Sunday, 17 February 2019

Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है ।

Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है । 


दोस्तों जैसे कि हाल ही में कश्मीर में हालत काफी खराब हो चुकी है । वहां पर आए दिन आतंकवादियों और भारतीय सेना के बीच झड़प होती रहती है जिसने आज तक काफी सैनिकों की जान चली गई है आज हम आपको पूरे मसले के बारे में बताएंगे के आखर कश्मीर में ऐसे हालात क्यों बने इसके पीछे की हिस्ट्री क्या है और अब तक इस मसले को सुलझाने के लिए कितने बार कोशिशें हो चुकी हैं ।
Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है ।

History Of Kashmir


सबसे पहले कश्मीर मौर्य सल्तनत का हिस्सा हुआ करता था उसके बाद 5 से लेकर 14वीं सदी तक जहां पर अलग-अलग हिंदू राजाओं का राज रहा 14वी सदी से लेकर 16 वीं सदी तक इस्लाम कश्मीर में आया कश्मीर की काफी पापुलेशन ने इस्लाम को अपना लिया जहां तक के उस वक्त 77 प्रतिशत कश्मीरी लोगों ने इस्लाम को अपना लिया जिसके बाद वहां के राजा ने इस्लाम कबूल लिया ।


सन 1586 मैं कश्मीर पर मुगलों ने हमला कर दिया और इसे अपने सल्तनत का हिस्सा बना लिया ।

1751 को अहमदशाह अब्दाली ने कश्मीर पर हमला कर दिया और इसी अपने नेतृत्व कर लिया जिसके बाद 1751 से लेकर 1819 तक कश्मीर में अफगानों का राज रहा ।

1819 में महाराजा रंजीत सिंह ने कश्मीर पर हमला कर इसे जीत लिया ।

1846 में पहले एंग्लो युद्ध में अंग्रेजो ने सिखों को हरा दिया और कश्मीर पर अपना कब्ज़ा कर लिया । उस वक़्त महाराजा गुलाब सिंह डोगरा कश्मीर का राजा बना । जिस के लिए उस ने अंग्रेजो को 70 लाख रुपए भी दिए ।

Starting of Kashmir Conflict


जब 1947 में भारत आज़ाद हुआ अंग्रेजो ने भारत को छोड़ा तब कश्मीर में महाराजा हरि सिंह का राज था । महाराजा हरि सिंह ने उस वक़्त अकेले रहने का फैसला किया । वह कश्मीर को भारत का स्विज़तरलैंड देखना चाहते थे । उनोह ने ना तो भारत और ना ही पाकिस्तान के साथ जाने का फैसला किया ।


Sheikh Abdulla


इसी बीच सन 1931 से National Confarenece Party सत्ता में आई । जिसके लीडर शेख अब्दुल्लाह थे । यह पार्टी कश्मीर में लोकतंत्र चाहती थी । इन का मानना था के कश्मीर में राजा को हटा कर चुनाव कराए जाए । इसी तरह भारत में भी कांग्रेस लोकतंत्र चाहती थी जिस के लिए कांग्रेस इन्हें पूरी मदद देती थी ।

Events Of 1997
1947 की घटनाएं


जब उनसे 47 में भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ तो भारत में जितने भी मुस्लिम कम्युनिटी थी उन्हें पाकिस्तान भेज दिया गया इसी तरह से कश्मीर में 77% मुस्लिम कम्युनिटी थी जिसके कारण मोहम्मद अली जिन्ना कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा मानता था लेकिन वहां का राजा अपना अलग देश बनाना चाहता था राजा हरि सिंह का कहना था कि वह भारत और पाकिस्तान व्यापार जारी रखेंगे सभी रोड खुले रहेंगे ।  इस के लिए उस ने पाकिस्तान के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट किया । इसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट वह भारत के साथ भी करने वाले थे लेकिन उसी वक़्त भारत में दंगे हो गए ।
Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है ।


कश्मीर में पुंज के इलाके में महाराजा हरि सिंह की आर्मी में कुछ अंग्रेजी सैनिकों को मार डाला जो उस वक्त ब्रिटिश आर्मी के लिए काम करते थे । इस छोटी सी लड़ाई को हिंदू मुस्लिम दंगे कहकर पहला दिया गया और पाकिस्तान ने अपनी मुस्लिम की कम्यूनिटी की सहायता के लिए अपने लड़ाके कश्मीर में भेज दिए । उन लड़ाकों ने महाराजा हरि सिंह की फ़ौज पर हमला कर दिया । जिस के बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी ।

भारत सरकार ने महाराजा हरि सिंह के साथ 26 ओकटुबेर 1947 को एक कांट्रैक्ट किया जिसमें महाराजा हरि सिंह ने यह कहा कि अगर भारत उनकी मदद करता है तो वह भारत के साथ मिलने को तैयार हैं । इस के बाद भारत सरकार ने अपनी फौज को कश्मीर की घाटी में उतारा और भारती आर्मी ने पाकिस्तान आर्मी को पीछे धकेल देते हुए कश्मीर को पाकिस्तान के कब्जे से छुड़ा लिया ।
Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है ।

दूसरी तरफ पाकिस्तानी इस कॉन्ट्रैक्ट को पूरी तरह से गलत घोषित कर दिया उनका कहना था कि जो फैसला दबाव के चलते लिया गया है और यह फैसला एक ऐसे राजा के द्वारा लिया गया है जिस को कश्मीर के लोग भी नही मानते ।

Interfare Of United Nation


1948 में भारत और पाकिस्तान यूनाइटेड नेशन के पास कश्मीर मसले को लेकर गए इसके लिए यूनाइटेड नेशन ने एक मिशन बहाया जिसका नाम कमीशन ऑफ इंडिया एंड पाकिस्तान रखा । इस कमीशन ने भारत और पाकिस्तान का दौरा किया इसके अलावा उन्होंने कश्मीर में अलग-अलग जगह पर जाकर लोगों की राय भी ली जिस के बाद इनोह ने इस मसले के हल के लिए 3 रूल बनाए । यह रूल दोनो देशो की मर्ज़ी से लागू हो सकते थे ।


1 . पाकिस्तान को आपने लड़ाके कश्मीर से हटाने होंगे ।
2. भारत को अपनी फ़ौज कश्मीर से वापस बुलानी होगी । सिर्फ उतनी हो फ़ोर्स कश्मीर में रखी जाए जो law and order को मेंटेन रखे ।
3.  कश्मीर में लोगो से वोटिंग कराई जाए । जिस में वोह अगर पाकिस्तान में जाना चाहे जा भारत में रहने चाहे और अगर वो चाहे तो अपना अलग देश भी बना सकते हैं ।
  लेकिन इस के बाद पाकिस्तान ने अपनी फ़ौज कश्मीर से नही हटाई और ना ही भारत ने अपनी फ़ौज को वहां से हटाया है । पाकिस्तान कहता है कि अगर हमने फौज हटाई तो भारत कश्मीर पर कब्जा कर लेगा और इसी तरह भारत कहता है कि अगर हमने पॉज कम की तो पाकिस्तान कश्मीर पर अटैक कर उस पर कब्जा कर लेगा तब से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच कश्मीर को लेकर इसी तरह से खींचातानी चल रही है ।

Militancy in 1990


1987 मैं कश्मीर की सरकार को लेकर वहां पर चुनाव कराए गए जिसमें शेख अब्दुल्लाह की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्य तौर पर भूमिका निभा रही थी और वही नेशनल कांग्रेस पार्टी को भारतीय कांग्रेस का भी समर्थन था जिसके चलते चुनाव में बहुत बड़े स्तर पर धांधली की गई और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी बहुत बड़े फर्क के साथ जीत गई जिसके बाद कश्मीर में कहीं जगह पर हड़ताल रोष धरने भी हुए लेकिन थोड़े ही समय के बाद यह हड़ताल और धरने दंगों का रूप ले गए और बहुत सारी जगह पर जानी और माली नुकसान हुआ । पाकिस्तान ने इस बात का पूरा फायदा उठाया और उन्होंने आपने Jammu Kashmir Leberation Front उर Hizb Ul Mujahbdeen जैसे आंतकवादी संगठनों को कश्मीर में भेज दिया और इस मसले को कश्मीर की आजादी के साथ जोड़ दिया । उनका कहना था कि भारत सरकार हमारे साथ भेदभाव कर रही है और हमें आजाद कश्मीर लेना है जिसक तहत वोह जवान लड़कों को loc कि इस पार भेज कर ट्रेनिंग देते ।
Kashmir Crisis / Issue in Hindi - कश्मीर की समस्या क्या है ।

Some Other Fact About Kashmir Issue
कश्मीर समस्या से जुड़े कुछ और तथ्य



  • सन 1948 में दोनों देशों के बीच समझौता हुआ जिसके तहत जब तक कश्मीर का कोई पक्का हल नहीं हो जाता तब तक दोनों देश गोलीबारी बंद करते हैं और 1948 में ही LOC को दोनों देशों का बॉर्डर मान लिया गया । हालांकि जय इंटरनेशनल बॉर्डर नहीं कहलाती लेकिन जब तक कश्मीर मसले को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता तब तक एलओसी लाइन बॉर्डर का काम करेगी ।



  • 1962 में जब भारत कि चीन के साथ लड़ाई लगी उसके बाद चीन ने भारत के बहुत बड़े एरिया पर कब्जा कर लिया इसी तरह 1965 में पाकिस्तानी कश्मीर का एक बहुत बड़ा हिस्सा जिसका नाम शक्सगम वैली था चीन को गिफ्ट कर दिया इसी तरह से अगर आज कोई कश्मीर को लेकर समझौता होता है तो उस में चीन भी शामिल होगा क्योंकि कश्मीर पर चीन का भी कब्जा हो चुका है ।




  • सन 1984 में भारत में पाकिस्तान और चीन पर निगरानी रखने के लिए सियाचिन ग्लेशियर पर भारतीय रोज को भेजा आज से पहले इस ग्लेशियर पर कोई नहीं पहुंच पाया था और अब यह स्थान दुनिया का सबसे ऊंचाई वाला बैटलफील्ड है ।



  • 1990 में कश्मीर घाटी में जो पंडित रहते थे उन्हें वहां से भगा दिया गया । यह कश्मीरी पंडित वहां पर सभी अच्छी नौकरी पर तैनात थे लेकिन जब 1987 की चुनाव के बाद शेख अब्दुल्लाह की सरकार बनी तब से वहां पर बहुत बड़ी मात्रा में दंगे होने शुरू हो गए जिसके चलते शेख अब्दुल्ला की सरकार को रिजाइन देना पड़ा जिसके बाद कश्मीरी पंडितों को वहां के आतंकवादी संगठनों ने निशाना बनाया कई कश्मीरी पंडितों को मार डाला गया और दूसरों को वहां से बाहर जाने के लिए कहां गया इसी तरह 19 और 20 जनवरी को लगभग 2.5 से 3 लाख कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर वैली को छोड़ दिया और आज कश्मीरी पंडित कैंपों में रहते हैं वहां पर इनकी हालत बहुत खस्ता है कई बार कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर में शिफ्ट करने की बात बोली गई है लेकिन अभी तक नहीं हो पाया है ।

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  • 1990 में कश्मीर में बहुत ज्यादा बैलेंस होने के कारण भारतीय सरकार ने सेना को AFSPA ( Armed Force Special Act ) का अधिकार दे दिया गया जिसके तहत भारतीय सेना के जवान कश्मीर में किसी वी घर में जाकर तलाशी कर सकते हैं और शक होने पर किसी पर भी गोली चला सकते हैं ।



  • 1990 से 2004 तक भारतीय फ़ौज ने कश्मीर में के ऑपरेशन चलाए जिस में काफी संख्या में अन्तकवादियो को मारा गया । जिस के बाद 2004 से कश्मीर में थोड़ी शांति हुई है ।


दोस्तो यह थी पूरी कश्मीर की कहानी हमे उम्मीद है आप को हमारा आर्टिकल अच्छा लगा होगा । आगे से हमारे आर्टिकल की जानकारी के लिए हमे फेसबुक पर फॉलो करें ।