्जाम लगा दिया और फिर फूलन देवी को 3 दिन जेल में बिताने पड़े लेकिन शर्मशार कर देने वाली बात यह थी कि पुलिस थाने में पुलिस वालों ने फूलन के साथ कई वार बलात्कार किया ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय

फिर डरा धमका कर  फूलन को छोड़ दिया और फिर वापस घर आने के बाद फूलन देवी को फिर से ससुराल भेजने की तैयारी की जाने लगी ।

उन्होंने पहले तो फूलन देवी को अपनाने से मना किया लेकिन कुछ पैसे देने के बाद से वह भी राजी हो गए हैं और अपनी ऑटो बायोग्राफी फूलन देवी ने बताया कि उनका पति वापस आने के बाद उन्हें बहुत मारता और जबर्दस्ती उन के साथ संबध बनाता ।

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इन सभी बातों से तंग आकर 16 साल की उम्र में फूलन देवी एक बार फिर से अपने ससुराल से भाग निकली लेकिन इस बार वह अपने मायके नहीं गई बल्कि उस ने 2 वक़्त की रोटी के लिए डाकुओं के गैंग को जॉइन कर लिया ।

 इस गैंग में शामिल होने वाली वह पहली लड़की थी और फिर धीरे-धीरे समय बीतने के साथ उनके साथी डाकुओं में भी उनका कद बड़ा होने लगा था और कुछ महीनों के बाद फूलन देवी ने एक-एक करके अपने सभी जुल्मो का बदला लेना शुरू किया ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय
फूलन ने एक ही गांव के 22 राजपूतों को एक लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून डाला । इसके अलावा फूलन ने कई पुलिस वालों को मौत के घाट उतार दिया जिन्होंने उनके साथ बलात्कार किया था । इन सभी घटनाओं के बाद बहुत सारे लोग फूलन को देवी के रूप में पूजने लगे ।

क्यों कि उस ने अपने सम्मान के लिए राजपूतों का नरसंहार का डाला । एक साथ 22 कत्ल करने के बाद फूलन देवी सभी अखबारों और टीवी चैनलों की सुर्खियों में आ गई जिसके बाद सरकार ने फूलन के ऊपर ध्यान देना शुरू किया स्पेशल आर्मी फोर्स और पुलिस ने मिलकर फूलन देवी को ढूंढ निकाला और उनके बाकी साथियों को पुलिस इनकाउंटर में मार दिया गया ।

Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय


 यहां से 2 साल के बाद फूलन देवी को गिरफ्त में ले लिया गया और फिर उनके साथ के बाकी कुछ बचे हुए डाकूओ ने भी 1983 में पुलिस के सामने आत्म सम्परपन कर दिया ।

फूलन देवी के ऊपर 48 अपराधों का आरोप था जिस में कत्ल , लूट, जैसे मामले दर्ज थे । फूलन को उम्र भर जेल में रखने का आदेश दिया कि 11 साल जेल में गुजारने के बाद 1994 में जब मुलायम सिंह जादव की सरकार उत्तर प्रदेश में बनी तो फूलन पर लगे सभी आरोप से उन्ह बरी कर दिया गया ।

समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर फूलन देवी ने दो बार लोकसभा के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट का चुनाव मिर्जापुर से अपने नाम किया ।
Phoolan Devi Biography in Hindi - फूलन देवी का जीवन परिचय


25 जुलाई 2001 को दिल्ली बंगले के बाहर 3 लोगो ने उसे भून डाला ।
पर इस तरह से फूलन देवी ने दुनिया को अलविदा कह दिया और 200 फूलन देवी को मारे जाने के पीछे शेर सिंह राणा का हाथ बताया जाता है इस पर 22 राजपूतों को एक लाइन में खड़ा करके मारने का बदला लिया ।

दोस्तों से थी बैंडिट क्वीन  फूलन देवी की कहानी हमने फूलन देवी की ऑटो बायोग्राफी का लिंक भी  अपने लेख में दिया है अगर आप खरीदना चाहते हैं तो उसे लिंक पर क्लिक करें और आपको हमारा लेख कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ।

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