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Thursday, 7 June 2018

Biography of Mujeeb Ur Rehman (Mystery Spiner) in hindi ( मुजीब उर रहमान की जीवनी)

Biography of Mujeeb Ur Rehman (Mystery Spiner) in hindi ( मुजीब उर रहमान की जीवनी):

  
Mujeeb Ur Rehmaan 

दोस्तों आज मैं जिस शख्स की बात करने जा रहा हूं वह क्रिकेट की दुनिया का एक चमकता सितारा है ।जिसने यह मुकाम बहुत ही छोटी उम्र में हासिल कर लिया है दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं अफगानिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर मुजीब उर रहमान की, जो कि हाल ही में चले इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेले और अपनी गेंदबाजी से सबको हैरान कर दिया।

यह 17 वर्षीय खिलाड़ी बहुत ही अच्छा खेला जिसके सामने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े खिलाड़ी जैसे एबी डिविलियर्स , विराट कोहली और केन विलियमसन जैसे दिग्गज भी ढेर हो गए ।तो चलिए दोस्तों आज हम आपको मुजीब उर रहमान की जिंदगी की पूरी कहानी शुरू से बताते हैं।


जन्म और बचपन :मुजीब उर रहमान का जन्म 26 मार्च 2001 को अफगानिस्तान के खोस्त मैं हुआ।  जब मुजीब सिर्फ 3 महीने के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया घर में बहुत ज्यादा गरीबी होने के कारण मुजीब ज्यादा पढ़ लिख नहीं पाए ,यही वजह है कि आज भी मुजीब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करते हैं तो अपनी भाषा पास्तो मैं ही बात करते हैं उनके कोच आगे उसको अंग्रेजी में बदलकर बताते हैं।

मुजीब उर रहमान एक लेग स्पिनर हैं अपनी 17 वर्षीय उम्र में इतनी कारगर गेंदबाजी से मुजीब ने सबको प्रभावित किया है अगर हम मुजीब के शरीर की बन्त्र बात करें तो  उनका कद 5 फुट 11 इंच है इसके अलावा बाइसेप्स का आकार 14 इंच और छाती का आकार 40 इंच है इसके अलावा आंखें भूरे रंग की है।

मुजीब को छोटी ही उम्र से क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था जिसके चलते वह अपनी गेंदबाजी को निखारते गए, एक इंटरव्यू में मुजीब ने बताया के जो वह कैरम बाल डालते है वह बाल उन्होंने भारत के जाने-माने स्पिनर अश्विन से उनकी वीडियो देखकर सीखी है । इसके अलावा मुजीब एक ही ओवर में 5 तरीके की बाल डाल सकते हैं जिसके चलते मुजीब को मिस्ट्री स्पिनर के नाम से भी बुलाया जाता है।

Cricket Career :मुजीब ने अपने एक दिवसीय क्रिकेट कैरियर की शुरुआत 5 दिसंबर 2017 को आयरलैंड के खिलाफ की,  इसके अलावा 5 फरवरी 2018 को अपने T20 कैरियर की शुरुआत जिंबाब्वे के खिलाफ खेलकर की ।मुजीब ने अब तक 43 एक दिवसीय और 38 T20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने अपनी मिस्ट्री गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया है।

घरेलू लीग्स : इसके अलावा अगर हम मुजीब उर रहमान की लीग मैं बात करें तो 2017 में मुजीब उर रहमान स्पीन घर क्षत्र के लिए खेले जिसके बाद 2017 में ही बूस्ट डिफेंडर्स और उसके बाद इसी साल बांग्लादेश प्रीमियर लीग और 2017 में ही कामिला विक्टोरिया और हाल ही में 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग में खेले

Lifestyle : अगर हम मुजीब और रहमान की लाइफस्टाइल की बात करें तो मुजीब अभी कुंवारे हैं इसके अलावा उनके पसंदीदा खिलाड़ी अफगानिस्तान के ही स्पिनर राशिद खान हैं


Property :मुजीब के पास 2018 में कुल संपत्ति 30000000 है मुजीब के बारे में एक बात बहुत मशहूर है के जे दुनिया का सबसे कम उम्र का करोड़पति है जिसने अपनी मेहनत पर इतनी संपत्ति बनाई है।


तो दोस्तों यह तो थी अफगानिस्तान की मिस्ट्री स्पिनर मुजीब उर रहमान की जिंदगी की कहानी हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगती होगी आप हमें कमेंट करके हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Saturday, 14 April 2018

Biography of Parmish Verma in hindi परमिश वर्मा की जीवनी

Biography of  Parmish Verma in hindi परमिश वर्मा की जीवनी  : 


दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं उस कलाकार कि जिसकी लुक्का हर कोई दीवाना है आज हर दूसरा लड़का परमेश वर्मा की increase the bread ट्रेण्ड में दाढ़ी रख कर  घूम रहा है परमेश  वर्मा आज पंजाब के  मशहूर डायरेक्टर एक्टर और पार्ट टाइम सिंगर भी है 



 तो चलिए दोस्तों आज हम आपको परमेश वर्मा की पूरी जीवनी बताते हैं परमेश वर्मा का जन्म जुलाई को पटियाला में हुआ उनके पिता का नाम डॉक्टर सतीश वर्मा है परमेश वर्मा को बचपन से ही अदाकारी का बहुत शौक था क्योंकि उनके पिता सतीश वर्मा एक जाने-माने फिल्म राइटर और एक थिएटर कलाकार थे 
 इसके साथ-साथ परमिश वर्मा के पिता पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे जिसके चलते बे यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को प्ले की रिहर्सल कराया करते थे जोके अक्सर उनके घर पर होती थी 

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मगर उसके कुछ समय बाद ही परमेश वर्मा ऑस्ट्रेलिया चले गए और वहां उनकी शादी हो गई जिसके बाद परमेश वर्मा के लिए एक्टर बनने का सपना सदा के लिए टूट गया मगर परमेश वर्मा ऑस्ट्रेलिया में नहीं रहना चाहते थे जिसके कुछ समय बाद ही परमेश  ने अपने पिताजी से  बात की और वापस भारत आ गए परमेश वर्मा के पिताजी की पंजाब के मशहूर सिंगर गुरदास मान के साथ अच्छी दोस्ती थी जिसके लिए परमेश  के पिता ने परमेश को काम दिलाने के लिए गुरदास मान के पास मुंबई भेज दिया मगर वहां गुरदास मान के बेटे गुरकीरत मान के कहने पर परमेश वर्मा ने एक्टिंग छोड़ कर वीडियो directing की तरफ अपना ध्यान दिया जिसके बाद परमेश वर्मा वापस पंजाब आ गए क्योंकि मुंबई में नए बंदे सेट होने में काफी समय लग जाता है जिसके बाद उन्होंने पंजाब  आकर विनय पाल बुट्टर के साथ अपना पंजाबी गाना माफीनामा दो शूट किया जोके फ्लॉप रहा 


जिसके बाद परमेश वर्मा को काफी दुख हुआ मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और Ninja के साथ अपना अगला गाना आदत शूट किया जिसमें उन्होंने एक्टिंग वी की और और यह गाना  सुपरहिट रहा उसके बाद निंजा के साथ ही अगला गाना कला कला ठोक दा रहा शूट किया जिसको लोगों का जबरदस्त रिस्पांस मिला इसके साथ ही परमेश ने मनकीरत औलख के साथ जुगाड़ी जट गल्ला मिट्टियां गाने शूट किए  जिनके YouTube पर मिलियन में व्यू हुए और परमेश वर्मा स्टार बन गए  जिसके बाद परमेश वर्मा ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज परमेश वर्मा म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं आज किसी भी गाने को हिट कराने के लिए परमेश वर्मा का नाम ही काफी है


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तो दोस्तों यह थी परमेश वर्मा की कहानी हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा आगे से ऐसे आर्टिकल की अपडेट पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें ताकि हम जब भी कोई आर्टिकल अपडेट करें तो आपको Facebook पर उस आर्टिकल का लिंक लिंक मिल सके अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Saturday, 31 March 2018

Biography of Roman Reigns (WWE) रोमन रेन्स की जीवनी

Biography of Roman Reigns (WWE) रोमन रेन्स की जीवनी  :


  दोस्तों रेसलिंग का खेल पूरी दुनिया में बहुत ही हरमन प्यारा खेल है यूं तो सदियों से बड़े-बड़े खिलाड़ी इस खेल को खेलते आ रहे हैं मगर आज मैं जिस खिलाड़ी की बात करने जा रहा हूं उसने रेसलिंग की दुनिया में थोड़े ही समय में अपना बहुत नाम कमा लिया है जी हां दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं रोमन रेन के बारे में । रोमन रेसलिंग की दुनिया का एक चमकता सितारा है जिसके दुनिया में लाखों की गिनती में फैन है आज मैं आपको रोमन की जिंदगी पूरी कहानी बताने वाला हूं तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।
रोमन ने रेसलिंग की दुनिया में अपना प्रवेश 2010 में किया जिसके बाद कुछ ही समय में रोमन ने अपना नाम पूरी दुनिया में कमा लिया रोमन का पूरा नाम लेटी जोसेफ जॉय अनामी है। जिस को अक्सर लोग उनके रिंग नेम रोमन रेंस के नाम से जानते हैं।
रोमन का जन्म 25 मई 1985 को फ्लोरिडा में हुआ रोमन रेंस अनामी फैमिली से बिलोंग करते हैं जिस फैमिली से पहले भी कई पहलवान रह चुके हैं । जिनमें से उनके पिता सीखा अनामी और भाई रोजी भी पेशे से पहलवान रह चुके हैं । मशहूर रेसलर रोक भी इस फैमिली से बिलोंग करते हैं रोमन को बचपन में फुटबॉल खेलने का बहुत शौक था जिसके लिए उन्होंने 4 साल स्कूल के लिए फुटबॉल खेला 2008 में रोमन ने केनेडा के लिए फुटबॉल खेला यहां पर रोमन को 99 नंबर की जर्सी दी गई । वहीं से रोमन को एक पहचान मिल गई आगे चलकर 2010 में रोमन रेंस WWE के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।
9 सितंबर 2010 को रोमन रेंस अपना पहला रेसलिंग मैच खेला जिसमें उन्होंने अपना रिंग नेम रोमन लियाकी रखा ।

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शुरू में रोमन रेंस की रेसलिंग की शुरुआत बहुत खराब रही रोमन अपनी कैरियर के पहले 3 मैच हार चुके थे लेकिन 21 सितंबर 2010 को उनका जय हार का सिलसिला टूटा और उन्होंने फहद रकमन को हराया ।

आगे चलकर रोमन ने 2011 में डोली मार्को के साथ मिलकर टैग टीम की एक जोड़ी बनाई लेकिन यह जोड़ी भी कुछ खास नहीं कर पाई और रोमन को हार पर हार मिलती जा रही थी।  अब तक रोमन के साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा था लेकिन रोमन ने अपनी जिंदगी में हार मानना नहीं सीखा था जिसकी बदौलत वह आगे बढ़ते रहे और 2012 का साल उनके लिए बहुत अच्छा रहा रोमन ने 2012 की जनवरी में फ्लोरिडा हैवीवेट चैंपियन अपने नाम की उसी साल रोमन ने 5 फरवरी को डीन एंब्रोस और सेठ रोलिंस को भी मात दे डाली आगे चलकर जब WWE ने फ्लोरिडा चैंपियनशिप रेसलिंग के नाम को बदलकर NXT कर दिया तो रोमन ने वी अपना नाम रोमन लियाकि से बदलकर रोमन रेंस कर दिया ।
जिस नाम से आज रोमन को पूरी दुनिया में लाखों लोग जानते हैं इसी नाम से उन्होंने पहली बार WWE में CJ पारकर को हराया।

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दिसंबर 2012 में रोमन रेंस ने डीन एंब्रोस और सेठ रॉलिंस के साथ मिलकर एक टैग टीम बनाई जिसका नाम उन्होंने द शील्ड रखा। इस टीम ने बहुत मैच जीते जय टीम 2012 से लेकर 2014 तक चली 2014 में रोमन और सेठ रोलिंस के बीच विवाद हो गया । जिसके बाद द शील्ड टूट गई और 21 सितंबर को सेठ रोलिंस और रोमन के बीच मैच होना था मगर रोमन की सर्जरी की वजह से रोमन रेंस ने जय मैच नहीं खेला और सेठ रोलिंस को विजेता घोषित कर दिया गया । मगर 2014 में रोमन ने फिर से रिंग में वापसी की इसी साल रोमन को सुपरस्टार ऑफ द ईयर भी घोषित किया गया ।

3 अप्रैल 2016 को एक बहुत ही बड़े मैच में रोमन ने ट्रिपल एच को हराकर वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप अपने नाम की इसके अलावा उन्होंने यूनाइटेड स्टेट चैंपियनशिप भी जीती।
Roman Region faimly : आज हम रोमन की फैमिली और निजी जिंदगी की बात करें तो रोमन ने 2014 में गैलिना बेकर से शादी कि जिसके बाद रोमन के घर एक बेटी ने जन्म लिया जिसका नाम जिओलेनोई है।
तो दोस्तो यह थी रोमन रेंस की जिंदगी की कहानी , आप को हमारा आर्टिकल कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएं।

Sunday, 25 February 2018

Biography ,Record, Income,and faimly of virat kohli in hindi विराट कोहली की जीवनी

 Biography, Record, Income, and family of Virat Kohli in Hindi विराट कोहली की जीवनी 

biography of virat kohli hindi

दोस्तों आज के इस समय में दुनिया में ऐसा कोई cricket प्रेमी नहीं है जो Virat Kohli के बारे में ना जानता हो , जिस तरेह विराट कोहली ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर क्रिकट में अपना नाम बनाया है उस को देखते हुए भारत के पूर्व कप्तान महिंदर सिंह धोनी के कप्तानी छोड़ते ही विराट को भारत का कप्तान बना दिया गया है , 

कुछ क्रिकट विशेसक तो विराट को भविख का सचिन तेंदुलकर मानते हैं , क्यों की विराट सचिन की तरेह ही बहुत ही सूझ बूझ के साथ बल्लेवाजी करते हैं , तो चलिए दोस्तों आज हम इस प्रतिभा शाली खिलाडी की जिन्दगी को शुरू से जानते हैं ,

Biography,Record,Income,and faimly of virat kohli in hindi विराट कोहली की जीवनी 


विराट कोहली का जनम 5 नवम्बर 1988 को दिल्ही के एक पंजाबी परिवार में हुआ , विराट के पिता पेशे से एक वकील हैं और उन की माता एक housewife है , विराट आपने 3 बहिन भैएओ  में से सब से छोटे हैं , विराट का बचपन दिल्ही की उतम नगर की गलियो में गुजरा ,और विराट ने अपनी शिक्षा विशाल भारती स्कूल से ग्रहण की , विराट की क्रिकट में रूचि देख कर उन के पड़ोसियो ने विराट के पिता को विराट को किसी क्रिकट अकैडमी में भेजने को कहा ,

 जहाँ पर वोह क्रिकट को प्रोफेशन बना कर अपना पूरा ध्यान अपनी गेम पर दे , 9 वर्ष की उम्र में विराट कोहली ने Delhi cricket academy में ज्वाइन किया , और उनको राज कुमार शर्मा ने ट्रेनिंग दी , विराट क्रिकट के साथ ही पढाई में भी बहुत हुश्यार थे , विराट को उन के अधिअप्क , पड़ोसियो और उन के परिवार का खूब साथ मिला ,

विराट ने क्रिकट में आपनी पहली वार शुरुआत Delhi  U15 में ओक्टुबर 2002 में की , जब उनोह ने Polly Umirgar Trophy खेली , और 2004 के अंत तक विराट कोहली U17 में अपनी जगह पक्की कर चुके थे , Vijay Merchant Traphy में विराट ने 4 मेचो की सीरज में 450 रन बनाए ,

सब कुछ विराट कोहली के हिसाब से सही चल रहा था मगर 18 दसम्बर 2006 में विराट के पिता की मृतु हो गई जिस का  विराट के जीवन पर बहुत गहरा असर पढ़ा, हालहि में विराट ने आपनी एक इंटरव्यू में बताया “ जब मेरे पिता जी की मिरतु हुई तो वोह समय मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत मुश्किल भरा था , मेरा सब से बड़ा सहारा मेरे पिता जी थे , उनोह ने मुझे सब से ज्यादा सपोर्ट किया, मेरे पिता जी मेरे साथ रोज क्रिकट खेलते थे , उस समय को याद कर मेरी आज भी आँखे नम हो जाती हैं और मुझे आज भी पिता जी की कमी महसूस होती है”

विराट को जुलाई 2006 में U19 में चुन लिया गया , उन का पहला विदेशी टूर इंग्लैंड था , इस एक दिवस सीरज में विराट कोहली ने 3 मैचों की सीरज में 105 रन बनाए थे  आगे चल कर मार्च 2008 विराट कोहली भारत की U19 टीम के कप्तान बन गे ,मलेशिया में हुए U19 worldcup में विराट ने बहुत अछि कप्तानी की

2009 में विराट कोहली को पहली श्रीलंका के दौरे पर भारत की क्रिकट टीम में जगह मिली उस वक़्त जब भारत के पहले ओपनर बल्लेवाज सचिन और सहवाग चोट के चलते नहीं खेले तो विराट को उन की जगह खेलने का मौका मिला और विराट ने यह मौका न गुवाते हुए अपना पहला अर्ध शतक मारा था और उस में भारत की जीत हुई थी , तब से लेकर विराट ने कभी भी पीछे मुड कर नहीं देखा , और आज विराट कोहली भारत के तीनो फोर्मेंट के कप्तान बन चुके हैं ,

विराट कोहली का कहना है के मैं कभी भी सहमने वाले गेंदवाज को देख कर यह नहीं सोचता के वोह कितना बड़ा गेंदवाज है मैं सिर्फ यह सोचता हूँ के मेरे पीछे मेरे करोड़ो fans का आशीर्वाद है

Virat Kohli’s faimly:

 विराट कोहली के पिता का नाम प्रेम कोहली था जो के वकील थे 2006 में उन की मौत हो गई , विराट की माता का नाम सरोज कोहली और बड़ी बहिन भावना कोहली और एक बड़ा भाई विकास कोहली है , हालहि में विराट ने अपनी दोस्त Anushka sharma से शादी कर ली है .

Virat Kohli Records and centries


विराट कोहली ने अबतक 66 टेस्ट मैच , 208 ODI , 57 T20 और 149 IPL के मैच खेलें हैं जिन में से वेह टेस्ट में 7 वार , ODI में 28 ,T20 में 10 और IPL में 11 वार मेन ऑफ़ थे मैच बने हैं .

Virat kohli’s income :



 विराट कोहली की worth income $60 मिलियन है जनि के 382 करोड़ और उनकी एक साल की आमदन $19 मिलियन है , इस के इलावा विराट कोहली के पास 6 लक्ज़री कारें हैं जिन की कीमत 9 करोड़ है  जिन में Mercedes, Audi, BMW and Volkswagen जैसी कारें हैं इन में से कुछ विराट की अपनी खरीदी हुई हैं कुछ स्पोंसर के दुवारा गिफ्ट की गई हैं , इन के इलावा विराट के पास अपने दो लक्ज़री हाउस हैं एक मुंबई और एक दिल्ही में .


तो दोस्तों यह थी विराट कोहली की जीवनी हमे उम्मीद है आप को हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा , हमे कमेंट करके आप हमारा मनोबल बड़ा सकते हैं , अपना कीमती समय देने के लिए आप का बहुत बहुत धनवाद .
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Thursday, 15 February 2018

biography of Milkha singh (The flying Sikh)

              Biography of milkha singh(मिल्खा सिंह की जीवनी )
मिल्खा सिंह यह एक ऐसा खिलाडी था जो भागता नहीं था उड़ता था , जिस के लिए मिल्खा सिंह को “The flying Sikh” भी कहा जाता है ,
biography of Milkha singh (The flying Sikh)


बचपन : मिल्खा सिंह का जनम 1935 में पाकिस्तान के लिआलपुर में हुआ , मिल्खा सिंह का बचपन पाकिस्तान में ही गुजरा  मगर जब देश का बटवारा हुआ तो पाकिस्तान में वी दंगे शुरू हो गे और मिल्खा सिंह के माता पिता को मिल्खा सिंह की आँखों के साह्मने कतल कर दिया गिया , और मिल्खा सिंह आपने भागने के हुनर के दम पर ही इन दंगो से बच सके , मिल्खा सिंह ने आपनी एक इंटरव्यू में बताया था के जब उन के पिता को मारा जा रहा था तो उन के मूह से आखरी बोल निकले थे “ भाग मिल्खा भाग “ जिस के लिए मिल्खा सिंह वह से भागे और भारत आ गए ,

भारत में आ कर मिल्खा सिंह आर्मी में भारती हो गए , उस वक़्त यह कोई नहीं जानता था के यह दुगला पतला सा दिखने वाला सरदार एक दिन ऐसे हवा में उड़ने लगे गा के लोग इसे “ The flying sikh” कह कर पुकारे गे ,

 Biography of milkha singh(मिल्खा सिंह की जीवनी )


बात 1951 की है जब आर्मी में एक पालटून की क्रॉस कंट्री रेस होनी थी जिस में मिल्खा सिंह ने वी भाग लिया था , इस रेस में 500 रेसर थे , मगर जब यह रेस पूरी होई तो मिल्खा सिंह पहले 10 रेसर में से एक थे , बस वही वोह वक़्त था जिस से मिल्खा सिंह की तकदीर बदली , मिल्खा सिंह जिस को पहले कोई नहीं जानता था वोह एक रात में स्टार बन गे ,

आगे चल कर आर्मी में होलदार गुरदेव सिंह ने इन का मार्ग दर्शन किया , और बिग्रेदीअर जोहन अब्राहम जो अब रटेर हो चुके हैं उन से वी मिल्खा सिंह को बहुत प्रोत्साहन मिला ,

1956 को पहली बार मिल्खा सिंह भारत की तरफ से मेलबोर्न ओलम्पिक्स में खेले , उस वक़्त मिल्खा सिंह के पास वोह अनुभव नहीं था जो इसे अन्तराष्ट्री पद पर एक गोल्ड मैडल जिता सकता ,

1958 में एशियन गेम्स में मिल्खा सिंह 200 मीटर और 400 रेस में गोल्ड मैडल जीता , उसी साल comonwelth games में 400 मीटर की रेस में  एक और गोल्ड मैडल .

The flying sikh title : 1960 में पाकिस्तान की तरफ से मिल्खा सिंह को निओता आया मगर मिखा सिंह पाकिस्तान नहीं जाना चाहते थे क्यों की पाकिस्तान वोह धरती थी जिस पर मिल्खा सिंह का बचपन बीता था मगर पाकिस्तान वोह धरती वी थी

 जहाँ पर इनोह ने बहुत ही खौफनाक मंजर देखे थे जो इन का दिल देहला चुके थे , और यह उन यादों में वापस नहीं जाना चाहते थे , मगर उस वक़्त के परधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के कहने पर मिल्खा सिंह पाकिस्तान गए ,
biography of Milkha singh (The flying Sikh)


पाकिस्तान में यह 400 मीटर की रेस थी उस वक़्त के सब से वरिष्ठ धावक अब्दुल खलीफ के साथ यह रेस थी , उस वक़्त सभी यह सोच रहे थे के यह पतला दुगला सरदार कैसे अब्दुल खलीफ के साथ मुकाबला कर सके गा , मगर जब यह रेस शुरू होई थो मिल्खा सिंह ने सभ को गलत साबत कर दिया , और अब्दुल खलीफ को बुरी तरेह से हरा दिया ,satedium में बेठी हज़ारो बुरका पहने औरतों ने अपना निकाब हटाया और इस उड़ते हुए सरदार की झलक देखि

और उस वक़्त के पकिस्तान के जनरल अजूब खान ने कहा के मिल्खा सिंह भागा नहीं , हवा से बातें करता हुआ उड़ा है , वही से मिल्खा सिंह को यह टाइटल द फ्लाइंग सिख मिला ,
1960 के रोम ओलम्पिक में मिल्खा सिंह थोड़े ही मार्जन  से मिल्खा सिंह  मेडल से बंजित रह गे जिस के बारे में मिल्खा सिंह आज वी आपने इंटरव्यू में कहते हैं के जो मैडल उस वक़्त हमारे हाथ से छूट गया आज कोई ऐसा खिलाडी पैदा हो जो उस को वापस ली आए ,

Milkha singh’s faimly : मिल्खा सिंह का विवाह निर्मल कौर (wife) से हुआ था जो भारतीय वोलीबाल टीम की कप्तान रह चुकी हैं , इन का बेटा (son) जीत्मिल्खा सिंह एक जाना मान गोल्फर है , 

Facts about milkha singh’s life : मिल्खा सिंह ने अबतक 80 races लगाईं हैं जिस में से 77 जीती है , यह अबतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है अबतक किसी वी खिलाडी ने इतनी races नहीं जीती ,
मिल्खा सिंह पाकिस्तान में अपने स्कूल से घर भाग कर जाते थे जो के उस वक़्त 10 किल्लोमीटर दूर था ,
1958 में मिल्खा सिंह पहले ऐसे भारतीय थे जीनो ने आजाद भारत को पहली वार गोल्ड मैडल दिलाया था ,
मिल्खा सिंह की जिन्दगी पर एक एक bollywood की movie बन चुकी है जिस का नाम है “bhag milkha bhag” जिस में फरहान अख्तर ने मिल्खा सिंह का रोल किया है ,

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दोस्तों यह थी मिल्खा सिंह की कहानी आप को हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमे कमेंट करके जरुर बताएं , 

Sunday, 11 February 2018

Biography of Bill Gates ( History of Microsoft)


Biography of Bill Gates ( History of Microsoft)
“गलतिया तो सब से होती हैं मगर जो आदमी गलतियो को सुदारने की कोशिस करता है वही जिन्दगी में सफल होता है  “यह कहना है दुनिया के सब से अमीर विअकती Bill Gates का , जो आपनी मेहनत और लगन के बल पर आज इस दुनिया के सब से अमीर आदमी हैं , कहा जाता है के Bill Gates के पास आज इतना पैसा है के अगर वोह अपना अलग देश वी बना ले तो वी वोह दुनिया का 37व सब से अमीर देश होगा ।

total property of bill gates : बिल गेट्स की अगर कमाई की बात करे तो वोह दुनिया के सब से अमीर आदमी हैं जिन की सम्पति 80 बिलियन डोलर है , अगर हम रुपे की बात करें तो बिल गेट्स एक दिन में 102 करोड़ रुपे कमाते हैं , कहा जाता है के अगर बिल गेट्स अपनी सम्पति का सारा पैसा दुनिया में बांटे तो हरेक आदमी के पास 5000 रुपे आ जाएंगे ,

Biography of Bill Gates: बिल गेट्स का पूरा नाम William Henry Gates है , उन का जनम 28 ओक्टुबर 1955 में washington में हुआ था . बिल गेट्स के पिता पेशे से एक मशहूर वकील थे , जिस के कारण वोह वी चाहते थे के उन का बेटा वी बड़ा हो कर एक मशहूर वकील बने , जिस के लिए उन के माता पिता ने बिल को वह के सब से बड़े स्कूल leckside school में दाखला दिला दिया , मगर बिल गेट्स का पढाई में मन नहीं लगता था उन का ध्यान स्कूल में लगने वाली कंप्यूटर क्लास में होता था जिस को वोह ध्यान से सीखते थे , बिल गेट्स को कंप्यूटर सीखने से ज्यादा कंप्यूटर कैसे काम करता है उस पर ज्यादा ध्यान होता था .

आपनी 13 साल की उम्र में ही बिल गेट्स ने एक गेम बनाया जिस का नाम Tic Tac Toe था , जो के कंप्यूटर में काम करता था . इस गेम को कोई वी आदमी इकेला खेल सकता था , इसी के दौरान बिल गेट्स को एक दोस्त मिला जिस का नाम Pual Ellon था, दोनों अपना सारा वक्त स्कूल की लैब में बताते थे , मगर कुछ समय बाद स्कूल वालों ने दोनों को स्कूल की कंप्यूटर लैब में जाने की पाबंदी लगा दी , क्यों की उनोह ने लैब के कई कंप्यूटर के प्रोग्राम के साथ छेड़ छाड़ की जिस के चलते वोह कंप्यूटर खराब हो गए थे , मगर थोड़े समय बाद उन को लैब में जाने की अनुमति मिल गई मगर इस बार शर्त यह थी के वोह प्रोग्राम में से error निकाले गे . बाद में बिल गेट्स ने स्कूल वालों के लिए एक सॉफ्टवेर बनाया जो स्कूल के टाइम टेबल में काम आता था ,

15 साल की उम्र में बिल गेट्स और उन के दोस्त पॉल एलन ने एक और सॉफ्टवेर बनाया , जो शहर के ट्रैफिक पर नज़र रखता था , इस खोज के लिए बिल गेट्स और उस के दोस्त पॉल एलन को 20 हज़ार डोलर मिले जो के उन की पहली कमाई थी ,
आपनी स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद बिल गेट्स ने Hawerd University में दाखला ले लिया , बिल गेट्स का ध्यान पढाई में बिलकुल नहीं लगता था वोह आपनी एक बड़ी कम्पनी खोलना चाहते थे , जिस के लिए बिल गेट्स ने बिना Greduation  आपनी पढाई छोड़ दी और आपनी कम्पनी की तरफ ध्यान देने लगे ,

Microsoft की शुरुआत :  26 नवम्बर 1976 को उनो ने microsoft को registered कराया , सब से पहले microsoft कंप्यूटर प्रोग्राम बनाया करती थी , मगर कुछ समय बाद microsoft गेमिंग , मोबाइल , और बहुत सारे product बनाने लग गई , और आज microsoft दुनिया की सब से बड़ी कम्पनी है ,

Interesting fact
बिल गेट्स  कहते हैं के उन की कम्पनी की सम्पति पर उन के बचों का कोई हक नहीं है ,, बिल गेट्स का मानना है के वोह आपने बचों को अची सिक्षा देंगे , आगे चल कर उन को आपने रस्ते खुद बनाने हैं
बिल गेट्स बचपन से ही जरूरत मंद लोगो की मदद करते थे , आज वी वोह गरीब और जरूरत मंद लोगो के लिए हर साल करोड़ो रुपे दान कर देते हैं ,

बिल गेट्स का कहना है के “अगर आप गरीब परिवार में जन्मे हैं तो यह आप की गलती नहीं है अगर आप सारी जिन्गदी गरीबी में ही बिता देते हैं और गरीब ही मर जाते हैं तो यह आप की गलती है “ 
तो दोस्तों यह थी बिल गेट्स के जीवन की कहानी आप को यह कहानी कैसी लगी हमे कमेंट करके जरुर बताए , धन्यवाद



Wednesday, 7 February 2018

Biography of Chris Gayle in hindi (कैसे कचरा उठाने वाला बना करोड़पति)

दोस्तो Chris Gayle क्रिकेट की दुनिया का एक चमकता सितारा , क्रिस गेल को आज कौन नहीं जानता मगर इस मुकाम को पाने के लिए क्रिस गेल ने कितनी मेहनत की है इस को कोई नहीं जानता। क्रिस गेल ने कितने ज्यादा बुरे हालातों में अपना क्रिकेट केरियर शुरू किया और कैसे आज इस मुकाम पर पहुंचे , तो चलिए दोस्तों आप को बताते हैं क्रिस गेल की जिंदगी की सारी कहानी।

Chris Gayle  का जनम 21 सितम्बर 1979 को Kingstone Jamaica में हुआ। दोस्तो हम किसी वी कामज़ाब शक्स को हस्ते और मुस्कराते तो देख लेते हैं मगर उस शक्स का उस मुकाम तक पहुंचने का सफर कैसा रहा उस पर हमारा ध्यान नहीं जाता। ऐसा ही एक शक्स है Chris Gayle जो हमेशा मुस्कराता रहता है।
मगर आप में से बहुत कम लोग यह जानते हैं के Chris Gayle ने अपनी ज़िंदगी में बहुत ही संघर्ष किया है, Chris Gayle का परिवार एक कच्ची झोंपड़ी में रहता था । घर में बहुत ज्यादा गरीबी होने के कारण Chris Gayle अपनी पढाई वी पूरी नहीं कर पाए। आप को यह जान कर हैरानी होगी के Chris Gayle आपने परिवार का पेट पालने के लिए जगह जगह कचरा इक्ठा किया करते थे ।



Chris Gayle ने एक चैनल को दी interview में बताया के कभी कभी उस को चोरी वी करनी पड़ती थी जब उस के पास खाने को कुछ नहीं होता था। मगर उस वक़्त Chris Gayle वी यह नहीं जानता था के एक दिन किस्मत उस पर ऐसे मेहरबान होगी के वह दुनिया के अमीर लोगो में से एक होंगे। 
Cricket Carrier : Chris Gayle की क्रिकेट करियर की शुरुआत Lucca Cricket Club से हुई थी। उस वक़्त Chris Gayle अंडर 19 में पहली बार खेले थे। आगे चल कर उनोह ने अपना पहला ODI मैच भारत के खिलाफ 1999 को खेला और पहला टी20 New Zealand के खिलाफ 2006 में खेला।
शुरुआत में Chris Gayle का बल्ला नहीं चला जिस के चलते उन को बहुत कुछ सुनना पढ़ा मगर अपनी मेहनत और लगन के बल पर सब से पहले 2002 में एक ही साल में 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड आपने नाम किया। उस के बाद Chris Gayle ने कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा । Chris Gayle दुनिया के पहले ऐसे खिलाडी हैं जिनोह ने आपने पहले मैच की पहली बाल पर सिक्स मारा है।

Chris Gayle दुनिया के 4 ऐसे खिलाडी हैं जिनोह ने टेस्ट मैच में Triple Ceuntery लगा रखी है। अगर हम टी20 की बात करें तो टी20 मैच के इतिहास का पहला सैंकड़ा वी Chris Gayle ने ही लगाया है। टी20 में उस का बेस्ट स्कोर 175 रन है। 2007 से लेकर 2010 तक क्रिस गेल West Indies टीम के कप्तान वी रह चुके हैं।
Chris Gayle इतने गरीब परिवार में पैदा होने के बावजूद वी आज उस मुकाम तक पहुँच गए हैं जहाँ पहुँचने का लोग सपना देखते है। 

Luxery Cars and Income Of Chris Gayle : अगर हम आमदन दी बात करें तो एक साल की आमदन 5 बिलियन डॉलर से लेकर 7 बिलियन डॉलर के वीच है। हालहि में Chris Gayle ने जमैका में एक लग्जरी हाउस खरीदा है जिस की कीमत 22.5 करोड़ है। अगर गाड़ीयों की बात करें तो Chris Gayle के पास 8 lugsry Cars है। जिन में से Mercedes Benz, Range Rover, Lamborghini and Audi जैसी बड़ी गाड़ियां हैं।
तो दोस्तो यह थी Chris Gayle की कहानी , अपना कीमती समय देने की लिए आप का बहुत बहुत धन्यवाद। अगर आप ऐसी Motivational Storys के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें ता के जब भी हम ऐसे Motivational आर्टिकल Update करें तो आप को उस का लिंक Facebook पे मिल जाए।
   

Tuesday, 6 February 2018

Biography of Rupinder Gandhi in hindi ( Real story of gangster Rupinder Gandhi)

उसका जन् दो अक्टूबर को हुआ था, इसलिए पिता ने नाम गांधी रखने का फैसला किया, रुपिंदर गांधी। 22 वर्ष की आयु तक वह गांव का सरपंच बन गया, राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल खिलाड़ी और चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र और स्थानीय यूथ आइकन था। गांव के लोगों के लिए वह आदर्श और प्यारा लड़का बाहर हिंसा का पर्याय बन गया, जिसके नाम से भी लोग कांपते थे।
गांधी की जिंदगी में जल्‍द ही चीजें बदल गईं। गांव के प्रसिद्ध लड़के की छोटी लड़ाइयां, गैंग वॉर्स में बदल गईं। सड़कों पर हथियार लहराए जाने लगे और रुपिंदर के लिए जो आदर था, वह भय में बदल गया। लुधियाना जिले के रसूलरा गांव का रहने वाला गांधी अपनेन नाम के उलट हिंसा का पर्याय बन गया।

Gangster Vicky Gaunder { खिलाड़ी से गैंग्स्टर बनने का सफर }


गाँधी की मौत: रुपिंदर गाँधी ने बहुत से ऐसे काम किए जिस से उस की दुश्मनी बढ़ती चली गई। गाँधी को लोग अपना मसीहा मानते थे मगर कई लोग ऐसे वि थे जो गाँधी को खत्म करना चाहते थे। क्यों की गाँधी बहुत सी गैंगवार में शामल था जिस के कारण उस पर हत्त्या , मार पीट जैसे कई केस चल रहे थे। जिस के कारण उस की कई पोलिटिकल नेताओ और कुछ गैंगस्टर से दुश्मनी हो गई थी। जिस के कारण वोह लोग गाँधी को खत्म करना चाहते थे। आज से करीब 12 साल पहले उसकी निर्मम हत्‍या कर दी गई। गाँधी को 5 सितम्बर 2003 को अगवा किया गया । उस को एक गांव सलोड़ी में रखा गया । वहां गाँधी को 2 गोलिया मारी गई और उस का मिर्त्तु सरीर भाखड़ा नहर में फेंक दिया गया। , जब गाँधी की डेडबॉडी पुलिस को मिली तो पुलिस ने चोरी छिपे उस का अंतिम संस्कार किया। इस का कारण हम आप को बताते है। असल में गांधी के फैन फोल्वेर बहुत ज्यादा थे पुलिस को यह दर था कि कही अमन शांति न भांग हो जाए इस लिए पुलिस ने रुपिंदर गाँधी का अंतिम संस्कार खुद ही किया। जैसे के हम ने आप को बताया है कि गांधी के अंतिम संस्कार को ले कर वी काफी मतभेद है , रुपिंदर गाँधी के भाई का कहना है कि गांधी की डेडबॉडी पुलिस को नहीं मिली थी यह सब फॉर्मेल्टी के लिए किया गया था। ऐसे ही गाँधी के कई दोस्तों का वी यही कहना है कि पुलिस को डर था कि गांधी के पीछे नौजवान बहुत ज्यादा है जिस के कारण पुलिस ने इस मसले को रफा दफा करने और राज में दंगे भड़कने के डर से सब चोरी छिपे किया। किसी को यह पुख्ता नहीं कराया गया कि वह बॉडी रुपिंदर गाँधी की ही थी। यह कहना है रुपिंदर गाँधी के कई फैन्स और दोस्तों का।10 दिन बाद उस का अंतिम संस्कार किआ गया। वही गाँधी के भाई मनिदर मिंडी का कहना है कि यह अफवाह है उन का कहना है कि गांधी का सरीर नहीं मिला। पंजाबी मूवी 'रूपिंदर गांधी- द गैंगस्‍टर?' बन गई है और यह अगले हफ्ते 11 सितंबर को स्‍क्रीन्‍स पर आ जाएगी। फिल्‍म के नाम पर लगा क्‍वेशन मार्क निश्‍िचततौर पर रसूलरा गांव के उस उधेड़बुन का प्रतिनिधित्‍व करता है कि रुपिंदर प्रसिद्ध था या कुख्‍यात।

Biography of Mintu gurusaria ( डाकुआँ दा मुंडा )




गांव के लोग उसे ऐसे शख्‍स के रूप में याद करते हैं, जो राष्‍ट्रीय स्‍तर का खिलाड़ी था। लड़कियों की शादी में लोगों की मदद करता था और गरीब बच्‍चों के लिए दवाएं लाता था। मगर, गांव के बाहर उसके खिलाफ मारपीट, अवैध हथियार रखने और हत्‍या तक के केस दर्ज थे। हमारे लिए तो यह बड़ी बात है कि हमारे सरपंच रहे गांधी पर फिल्‍म बन रही है।


गांव के छात्र कहते हैं कि वह हमारे हीरो हैं। हम उनकी यूनियन के सदस्‍य बनना चाहते हैं और उनकी याद में काम करना चाहते हैं। गांव में गांधी के फैन्‍स बताते हैं हमें नहीं पता कि वह बाहर क्‍या थे और किन मामलों में वे शामिल थे। हम तो बस इतना जानते हैं कि वह हमेशा बड़ों की इज्‍जत करते थे और गरीबों की मदद करते थे।
रुपिंदर गांधी के भाई की फायरिंग में मौत:
रुपिंदर गांधी के भाई पर कुछ अज्ञात लोगों ने फायरिंग की थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। दो अज्ञात लोगों ने मनविंदर मिंदी के घर पर  फायरिंग की थी, जिसके बाद मिंदी गंभीर रुप से घायल हो गया था।उसे इलाज के लिए लुधियाना के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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