Monday, 7 January 2019

अब ऊंची जाति वाले जनरल कैटेगिरी में आर्थिक तौर पर गरीब लोगों को मिलेगा 10 % कोटा

7 जनवरी 2019 को भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि ऊंची जाति वाले जर्नल केटेगरी में आने वाली आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों को भी एक अलग से आरक्षण दिया जाएगा यह आरक्षण सभी सरकारी जगह पर लागू होगा फिर चाहे वह नौकरी या पढ़ाई या कोई भी सरकारी सहूलियत हो ।
Union Cabnit Approvs 10% Reservation for ecnomically weaker class
Union Cabnit Approvs 10% Reservation for ecnomically weaker class
उससे पहले हमारे देश में आरक्षण सिर्फ SC, ST, OBC को मिलता था । लेकिन भारत सरकार ने 7 जनवरी को इतिहासिक फैसला लेते हुए इस मे थोड़ा बदलाव किया है । हुम् आप को बता दे के अब भारत मे जनरल कोटा 50 % है लेकिन इस बिल के आने के बाद यह कोटा बढ़ कर 60% हो जाएगा जिस में से 10% उन लोगो के होगा जो आते तो जनरल कैटागिरी में हैं लेकिन आर्थिक तौर पर कमज़ोर हैं ।
आज से पहले बहुत सी सरकारों ने इस फैसले पर विचार किया था लेकिन बात आगे बढ़ नही पाई । 7 जनवरी को मोदी सरकार ने इसे लागू करने का सुझाव दिया है ।
हुम् आप को जहां पर बता दे के यह बिल अभी से लागू नही होगा । क्यों कि हमारे संविधान के 15, 16 आर्टिकल के तहत सरकार इसे सीधा बदल नही सकती । इस ल लिए सरकार को यह बिल पहले लोक सभा फिर राज सभा और उस के बाद राष्ट्रपति से पास कराना होगा ।



कौन होंगे वो 10% में आने वाले लोग


  • अभी तक जो बात सहमने आई उस के अनुसार इस कैटेगिरी में आने वाले लोगो के पास साल की कमाई 8 लाख से कम होनी चाहिए ।
  • उन के पास अपनी जमीन होनी चाहिए लेकिन वो ज़मीन 5 एकड़ से ज्यादा नही होनी चाहिए ।
  • उन के पास जो घर हो वो 1000 सेक्यूर फ़ीट से कम हो ।



यह कुछ शर्तें होगी इस आरक्षण के लिए । यह अभी तक कि शर्ते हैं सांसद में जाने के बाद जब इस पर बहस होगी तो यह कुछ बदल भी सकती है ।

आज से पहले कितनी वार इस आरक्षण को लाने की कोशिश हुई


  1. साल 2007 में मध्यप्रदेश की BSP सरकार ने यह आवाज़ उठाई थी । वहां की कांग्रेस सरकार ने भी इस फैसले का साथ दिया था ।
  2. 2014 में समाजवादी पार्टी ने एक केबनिट बिठाया था जिस ने यह सभ जांच की थी कि ऊंची जाति वाले लोगो को भी आरक्षण मिलना चाहिए जा नही ।
  3. 2016 में चंद्र बाबू नायडू ने भी ऊंची जाति वाले लोगो के लिए आरक्षण की मांग की थी ।

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