Showing posts with label Education. Show all posts
Showing posts with label Education. Show all posts

Wednesday, 3 October 2018

History of Internet, Domain and Website in Hindi

History of Internet, Domain and Website in Hindi  आज के इस व्यापक और आधुनिक मायाजाल सामान Internet का मूल Cold War है । 1960 - 70 के दशक में Cold War अपने लेवल पर था और रशिया और अमेरिका दोनों देशों के सर पर परमाणु हमले की तलवार लटक रही थी । अगर परमाणु बम का हमला होता है तो इन हालत में निकलने वाले विकिरण के कारण संदेश का आदान-प्रदान ही खत्म हो जाएगा  और आप अपने ही देश के किसी सेना के डिवीजन को या नेता को कोई भी सीक्रेट संदेश नहीं भेज सकते ।

 इन सब खतरों को अमेरिका ने भी भांप लिया था इसलिए अमेरिका ने एक ऐसी कार्यप्रणाली बनाने की सोची जो अंडरग्राउंड केबल के द्वारा एक दूसरे से जोड़ती हो और कोई सन्देश आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके । और अमेरिका के राष्ट्रपति देश के किसी भी कोने के किसी भी बंकर में हो फिर भी उनको कांटेक्ट करके उनके डिसीजन को लागू किया जा सके ।
History of Internet, Domain and Website in Hindi
History of Internet, Domain and Website in Hindi 

History of Internet, Domain and Website in Hindi  


अमेरिका की सरकार की यह भी दरखास्त थी कि इसका कोई केंद्र ना हो । इसलिए एक ऐसी संचालित कार्यप्रणाली बनानी थी जिसे पावर ऑन करते ही देश के सारे कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़ जाए और किसी एक कंप्यूटर के खराब होने पर पूरे नेटवर्क पर कोई असर न पड़े ।



History of Internet :
इंटरनेट का इतिहास 


आखिरकार ऐसे नेटवर्क को बनाने के लिए पेंटागन के ARPA यानी एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी को नियुक्त किया गया । ARPA और अमेरिकन सरकार ने मिलजुल कर एक ऐसे ही नेटवर्क का सर्जन किया जिसे शुरुआत में ARPNET कहा गया और अमेरिका के सभी खास कंप्यूटर्स को ARPANET से जोड़ दिया गया । साल 1990 आते-आते कोल्ड वर खत्म होने की कगार पर आ गया और उस वक्त परमाणु युद्ध होने के बाद भी हट चुके थे । इसलिए डिफेंस के लिए खोजी गई इस टेक्नोलॉजी को National Science Foundation को सौंप दिया गया और यह आधुनिक आविष्कार अब सार्वजनिक बन चुका था ।

History of Domain 
डोमेन का इतिहास 


जो 1990 आते-आते ARPNET की जगह INTERNET के नाम से जाना जाने लगा । अब तक INTERNET में कोई Website या Domain जैसी चीज नहीं थी क्योंकि 1990 तक एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से केबल के द्वारा जोड़ा जाता था । हमें कोई डाटा चाहिए तो डाटा किस कंप्यूटर में है उसका हमें पता होना चाहिए अगर हमें पता नहीं है के कौन सा डाटा किस कंप्यूटर में है तो हम उसे नहीं पा सकते इस तरीके से और ARPNET काम करता था ।



1984 में डॉक्टर जॉन पोस्टल Domain Registration बनाया जिसे आज हम .Com, .org, .in के नाम से जानते हैं । इसके जरिए से वेबसाइट बनाई जा सकती थी और इसके बाद वेबसाइट बनने लगी लेकिन वेबसाइट सिर्फ शहरों तक ही सीमित थी ।

History of World Wide Web (WWW)
डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू का इतिहास 


लेकिन 1991 में Tim Berners-Lee नाम के वैज्ञानिक ने इस समस्या को हमेशा के लिए सुलझा दिया । जब उन्होंने w.w.w. यानी वर्ल्ड वाइड वेब की खोज की कुछ ही समय में डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू इंटरनेशनल नेट बन गया और सारे डोमिन इसी नाम से रजिस्टर्ड होने लगे।
History of Internet, Domain and Website in Hindi
Tim Berners-Lee

History of Wi Fi 
वाई फाई का इतिहास 


1991 के बाद इंटरनेट पर कोई भी चीज छुपी नहीं रही । इंटरनेट की कामयाबी की तरफ 1995 में इंटरनेट स्पीड 28.8 kbps थी और उस समय इंटरनेट यूज करने वालों की तादात लगभग एक करोड़ साठ लाख थी । एक अनुमान के मुताबिक उस समय दुनिया के 0.2% लोग इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन 22 साल बाद आज 2017 में इंटरनेट के एवरेज स्पीड 5.6 mbps है और दुनिया में तकरीबन 307 करोड लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं ।

एक अनुमान के मुताबिक दुनिया के 40% लोग इंटरनेट से आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हीं 22 सालों में इंटरनेट की स्पीड में 195% बढ़ोतरी हुई है ।

History of Internet, Domain and Website in Hindi 

1999 में Dr. John O'Sullivan ने 18 साल की उम्र में ही वायलेंस फर्टिलिटी नेटवर्क बनाया जिसे आज हम WiFi से जानते हैं । वॉइस ऑफलाइन नेटवर्क कनेक्शन में मोबाइल और कांटेक्ट में बदलकर इंटरनेट को बिना वॉइस शेयर करना संभव कर दिया । यह तो बस एक नेटवर्क की शुरुआत थी इंटरनेट की वजह से दुनिया में कहीं अविष्कारों ने जन्म लिया और कई खोजें की गई ।



Who is Owner of Internet 
इंटरनेट का असली मालिक कौन है


सच बात कहूं तो इसका कोई मालिक नहीं है इसे उपयोग करने वाले सब उसके मालिक है क्योंकि इंटरनेट का आविष्कार अमेरिका के पब्लिक सेक्टर में हुआ है । जिसमें अमेरिकन डिफेंस और रिसर्च यूनिवर्सिटी के पैसे लगे थे । अगर इसका आविष्कार कैसे प्राइवेट सेक्टर में किया होता तो कंपनियां अपने नाम की पेटर्न बनवाकर नफाखोरी शुरु कर देती । लेकिन पूंजीवादी देश की सरकार या सरकार के दुवारा चलने वाली यूनिवर्सिटी को बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं होती । आगे भी FM Radio और TV की खोज सरकार के पैसों द्वारा की गई मगर बाद में इन खोजों को प्राइवेट व्रतों के लिए ट्रांसफर कर दिया गया ।

History of ISP ( Internet Service Provider )


परिणाम स्वरूप विश्व में कई सारे छोटे-छोटे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यानी आईएसपी शुरू हो गए जिन्होंने अपने लोकल नेटवर्क को वैश्विक इंटरनेट के साथ जोड़ दिया और इस तरह इंटरनेट की जाल पूरी दुनिया में फैल गई यह वही प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर है जो हमसे डाटा के लिए कुछ पैसे लेते हैं ।

Interesting Fact About Internet
इंटरनेट से जुड़े रोचक तथ 


पूरे विश्व के इंटरनेट का मायाजाल कितना बड़ा है इसका जवाब यह है कि हम कल्पना भी ना कर सके उतना बड़ा फिर भी अगर इसे आंकड़ों के द्वारा समझ ना हो तो आप यह जान लो के समुंदर के तल में कुल 8 लाख किलोमीटर लंबे fiver Optical Cable विशे हुए हैं और जमीन में लाखों किलोमीटर विशे केवल अलग ।

जिनमें से हर क्षण डाटा का वाहन होता है जिससे दुनिया के लोग अपने पर्सनल कंप्यूटर से या पर्सनल मोबाइल से इंटरनेट के साथ जुड़े हुए रहते हैं । गूगल के अनुसार उसके डेटाबेस में एक हजार अरब से भी ज्यादा वेबपेज है और हर रोज उनकी संख्या बढ़ रही है। विश्व में आज प्रति मिनिट 500000 से भी ज्यादा वेबपेज बन रहे हैं ।
आज दुनिया के बड़े-बड़े बिज़नस और फाइनेंशियल सिस्टम इंटरनेट पर निर्भर हैं एक अनुमान के मुताबिक अगर दुनिया में इंटरनेट से 1 घंटे के लिए बंद हो जाए तो दुनिया की आर्थिक व्यवस्था को 1 Tarbillion का नुकसान होगा और दुनिया तकरीबन 6 दिन पीछे हो जाएगी ।

दोस्तों आप को हमारा लेख History of Internet, Domain and Website in Hindi  कैसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बताएं। 

Sunday, 15 July 2018

What is Netflix and its history in hindi

What is Netflix and its history in hindi

दोस्तो आपने इंटरनेट और बड़े शहरों में जगह जगह पर नेट फ्लेक्स के बैनर लगे देखे होंगे TV पर भी Netflix की ऐड हर वक़्त आती है। आखिर क्या है यह Netflix और हम कैसे ऐसे इस्तेमाल कर सकते हैं। आज हम आप को Netflix और Youtube में क्या फरक है हम यह भी बताएंगे।
What is Netflix and its history in hindi
netflix


History of Netflix:

Netflix ने अपनी सर्विस 1997 में शुरू की थी। उस वक़्त यह कम्पनी DVD कराए पर देने का काम करती थी। उस कुछ समय बाद 2007 में Netflix ने अपनी एक सर्विस और शुरू की जिस का नाम था Service on dimand
 इस मे आप अपनी पसंद की फ़िल्म जा सीरियल इन को फ़ोन कर टेलीकास्ट करा सकते थे। 2015 में इस ने अपनी पकड़ और ज्यादा मजबूत करने के लिए इंटरनेट पर अपनी सर्विस शुरू की। जिस में यह लोग किसी मूवी जा सीरियल को खरीद कर अपने प्लेटफॉर्म पर दिखाते हैं।

What is Netflix orignal :

 जैसा कि हमने बताया के नेटफ्लिक्स  प्रोडक्शन कंपनी से कोई मूवीज टीवी सीरियल खरीद कर अपने प्लेटफार्म पर दिखाता है इसके साथ ही नेटफ्लिक्स  अपना खुद का कंटेंट तैयार कर अपने प्लेटफार्म पर दिखाता है उसे Netflix Orignal कहा जाता है।

जैसे के Stranger Things , Master of None यह content नेटफ्लिक्स का अपना खुद तयार किया हुआ है। इसे हम नेटफ्लिक्स ओरिजनल कहेंगे ।


Netflix in India :

 पहले नेटफ्लिक्स भारत के लिए लॉन्च नहीं किया था लेकिन भारत में जियो के आने के बाद जैसे नेट की स्पीड बड़ी और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी तो नेटफ्लिक्स ने इसे भारत मे भी लांच कर दिया। इसके लिए हाल ही में Netflix के सीईओ ने मुकेश अंबानी का धन्यवाद भी किया था। 

हाल ही में नेटफ्लिक्स  ने भारत के लिए अपनी खुद की टीवी सीरीज Sacred games बी तैयार की है जिसमें सैफ अली खान सुरवीन चावला और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे बड़े सितारे काम कर रहे हैं।

Netflix Subscription :

 जय के पेड़ प्लेटफॉर्म है जहां पर आपको हर महीने सब्सक्रिप्शन देना पड़ता है हालांकि पहले 1 महीने के लिए यह सबके लिए फ्री है मगर उसके बाद नेटफ्लिक्स के तीन अलग अलग पैक हैं जिसमें बेसिक ₹500 और स्टैंडर्ड के लिए आपको ₹650 और आखिर में प्रीमियम पैक के लिए ₹850 देने होंगे।

 बेसिक और स्टैंडर्ड पैक में आपको अल्ट्रा HD नहीं मिलेगा इसके साथ बेसिक में आप एक ही जगह पर मूवी या सीरियल का आनंद ले पाएंगे मतलब के आप जा तो अपने मोबाइल में देख सकते हो या TV या लैपटॉप में। इसके साथ स्टैंडर्ड में आप दो जगह पर एक साथ वीडियोस का नजारा ले सकते हो ।इसके साथ ही प्रीमियम पैक में आप चार जगह पर बैठकर एक ही सब्सक्रिप्शन पैक पर नेटफ्लिक्स के कंटेंट को देख सकते हो।

Difference between youtube and Netflix :


Youtube  एक पब्लिक प्लेटफॉर्म है  इस पर कोई वि अपना वीडियो बना कर अपलोड कर सकता है मगर Netflix  पर ऐसा नहीं होता नेटफ्लिक्स पर हर कोई वीडियो अपलोड नहीं कर सकता , इस पर हम वही देख सकते हैं जो नेटफ्लिक्स वाले हम को दिखाना चाहते है। 

दोस्तों आप को इन में से कौन सा वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अच्छा लगता है हमे कमेंट कर जरूर बताए 

Saturday, 14 July 2018

Why Apple i Phones are so expensive or coustly in india (hindi)

Why Apple i Phones are so expensive or costly in India (Hindi) 

दोस्तो हालहि में apple ने अपना फ़ोन I Phone X लांच किया था। जिस की कीमती भारतीय बाजार के हिसाब से लगभग 90 हज़ार के करीब थी। इस से पहले आने वाले i phones की कीमत भी दूसरे फ़ोन्स के हिसाब से बहुत ज्यादा थी। तो इन को देखते हुए आप सभ के मन मे भी यह ख्याल आया होगा के आखिर apple के फ़ोन्स में ऐसा क्या होता है जिस से इन की कीमत इतनी ज्यादा हो जाती है।
आज हम आप को इन सवालों के जवाब देने वाले हैं।
why i phone apple so expensive or coustly
i phone 7

दोस्तो आप जान कर हैरान हो जाएंगे के i Phones का लोगो मे इतना ज्यादा क्रेज़  है के चीन में एक शख्श ने आई फ़ोन टेन खरीदने के लिए अपनी किडनी वेच दी । इस से पहले एक खबर अमेरिका से आई थी के अमेरिका में एक शख़्स ने आई फ़ोन 6 लेने के लिए अपना घर वेच दिया था।


तो यह तो हो गई apple के क्रेज़ की बात अब हम आप को बताते हैं के एप्पल के प्रोडक्ट इतने महँगे क्यों होते हैं। असल मे इस के पीछे कोई एक कारण नही है , कई ऐसे कारण हैं जिन के चलते इन प्रोडक्ट की कीमत काफी ज्यादा हो जाती है।

Research and Development :

इस कंपनी के समान का इतना महँगा होने के पीछे सब से बड़ा कारण Research and development है। apple हमेशा ही टेक्नोलॉजी की दुनिया मे कुछ नया करने की वजह से जानी जाती है। अगर हम इन के फ़ोन्स में देखे तो सब से पहले Fingerprint sensor , उस के बाद Dual lens cemara और अब Face id sensor इन सब की खोज सब से पहले एप्पल ने ही कि थी। इस के बाद दूसरी कंपनिया ने एप्पल को कॉपी किया।

इस लिए एप्पल अपना बहुत ज्यादा पैसा research के ऊपर खर्च करता है। जब एप्पल ने Dual lens केमरा तयार किया था तो 800 इंजीनियर की टीम इस पर काम कर रही थी।



Processor :

इस कंपनी के प्रोडक्ट का सबसे महंगा होने का दूसरा बड़ा कारण इसका प्रोसेसर है एप्पल अपने iPhone और टैबलेट में अपना खुद का प्रोसेसर देता है वहीं दूसरी तरफ Samsung और Nokia जैसी बड़ी कंपनियां किसी थर्ड पार्टी जैसे Snapdrogan  जा  Helio का प्रोसेसर  इस्तेमाल करती है । जिन के मुकाबले एप्पल का apple A बहुत ज्यादा Powerful होता है।

Retina Display :

Apple के फोन में कंपनी के द्वारा रेटिना डिस्प्ले दिया जाता है ।रेटिना डिस्प्ले एक बहुत ही हाई क्वालिटी का डिस्प्ले है जिसमें दूसरे डिस्प्ले के मुकाबले ज्यादा चमक होती है और इसमें सूरज की रोशनी में भी आसानी से देखा जा सकता है। असल में रेटिना डिस्प्ले में बहुत छोटे-छोटे पिक्सेल होते हैं जिससे इसमें देखना आसान होता है।


Customer satisfaction :

किसी भी कम्पनी के कामज़ाब होने के लिए यह बहुत जरूरी है के उस के Customer उस कम्पनी से संतुष्ट हो। एप्पल भी इसी स्ट्रैटजी पर काम करता है। जब भी किसी ग्राहक को कोई प्रॉब्लम आती है तो कम्पनी उस को जल्द से जल्द solve करती है और ग्राहक को अच्छा response देती है। इस के लिए कम्पनी को ज्यादा Employees की जरूरत रहती है।
जिससे कंपनी को अपने प्रोडक्ट ज्यादा कीमत पर वेचने पड़ते हैं।

Why i phone so costly in India:

भारत में Apple के प्रोडक्ट इसलिए ज्यादा महंगे होते हैं क्योंकि भारत में Custom duty, Central govt tex इसके अलावा State Govt tex लगते हैं। दूसरा भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर है जिसके चलते आई फोन की कीमत भारत में बहुत ज्यादा होती है।

                History of Nokia


हमें उम्मीद है दोस्तों आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा आप एप्पल का कौन सा प्रोडक्ट इस्तेमाल करती हैं हमें कमेंट करके जरूर बताएं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Wednesday, 11 July 2018

How Internet work in hindi (इंटरनेट क्या है इस का मालिक कौन है)

How Internet work in hindi (इंटरनेट क्या है इस का मालिक कौन है)

दोस्तों आज के जमाने में हम 2 घंटे तक बिना कुछ खाए पिए तो रह सकते हैं मगर 2 घंटे इंटरनेट के बिना रहना बहुत मुश्किल है ।क्या आपने कभी सोचा है कि जो इंटरनेट आप रोजाना इस्तेमाल करते हैं वह काम कैसे करता है और इंटरनेट का मालिक कौन है ?
how internet work in hindi
Setup internet

आप में से बहुत लोग यह सोचते होंगे कि इंटरनेट सेटेलाइट के द्वारा काम करता होगा जा केबल के द्वारा काम करता होगा ।तो दोस्तों आज हम आपके इन सारे सवालों के जवाब देंगे और आपको बताएंगे के जो पैसा आप इंटरनेट इस्तेमाल करने के बदले Airtel, Idea जा Jio को देते हैं असल में वह पैसा किस के पास जाता है और कैसे यह पूरा नेटवर्क काम करता है।

How Internet work in hindi (इंटरनेट क्या है इस का मालिक कौन है)

पूरा इंटरनेट असल में तीन भागों में बटा हुआ है जिनके द्वारा हम इंटरनेट इस्तेमाल कर पाते हैं। आपको आसान तरीके से समझाने के लिए हम YouTube का उदाहरण लेते हैं जैसे कि आप अपने घर पर बैठे YouTube पर कोई वीडियो देख रहे हैं वह वीडियो आपको YouTube के सरवर से दिखाई जा रही है । तो दोस्तों जैसे कि आपको पता है कि YouTube का सर्वर अमेरिका में है और जिस कंपनी का इंटरनेट आप इस्तेमाल करते हैं जैसे कि Airtel, Vodafone जा Idea इन सब की पहुंच अमेरिका तक नहीं है ।मगर फिर भी आप वह वीडियो अमेरिका के सरवर से देख रहे हैं इसमें होता यह है के हमारी लोकल कंपनीज हमारा डाटा दूसरी बड़ी कंपनियों को दे देती हैं जो हमारे डेटा को चैन्नई जा मुम्बई तक पहुंचाती है और इंटरनेशनल प्रोवाइडर उस डेटा को आगे अमेरिका तक ले कर जाते हैं। जिनकी द्वारा हम पूरी दुनिया में कहीं भी कुछ भी देख सकते हैं।

Tier 1 : 


जैसे कि हमने बताया की इंटरनेट हमारे तक तीन भागों में से होकर आता है ।उनमें से टीयर वन में वह बड़ी कंपनी होती हैं जो अपने पैसे खर्च कर पूरी दुनिया मैं केवल के माध्यम से एक सरवर को दूसरे सरवर से जोड़ती है ।जैसे कि भारत में टाटा कम्युनिकेशन और रिलायंस जिओ हैं ।जिन ने समुंदर में अपनी खुद की केबल विशआई हुई है।  एक बार केबल बिछाने के बाद इंटरनेट बिल्कुल फ्री होता है बस खर्च उन केबल की रिपेयर का होता है जैसे समंदर में कोई केबल किसी शार्क ने काट दी तो यह लोग उसके साथ बैकअप के लिए कुछ और केवल बिछा कर रखते हैं।  जिससे वह कटी हुई केवल का डेटा ट्रांसफर करते हैं ।

यह जो केवल समंदर में बिछाई जाती है इसको Fiver optical cable  या   submarine केवल कहते हैं इस को बचाने के लिए काफी खर्च आता है। एक बार केबल बिछाने के बाद यह बड़ी कंपनियां उन केवल के माध्यम से जो ट्रैफिक जाता है उनका pr/gb के हिसाब से यह कंपनियां खर्च वसूलती है ।नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप पूरी दुनिया में बिछाई गई फाइबर ऑप्टिकल केबल को देख सकते हैं

Submarine Cable Map


Tier 2 :

 दूसरे नंबर पर वह बड़ी नेशनल कंपनी आ जाती है जो अपनी केवल पूरे देश में बिछा देती है। जिनके माध्यम से बड़े-बड़े शहरों को एक दूसरे से जोड़ा जाता है और उन सबको आखिर में उस पॉइंट पर जोड़ दिया जाता है जहां पर टीयर वन कंपनी में लिंक दिया था ।जैसे कि हमारे भारत में इंटरनेट का 95% ट्रैफिक मुंबई से होकर जाता है इसके अलावा भारत मे भी ऐसे कई सरवर है जिन तक पहुंचने के लिए टीयर वन की जरूरत नहीं पड़ती उन सबके लिए निक्सी नाम की एक कंपनी ने पूरे भारत के सर्वर को जुड़ा हुआ है।

how work internet
cable map

Read this Why jio so cheap ( Jio itna sasta kyu hai )


                 history of samsung in hindi

Tier 3:

  यह वो लोकल कंपनियां होती है जो Tier 2 से लिंक लेकर हमारे लोकल शहर में हमें इंटरनेट मुहैया करवाती है इनमें से जैसे conect, a t t, Countery link  जैसी कंपनियां जो इंटरनेट को हमारे PC या लैपटॉप तक पहुंचाती है ।ऐसे जब हम इंटरनेट पर कोई चीज़ देखते हैं तो हमारा लोकल इंटरनेट प्रोवाइडर हमारा डाटा नेशनल इंटरनेट प्रोवाइडर को भेज देता है और नेशनल इंटरनेट प्रोवाइडर उस डाटा को ऑप्टिकल केबल के के माध्यम से उस सरवर तक भेज देता है।

Owner of internet :

इंटरनेट का मालिक कोई नहीं है सबसे पहले Tier 1 कंपनियां इंटरनेट की खपत के हिसाब से टियर-2 टू से पैसे वसूलते हैं । जितने GB डाटा जिस कंपनी की केबल से गुजरा होता है वह पर जी बी के हिसाब से अपना खर्च वसूलती है ।उसके बाद टियर 2 कंपनियां भी इसी तरह टियर 3 से पैसे वसूलती है और आगे टियर 3 जो हमारे घर तक इंटरनेट पहुंचाता है वोह हम से पैसे वसूलता है । इस तरह यह पैसा 3 भागो में बांटा जाता है।


हमें उम्मीद है दोस्तों कि आपको समझ में आ गया होगा कि इंटरनेट काम कैसे करता है और इसका मालिक कौन है। आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Thursday, 5 July 2018

Jio phone 2 launched price and specifications ( मिलेगा 501 रुपये में जाने आफर)

Jio phone 2


दोस्तों आज मुंबई में अपने इवेंट में मुकेश अंबानी ने जियो फोन का अगला वर्जन लॉन्च कर दिया है जो कि एक के साथ
QWERTY कीपैड के साथ आता है दोस्तों इस फोन की कीमत वैसे तो जियो दोबारा 2999 रखी गई है मगर इस पर एक बहुत ही आकर्षक ऑफर है जिस ऑफर में यह फोन आपको 501 रूपय में मिल सकता है तो चलिए दोस्तों सबसे पहले हम इस फोन की स्पेसिफिकेशन जान लेते हैं।
jio phone 2 hindi


specifications:

इस फोन में आपको 2.4 इंच की डिस्प्ले और इसके साथ 0.3  मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा और 2 मेगापिक्सल रियल कैमरा देखने को मिलेगा जियो फोन 2 का स्क्रीन रेजोल्यूशन 240 * 320 है। इसके साथ ही आपको इसमें 4GB की स्टोरेज और 512 एमबी की रैम मिलती है। इसकी स्टोरेज को आप SD कार्ड लगाकर बढ़ा सकते हैं साथ में ही इसमें आपको 2000 MH की बैटरी मिलती है। इस के साथ साथ आप को NFC और GPS का सपोर्ट भी मिल जाता है।

इस फोन में आपको 15 अगस्त के बाद Facebook WhatsApp और YouTube जैसे कई एप्लीकेशन मिल जाएंगे जियो ने आप अपने इस अपग्रेड वर्जन में Google की कई एप्लीकेशन पर काम किया जो जियो फोन 1देखने को नहीं मिली|

अगर आप जियो फोन 1 से जियो फोन 2में अपग्रेड होना चाहते हैं तो आप 21 जुलाई से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं और यह दो-तीन हफ्ते के प्रोसेस के बाद आप 15 अगस्त से जियो फोन 2 का मजा ले पाएंगे।

offer:


जहां पर जियो ने एक ऑफर रखा है जिसके तहत आप जियो फोन टू को सिर्फ 501 रूपय में खरीद सकते हैं उसके लिए आप के पास जियो का पुराना फोन होना जरूरी है आप पुराना फोन दे कर और साथ में 501 रुपए दे कर जियो का नया फोन खरीद सकते हैं|

यह फोन उन लोगों के लिए है जो लोग बेसिक फोन से स्मार्टफोन की तरफ जा रहे हैं यहां पर जियो ने कहां है कि देश में 35 मिलियन लोग जियो फोन यूज कर रहे हैं जो के एक बहुत बड़ा नंबर है और उन लोगों के लिए जियो फोन 2 एक बहुत अच्छी ऑप्शन है।
तो दोस्तों आप जियो फोन के बारे में क्या सोचते हैं क्या आप को लगता है कि जियो इतनी कीमत मैं अच्छे फीचर दे रहा है अपनी राय हमें कमेंट करके बताएं

Friday, 8 June 2018

5 best ways to earning online in hindi ( make money online )

5 best ways to earning online in hindi ( make money online )


दोस्तों जैसे के आप सब जानते है हम इन्टरनेट के लिए इतने पैसे खर्च करते है . मगर क्या आप को पता है के कुछ लोग इन्टरनेट से पैसे कमाते वी है. जी हाँ दोस्तों कुछ लोग इन्टरनेट से लाखो की हिसाब से पैसे कमा रहे है , तो चलिए मैं आप को ऐसे 5 बेहतरीन तरीके बताउगा जिस से आप बी इन्टरनेट से पैसे कमा सकते है . दोस्तों वैसे तो और वी बहुर तरीके है इन्टरनेट से पैसे कमाने के मगर आज मैं आप को बेस्ट 5 तरीके के बारे में बतौगा . तो चलिए दोस्तों शुरू करते है .


5 best ways to earning online in hindi ( make money online )



1 Youtube:

सब से पहला और बेस्ट तरीका है youtube , इस के लिये आप को youtube पर एक चैनल बनाना होगा , चैनल बनाने क बाद आप को अपनी खुद की विडियो अपलोड करनी होगी अपनी आवाज में , एक बात यहाँ ध्यान देने वाली है के आप किसी दुसरे की विडियो डाउनलोड करके अपने चैनल पे अपलोड नहीं कर सकते , उस को youtube पहचान लेता है वोह अपलोड नहीं होती , अगर हो वी गई तो जिस की आप ने विडियो डाली है वोह youtube को शिकयत करेगा तो आप का चैनल बंद कर दिया जाएगा , विडियो डालने की बाद आप को उस विडियो को शेयर करना होता है जब आप के टोटल दस हज़ार व्यू हो जाते है तो आप अपने चेन्नल monitize कर सकते हो जिस से आप के विडियो के आगे ऐड आना शुरू हो जाएगा जिस से के आप को कमाई होगी 


2 Afilated markiting: 


इस से आप किसी व् इ कमर्स साईट पर जैसे के अमेज़न , फ्लिप्कार्ट वगेरा पर मेम्बरशिप ले सकते है और उन के प्रोडक्ट को वेच कर उस में से अपना कमिशन ले सकते है , इस के लिया आप को पहले मेम्बरशिप लेनी है वोह बिलकुल फ्री है और जो प्रोडक्ट आप को वेचना है उस को सर्च करना है उस के बाद वो कम्पनी आप को उस का एक लिंक देगी आप को उसे शेयर करना है जितने वी लोग उस लिंक से जा कर चीज़े खरीदे गे उस का आप को क्मिशिन मिलेगा 


3.Domain: दोस्तों मैं आप को बता दू के डोमेन एक url होता है , जिसे हम साईट वी कहते है जैसे के www.myindia.com यह एक डोमेन है , कुछ लोग इसे खरीद लेते है जैसे के उद्धरण के तोर पे रेलिन्स जिओ कम्पनी है और यह अपना फ़ोन लांच करने जा रही है और मुझे पता है के यह फ़ोन कम्पनी अपने वेबसाइट पर वेचेगी तो मैंने पहले ही  www.jiophone.com  नाम का डोमेन खरीद लिया , अब कम्पनी यह देखे गी के यह डोमेन किस के पास है आप इस डोमेन पे for selling लिख के छोड़ देगे जब कम्पनी को इस साईट की जरूरत होगी तो वोह आप से सम्पर्क करेगी और आप उस को अपना डोमेन लाखो में वेच सकोगे 




4. Fiver.com यह एक ऑनलाइन साईट है यहाँ आप सब कुछ वेच सकते है , यहाँ पर कम से कम कीमत 5 डोलर होती है किसी वी काम की , अब हम आप को बताते है के इस पर काम क्या क्या होते है , आप यहाँ किसी को website desgine करके दे सकते हो , किसी को आर्टिकल लिखाना होता है आप उस को वोह व् लिख के दे सकते हो अगर आप का फेसबुक पर कोई पेज है जिस के लाखो में लाइक है तो किसी को अपने प्रोडक्ट लोगो में दिखना होता है तो वोह आप को कम से कम 5 डोलर देगा उस के प्रोडक्ट का लिंक शेयर करने के आप ज्यादा वी ले सकते हो मगर कम से  कम 5 डोलर होते है


5. Website: अगर आप के पास अछि नॉलेज है तो आप अपनी खुद की एक website बना सकते हो उस पे अछि पोस्ट डालो जिस को देखने लोग आपकी website पे आए . और फिर आप अपनी website को google adsense से जोड़ना होगा जिस से google आप की साईट पर ऐड देगा आप ने देखा होगा ऐसी बहुत सी websites है जिस पे आप को ऐड दिखती होगी तो उन लोगो को उस ऐड के वी पैसे मिलते है तो दोस्तों आप ऐसे वी इन्टरनेट से पैसे कम सकते है.






आप को मेरा आर्टिकल कैसा लगा मुझे कमेंट करके जरुर बताए और आगे शेयर करे धन्यवाद!

Thursday, 22 February 2018

10 Unsolved Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह)

दोस्तो वैसे तो हमारी पिरथ्वी बहुत ही खूबसूरत है , जहां पर बहुत सी ऐसी खूबसूरत चीज़े और स्थान हैं  । मगर खूबसूरती के साथ साथ कुछ जगह ऐसी भी हैं जो बहुत ही डरावनी और रहस्मयी हैं ।आज हम आप को दुनिया की 10 Unsolved Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह)  के बारे में बताएंगे जिन के बारे में विज्ञानक भी आजतक पता नही लगा सके वोह रहस ही हैं।


1. Nazaca Lines : पेरू में 600 वर्ग किलोमीटर में फैली ऐसी कला आकृतिया बनी हुई हैं जिन को सिर्फ आसमान से ही देखा जा सकता है।

 जिस को Nazaca lines भी कहा जाता है। इस मे 100 ऐसी अलग अलग कला अकीर्तिया हैं जो आकार में काफी बड़ी हैं जिस को आसमान से ही देखा जा सकता है इस मे जानवर , पक्षी और कुछ मुनष्य की आकृतियां भी शामल हैं

 , Nazaca lines को सब से पहले 1930 में देखा गया था । यह हज़ारों साल पुरानी हैं , यह इतनी बड़ी हैं के इन को धरती से कई सौ फीट ऊपर से देखा जा सकता है। इस से जुड़ी सब से हैरान करने वाली बात यह है के इतने साल पहले मनुष्य ने इस आकृतिया का विधि पूर्ण निर्माण कैसे किया होगा ।


2. Megenetic Hills : सोचो अगर आप ने किसी जगह गाड़ी पार्क की हुई है और आप कुछ समय बाद वहां आ कर देखे और आप की गाड़ी वहां ना हो तो आप क्या सोचोगे के आप की गाड़ी किसी ने चोरी कर ली है। मगर भारत के लदाख में ऐसा नही है , लदाख में एक ऐसी पहाड़ी है जो गाड़ियों को आपनी तरफ खींचती है , विज्ञानको का मानना है के इस पहाड़ी में चुम्बकीय शक्ति है जो गाड़ियों को अपनी तरफ खीचती है ।

 अगर आप गाड़ी को न्यूटल छोड़ दे तो ये 20 किलोमीटर पर घंटे की स्पीड से गाड़ी को अपनी तरफ खींच लेती है ।इस चुम्बकीय पहाड़ी से आसमान में उड़ने वाले जहाज़ भी नही बच पाते , जहां पर उड़ान भरने वाले पायलटों का कहना है के जब जहाज़ इस पहाड़ी के ऊपर से गुजरते हैं तो जहाज़ में जोर के झटके महसूस होते हैं , जिस से बचने के लिए वो जहाज़ की रफ्तार बडा देते हैं।

3. Pamukkale Turkey natural hot spring : तुरकी में मजूद pamukkale natural hot springs एक कुदरती गरम पानी के बने झरने हैं , इन की गिनती 17 है जो के वहां पर हज़ारो सालो से हैं , इस पानी मे जो मिनिरल हैं वोह हवा के सम्पर्क में आते ही केल्शियम कार्बोनेट बन जाते हैं , जो इस झरनों के साइड पर हज़ारो सालो से जमा हो रहा है जिस से यह स्विमिंग पूल का आकार ले लेते हैं, इन का तापमान 37 से लेकर 100 डिग्री के वीच रहता है

 जहां पर हर रोज हज़ारो टूररिष्ट आते हैं , कहा जाता है के ऐसे कुदरती गर्म पानी मे नहाने से हमारे त्वचा में निखार आता है।

4. Racetreck : कैलिफ़ोर्निया के रस्ट्रेक में भी एक हैरान करने वाली घटना सहमने आई है जहां पर बड़े बड़े पत्थर आपने आप चलने लगते हैं ,  इस बात ने लंबे समय तक विज्ञानको को भी हैरानी में रखा के आखिर ऐसा होता कैसे है। विज्ञानको ने 20 सितम्बर 2013 में विज्ञानको ने 60 पत्थरो को चलते देखा और उन की फ़ोटो ली। 

काफी समय के शोध के बाद विज्ञानको ने पाया के पत्थरों और धरती के वीच बर्फ की एक बारीक परत होती है , जो धूप से गलने लगती है और पानी के कण हवा के दवाब में आ जाते हैं । जिस से पत्थर अपने आप आगे चलने लगते हैं।
5. Akoigahara Forest : अकोइगहरा का जंगल japan में पाया जाता है। यह जंगल दुनिया का सब से डरावना जंगल है। इस जंगल मे जाना आप बिलकुल पसन्द नही करेंगे। क्यों कि जहां पर लोग घूमने नही मारने आते हैं , अगर आप इस मे जा कर देखे तो आप को जगह जगह लटकती लाशें और जगह जगह बिखरे जूते और बिल्कुल सन्नाटा , इस जंगल के सहमने कोई डरावनी फ़िल्म भी कम डरावनी लगे गी। यह जंगल 1600 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह इतना घना है के इस मे सूरज की एक भी किरण नही जाती। 

दुनिया मे इस जंगल को डरावना जंगल जा Suicide forest भी कहा जाता है। यहां पर मरने वालों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है के जापान सरकार को इस के आगे एक सिग्न बोर्ड लगाना पड़ा जिस पे लिखा है

 के अगर आप जहां मारने के इरादे से आए हैं तो ऐसा मत करे , ज़िन्दगी दुबारा नही मिलती, इस जिन्दगी में किसी की मदद करें। साल 2010 में ही जहां पर 265 लोगो ने आत्म हत्त्या की थी।
6. Easter island : यह चिल्ली देश का एक ऐसा दीप है जहां पर 600 पत्थर की मूर्तिया रखी हुई है। इन को मोवोई नाम से पुकारा जाता है। इन मूर्तियो को हथोड़े से तोड़ने पर भी इन मे छोटी छोटी खरोंचे ही आती है। यह मूर्तियो कई टन वजनी और काफी बड़ी बड़ी हैं ।

 यह मूर्तिया हज़ारों सालो से जहां पर है। मगर आज तक यह कोई नही जान पाया के इन को जहां पर किस ने और किस लिए रखा है। हैरान करने वाली बात यह है के इस दीप पर अबतक किसी इंसान के रहने के कोई सबूत नही मिले तो यह मूर्तिया यहाँ पर आ कैसे गई, इन मे से कुछ का वजन 100 टन से भी ज्यादा है और 30 से 40 फुट ऊंची हैं ।

7. Palmar Sur Airport : एक फ्रूट कम्पनी ने जब आपने प्लांट को स्थापित करने के लिए खुदाई करी तो उन्हें धरती के नीचे से गोल आकार के 700 पत्थर मिले।

 जिन को Shaphere stone balls भी कहा जाता है। इन का वजन 20 टन से भी ऊपर है और इन मे से कुछ का डायमीटर 7 फुट तक है। यह पत्थर हज़ारो साल पुराने हैं , हैरान करने वाली बात यह है के आज से हज़ारो साल पहले इंसान के पास ऐसा कोई उपकरण नही था जिस से पत्थरो को बिल्कुल गोल आकार दिया जा सकता था। कुछ विज्ञानको का मानना है के यह पत्थर पानी मे तैर कर आ गए जिस से इन का आकार गोल हो गया।
8. Maracaibo Lake Vanazuela : वेनेजुएला में मरकैबो नाम की एक झील है, जहां पर दुनिया की सब से तेज़ बिजली चमकती है, जहां प्रति वर्ग किलोमीटर में हर साल 2500 बार बिजली चमकने का रिकॉर्ड है।

 मई से लेकर ओकटुबेर तक जहां एक रात में 250 बार बिजली चमकती है। जिस के कारण लोग इस नज़ारे को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं।
9. Roop Kund lake: उत्तराखंड में एक रूप कुंड नाम की झील है जो पहाडों के बीचों बीच है , सर्दियो में इस झील का पानी जम्म जाता है मगर गर्मिया आते ही बर्फ पिघल कर यहां एक झील बन जाती है।

जहां पर पहुचने का रास्ता काफी मुश्किल भरा है , 1942 में कुछ लोग काफी मुश्किल के बाद यहां पहुंचे तो उन्हो ने देखा के यहां चारो तरफ इंसान के कंकाल बिखरे पड़े थे , तब से लेकर आज तक यह एक रहस्य बना हुआ है के जब इंसान यहां तक पहुंच ही नही सकता तो यह कंकाल यहां आए कैसे।
10. Old faithful : Yello stone national park USA में दुनिया के सब से ज्यादा गर्म पानी के फुफ़ारे हैं  जिन की natural geajer भी कहा जाता है।

 जिस में गर्म पानी अपने आप ही फुफ़ारे के रूप में बाहर आता है।  yello stone park में ऐसे 300 फुफ़ारे हैं इन मे से सब से famous है old faithful। यह फुफ़ारे कई फुट ऊँचा है और इस मे ऐसे विस्फोट होते ही रहते हैं मगर विज्ञानक इस बात से हैरान है के अबतक इस मे से पानी के साथ कभी भी कोई मलवा बाहर नही आया है। old faithful आप को बहुत सारी हिंदी और अंग्रेजी फिल्मो में भी देखने को मिलेगा।
तो दोस्तो यह थे दुनिया 10 Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह) स्थान जिन के बारे में विज्ञानक आजतक तक पता नही लगा सके ।आपको हमारे आर्टिकल कैसे लगते हैं हमे कमेंट करके बताए , अपना कीमती समय देने के लिए आप का धनयवाद ।
read this

Bhopal Gas Tragedy(History) In Hindi( भोपाल गेस कांड )