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Wednesday, 4 July 2018

What is Anonymous hackers group and history in hindi |

 Anonymous hackers

दोस्तो आज के समय मे इन्टरनेट हम सब के शरीर का अंग बन चुका है। दुनिया के सभी देशों की इकॉनमी भी इंटरनेट  पर ही टिकी हुई है। बड़े बड़े देश पैसो का लेन देन भी इंटरनेट के जरिए ही करते हैं। मगर कुछ लोग इतने तेज़ दिमाग के होते हैं के वोह इस सिस्टम को ही तहस नहस कर देते हैं। जिन में ज्यादातर गेरकनूनी तरीके से काम करते हैं।
anonymous hacker group hindi

असल में हैकर कर दो तरह के होते हैं Black hat hackers और दूसरे White hat hackers ।
जो गैरकानूनी तरीके से किसी का डाटा हैक करते हैं या किसी के बैंक अकाउंट को हैक करते हैं उसको हम सरल भाषा में ब्लैक हैट हैकर्स कह कर बुलाते हैं और दूसरे जो कानून के दायरे में रहकर सरकार जा देश के हित में काम करते है उनको हम व्हाइट हैट हैकर कहते हैं ।
लेकिन जिसके बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं वह अपना काम गैरकानूनी तरीके से करता है लेकिन वह काम दुनिया के लोगों के हित में होता है जी हां दोस्तो मैं बात करने जा रहा हूं Anonymous hackers group के बारे में तो चलिए दोस्तों हम आपको बताते हैं की जय ग्रुप कब शुरू हुआ और कैसे सुर्खियों में आया और कैसे आज यह आम लोगों की मदद करता है।

" We are anonymous , we are legion , we do not forgive , we don not forget , expect us "
यह वोह लाइन्स हैं जो यह ग्रुप हमेशा कहता है इस का मतलब है " हुम् गुमनाम हैं हम हैकर्स आर्मी हैं , हुम् गलत काम करने वालो को माफ नही करते , न ही हम से यह उम्मीद रखे । "

What is Anonymous : 

इसका अर्थ होता है गुमनाम अगर आप इंटरनेट पर कोई काम करते हैं तो एक IP एड्रेस के माध्यम से आपका पता चल जाता है अगर आप किसी तरीके से अपने आप छुपाकर इंटरनेट पर कोई काम करते हैं तो आप इंटरनेट के एनोनिमस हैं।।

Anonymous hackers group history : 

इस ग्रुप में कितने लोग काम करते हैं और यह ग्रुप कहां से ऑपरेट किया जाता है इसके बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है लेकिन कहा जाता है कि 2003 में यह ग्रुप एक वेबसाइट से बना असल में 2003 में कुछ लोगों ने 4chain.net नाम की एक वेबसाइट बनाई जिस पर आप किसी भी देश या मंत्री जो आपके दिल में जो भी बात है आप लोगों के सामने रख सकते हैं और आपकी डिटेल गुप्त रहती थी । इस साइट पर किसी मुद्दे को लेकर दो लोगों में विवाद हो गया और वह एक दूसरे को गाली गलौज करने लगे इसी समय एक शख्स ने दूसरे की सभी पर्सनल डिटेल्स हैक कर वेबसाइट पर पब्लिश कर दी  और साथ ही एक मैसेज छोड़ा जिस में लिखा थ " We are Anonymous "जहां से इस ग्रुप की शुरुआत हुई।

यह ग्रुप सुर्खियों में 2012 में आया असल में इंटरनेट पर एक वेबसाइट है जिसका नाम है wikileaks यह वेबसाइट दुनिया के बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों के खिलाफ काम करती है और यूजर्स के ही पैसों यह साइट चलती है एक बार सरकार ने यूजर के द्वारा दिए जाने वाले फंड पर रोक लगाने के लिए बैंक को आदेश दिया उसी समय Anonymous group ने बैक के गेटवे को हैक कर इस फाउंड को रुकने नहीं दिया जिसके बाद यह ग्रुप सुर्खियों में आ गया ।
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इसके अलावा इस ग्रुप में एक बार डोनाल्ड ट्रंप की वेबसाइट को भी हैक कर लिया था क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने मुसलमानों के खिलाफ कुछ गलत बोल दिया थ। जहां तक के इस ग्रुप में ISIS की कई वेबसाइट को हैक कर उनके लिंक को तोड़ दिया ।

इस ग्रुप की लोकप्रियता को देखते हुए Times ने इसे 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था।
हालहि में इस ग्रुप ने दावा किया था के Relince Jio लोगो का कालिंग डेटा को आगे वेचता है। मगर इस के अभी तक पुख्ता सबूत नही मिले हैं।

Monday, 14 May 2018

Story of Pokhran in hindi ( India's first Nuclear test ) smiling budha

नमस्कार दोस्तों आज इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा के कैसे भारत एक परमाणु शक्ति देश बना आज इस दुनिया में कुछ चुनिंदा देश हैं जिनके पास परमाणु शक्ति है और भारत उन देशों में से एक है । जो पहला परमाणु परीक्षण किया गया बो राजस्थान के जैसलमेर से 100 किलोमीटर दूर पोखरण नाम की जगह पर किया गया और इस मिशन के पीछे बहुत ही रोचक कहानी है ।
श्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर श्री अटल बिहारी वाजपेई जी तक भारत के कई प्रधानमंत्री रहे सभी ने परमाणु शक्ति पर बहुत जोर दिया मगर जिस समय भारत को जी मिशन पूरा करना था उस समय अमेरिका समेत P5 देशों ने पूरी दुनिया में परमाणु हथियार बनाने पर रोक लगाई हुई थी तो चलिए दोस्तों पोकरण की इस स्टोरी को हम शुरू से जानते है।
Nuclear Weapons Age : दोस्तों 21वीं सदी में लगभग सभी देशो के पास अपने अपने परमाणु हथियार हैं अगर किसी भी समय युद्ध शुरू हो जाता है और उसमें किसी एक देश ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर दिया तो पूरी दुनिया को खत्म होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा । आज से कुछ समय पहले जब हम कहते थे कि जो चीज एक झटके में हजारों लोगों को मार सकती है तो वह सिर्फ कहने की बातें थी लेकिन 1940 के बाद यह सच साबित हो गया जब पहली बार अमेरिका ने 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए और एक ही झटके में पूरे के पूरे शहर तबाह कर दिए गए और उसके बाद वहां पर फैले रेडियेशन की वजह से आने वाले कई सालों तक लोग ऐसे ही मरते रहे।

परमाणु की खोज : परमाणु की खोज सबसे पहले दूसरे विश्वयुद्ध में अमेरिका ने की अमेरिका ने 1945 में परमाणु बम की खोज की जिस मिशन का नाम था प्रोजेक्टर महानतम इसके बाद रूस ने और उसके कुछ समय बाद फ्रांस में परमाणु बम बना लिए थे । 1964 में चाइना ने भी परमाणु हथियार बना लिए जिसके चलते चीन दुनिया का चौथा परमाणु शक्ति देश बन गया चाइना के बाद भारत को भी परमाणु शक्ति पर अपना ध्यान केंद्रित करना था । इससे पहले 1962 में भारत ने चाइना से युद्ध हारा था जिसके चलते भारत को यह लगने लगा कि आप उसे भी परमाणु शक्ति देश बनना होगा।

Homi Jahangir Bhaba : होमी जहांगीर बाबा भारत के एक बहुत ही बड़े वैज्ञानिक रह चुके हैं होमी जहांगीर बाबा ने भारत सरकार को 1940 में ही अपना ध्यान परमाणु शक्ति की ओर बढ़ाने के लिए जोड़ दिया उनका कहना था कि हम परमाणु हथियार तो नहीं मगर परमाणु से बिजली का उत्पादन कर सकते हैं इसलिए हमें जरूरी नहीं है कि परमाणु से हथियार ही बनाने हैं हम इसका इस्तेमाल बिजली के लिए कर सकते हैं जिस लिए उन्होंने टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और बाबा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की नींव रखी आज भी भारत के यह दो बहुत बड़े रिसर्च सेंटर है । जहां पर आज भी परमाणु के ऊपर रिसर्च हो रही है और इन्हीं दो इंस्टिट्यूट से भारत के लिए बहुत बड़े बड़े वैज्ञानिक निकले हैं।

Pokhran 1 : भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 18 मई 1974 को किया जिसका नाम था स्माइलिंग बुद्धा क्योंकि उस दिन बुद्धा पूर्णिमा थी । मिशन पूरा होते ही भारत दुनिया में शटा ऐसा देश बन गया जिसके पास परमाणु बनाने की टेक्नोलॉजी आ चुकी थी । इस मिशन  में भारत के 3 बड़े वैज्ञानिक होमी सेठना ,राजा रमन्ना और बसंती नाग चौधरी थे। इस मिशन के सक्सेसफुल होने के बाद उस समय के प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने  दुनिया को यह विश्वास दिलाया कि हम परमाणु का इस्तेमाल शांति के कामों के लिए करेंगे जैसे की बिजली बनाना हम परमाणु से कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे । हालांकि कि हम ऐसा कर सकते हैं हमारे पास परमाणु बनाने की टेक्नोलॉजी है मगर हम ऐसा नहीं करेंगे इसके बाद पूरी दुनिया में भारत के लिए बहुत नाराजगी पाई की पश्चिमी देश इससे बहुत नाराज थे

Second Nuclear Test : दोस्तों जहां पर सवाल यह पैदा होता है कि जब हमने पहली परमाणु परीक्षण कर लिया था तो हमें दोबारा इसका परीक्षण करने की क्या जरूरत थी हम आपको बता दें कि जो पहला परीक्षण था उसमें भारत ने सिर्फ परमाणु टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया था अब हमारा मिशन परमाणु हथियार बनाना था के परमाणु से मिसाइल कैसे बनाई जाए और उससे बम को कैसे बनाया जाए यह हमारा मिशन था
मगर उस समय इमरजेंसी के चलते यह पूरा न हो सका उस कर कर प्रधान मंत्री इस मे ज्यादा दिलचस्पी नही लेते थे जिस के चलते 1995 में पी वी नरसिम्हा राव के समय इस मिशन को दोबारा शुरू किया गया 


परीक्षण का पकड़े जाना : जब भारत दोबारा इस मिशन पर काम करना शुरू किया तो हमारे यह टेस्ट दो बार पकड़े गए क्योंकि उस समय पूरी दुनिया में परमाणु हथियार बनाने पर रोक लगाई गई थी जिसके चलते अमेरिका को भी शक था कि भारत परमाणु टेक्नोलॉजी के बाद परमाणु हथियार भी बनाएगा जिसके चलते अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपनी सिपाई सेटेलाइट से पूरी नजर बनाई हुई थी जब भी भारत जय टेस्ट करने जाता तो अमेरिका की तरफ से फोन आ जाता कि अगर आप ऐसा करोगे तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। जिस के लिए भारत को दो बार यह टेस्ट बीच मे रोकने पढे। 



Pokhran 2 : आखिर में भारत ने 11 मई 1998 को 3 और 13 मई 1998 को 2 परमाणु डिवाइसेस का परीक्षण किया गया। उस समय भारत के प्रधान मंतरी अटल बिहारी वाजेपयी थे। जिस में  Dr. APJ Abdul kalam , Rajgopal chidambram और Anil Kakodkar मेन विज्ञानक थे इस के इलावा और भी बहुत विज्ञानक थे। इस मे खास बात यह थी यह मिशन बहुत ही चोरी से किया गया। ज्यादा काम रात को होता था ,  जब वहां पर आंधी चलती थी तो इस काम को किया जाता था त जो सेटलाइट की नज़र में न आया जाए। जो मुखय विज्ञानक थे वो आर्मी की वर्दी पहन कर जाते थे। एक एक कार विज्ञानक टेस्ट वाली जगह पर जाता था। इस मे खास बात के टेस्ट वाली जगह से कुछ दूर एक स्पेशल क्रिकेट ग्राउंड बनाया गया जिस में आर्मी के हज़ारो जवान खेलते रहते थे। जिस से सेटलाइट से देखने पर यह लगता था के यहां पर कोई खेल टूर्नामेन्ट चल रहा है। 

दुनिया में नाराजगी: 11 मई 1998 कि शाम को भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने TV पर मुझे अनाउंस कर दिया कि भारत ने परमाणु हथियार बना लिए हैं उसके बाद 13 मई को अमेरिका ने भारत के व्यापार पर रोक लगा दी इसके अलावा अमेरिका की तरफ से जो भी इम्युनिटी ऐड आती थी वह बंद हो गई इसके अलावा भारत जो भी दक्षिणी देशों के साथ व्यापार करता था वह बंद कर दिया गया मगर कुछ ही समय बाद कारगिल का युद्ध शुरू हो गया जिसमें पूरी दुनिया को जय लगा कि भारत इस युद्ध में परमाणु हथियार का इस्तेमाल जरूर करेगा लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया जिसके चलते भारत ने दुनिया को यह विश्वास दिला दिया के भारत कभी भी पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा अगर पूरी दुनिया परमाणु हथियार नष्ट करती है तो उनके साथ भारत भी अपने परमाणु हथियार नष्ट कर देगा जिसके 2 सालों बाद ही भारत पर लगाई गई सभी रोक हटा दी गई और आज भारत एनएसजी को छोड़कर सभी परमाणु ग्रुप का मेंबर है अगर आपने इस कहानी को बॉलीवुड स्टाइल में देखना है तो इस पर जॉन अब्राहम की फिल्म परमाणु भी बन चुकी है

Wednesday, 14 March 2018

History of Pablo Escobar( King of kokin) पाब्लो एस्कोबार (खुनी दरिंदा )

 Pablo Escobar


दोस्तों आपने आज तक बहुत क्राइम की बादशाहो का नाम सुना होगा लेकिन आप में से बहुत कम लोग पाब्लो एस्कोबार के बारे में जानते होंगे, पाब्लो एस्कोबार क्राइम की दुनिया दुनिया का एक बेताज बादशाह रहा है। जब 1993 में पाब्लो एस्कोबार का एनकाउंटर हुआ तो उस पर 2000 सरकारी ऑफिसर 200 जज और 1000 पुलिस कर्मचारियों को मारने का आरोप था ।

पाब्लो एस्कोबार के बारे में एक बात बहुत मशहूर है कि एक बार पाब्लो एस्कोबार ने  अपनी बेटी को ठंड से बचाने के लिए  14000 करोड रुपए  जला दिए थे और इसके अलावा पाब्लो एस्कोबार के पास इतना पैसा था कि वह 1 साल में ₹300000 की रबड़बैंड खरीदता था जिसको वह नोटों की गड्डियों के लिए यूज़ करता था ।

 Pablo Escobar Net worth 


पाब्लो एस्कोबार का जन्म 1 दिसंबर 1949को कोलंबिया में हुआ पाब्लो एस्कोबार  के पिता पेशे से एक किसान थे और उसकी माता एक टीचर थी  वह अपने 7 भाई बहनों में बहनों में से तीसरे नंबर पर आते थे उन्होंने 10 साल की उम्र में ही क्राइम की दुनिया में कदम रख लिया और वह फिरौती अपहरण जैसी गैर कानूनी काम  करने लग गया ।
उसके कुछ साल बाद बाद ही पाब्लो एस्कोबार स्मगलिंग के कारोबार में शामिल हो गया उसने यह कारोबार शुरू करने के लिए कोलंबिया से पनामा तक तक 15 बार सफर किया और अपना रूट निकाल दिया जिसके बाद उसने 15 बड़े प्लेन और 6 हेलीकॉप्टर खरीद लिए जिस से वह कोलंबिया से से अमेरिका तक कोकीन पहुंचाता था।
एक बार सरकार ने पाब्लो एस्कोबार को 18 किलो कोकीन के साथ साथ पकड़ लिया लेकिन पावलो ने   जज को   खरीदने की कोशिश की जब जज नहीं बिका तो पाब्लो एस्कोबार ने उसको  बड़े ही बेरहम तरीके से मरवा दिया जिसकी कुछ समय बाद सरकार ने  यह केस वापस ले लिया।
अपनी 25 साल की उम्र तक पाब्लो एस्कोबार अमेरिका में 80% कोकीन अकेला सप्लाई करता था जिसके लिए वह पायलट को एक रूट के लिए 5 करोड रुपए देता था। इस तरह पाब्लो एस्कोबार के पास बहुत ज्यादा पैसा इकट्ठा हो गया जिसको वह बैंक में  नहीं रख सकता था। इसलिए वह पैसे को बड़े गोदामों में जमा करता था 198 9 फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पाब्लो एस्कोबार दुनिया का सातवां सबसे अमीर आदमी था मगर यह खबर छपने के  खबर छपने के कुछ समय बाद ही पाब्लो एस्कोबार के छोटे बेटे ने फोर्ब्स को फोन किया और बताया कि आप तो हमारी संपत्ति के आसपास भी नहीं पहुंचे पाब्लो एस्कोबार के पास इतना ज्यादा पैसा था कि उसका 8% चूहे और दूसरे जानवर खराब कर देते थे पाब्लो एस्कोबार ने कोलंबिया की सरकार पर जो कर्ज था । वह सारा कर्ज उतारने की बात भी कही थी मगर शर्त यह थी कि उस पर चल रहे सभी केस खारिज किए जाएं
पाब्लो एस्कोबार के पास एक अपना आलीशान घर था जो कि 20 किलोमीटर में था जिसने झील चिड़ियाघर और बहुत सारे मनोरंजन के साधन थे यहां पर दुनिया के बड़े-बड़े स्मगलर पार्टी किया करते थे ।

इसके अलावा पाब्लो एस्कोबार का एक दूसरा रूप भी था  पाब्लो ने कोलंबिया में बहुत सारे हस्पताल स्कूल और चर्च बनवाए जिसके लिए बहुत सारे लोग पाब्लो एस्कोबार को रॉबिनहुड मानते थे जहां तक की 20 से लेकर 25 साल की उम्र तक के लड़के पाब्लो एस्कोबार के एक इशारे पर अपनी जान देने के लिए भी तैयार थे।

पाब्लो एस्कोबार ने 1989 को एक जहाज को बम से उड़ा दिया था क्योंकि इसमें 1990 होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार डॉ लुइस था। जिसके लिए उसके साथ-साथ 120  निर्दोष लोग भी मारे गए
एक बार सरकार के दबाव के चलते पाब्लो एस्कोबार सरेंडर करने के लिए मान गया मगर उसकी शर्त यह थी के जेल का निर्माण वो खुद करवाएगा  जिसके लिए पाब्लो एस्कोबार ने एक आलीशान फाइव स्टार होटल जैसी जेल बनवाई जिसमें वह कभी भी आ जा सकता था और वहां से अपना नशे का कारोबार भी करता था।
मगर कुछ समय बाद कोलंबिया की सरकार ने उसे छोड़ दिया

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक पाब्लो के समय कोलंबिया को खूनी देश भी माना जाता था क्योंकि 1991 में पाब्लो एस्कोबार के इशारे पर 25100 मौतें हुई थी 1992 में 27 00 कत्ल पावलो के इशारे पर हुए थे जिसके बाद कोलंबिया  की सरकार ने एक्शन लिया और 600 माफिया को मार दिया।



2 दिसंबर 1993 में पाब्लो एस्कोबार की पत्नी की जानकारी के मुताबिक पावलो का उसके जन्मदिन के 24 घंटे बाद एनकाउंटर कर दिया गया जिसके बाद खूनी दरिंदे का अंत हो गया।

तो दोस्तों जीत होती पाब्लो एस्कोबार की जीवनी हमें उम्मीद है कि कि है कि कि आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा होगा अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आप हमारे इस आर्टिकल को शेयर करके हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं।

Thursday, 1 March 2018

Syrian civil war , Syria crisis details in hindi ( सीरियन युद्ध की पूरी कहानी )

Syria crisis explained in hindi : 

दोस्तों आप ने अपनी जिन्दगी में बहुत ही बुरे से बुरे दिन देखे होंगे , मगर मैं यह दावे के साथ कह सकता हूँ के आप की जिन्दगी में इतना बुरा वक़्त कभी नहीं आया होगा जितना के सीरिया के लोगो की जिन्दगी में , सोशल मीडिया पर वायरल हो सीरिया की की यह तस्वीरे सब कुछ बिआन करती हैं , मगर दोस्तों सीरिया में यह 2011 से चला आ रहा है ,जिस में दुनिया के कई बड़े देश और आतंकवादी ग्रुप शामल हैं ,जिन में से अमेरिका , रूस , टर्की  और अबतक वहां पर 5 लाख लोगो की मौत हो गई है और 20 लाख लोग घायल हो चुके हैं जिन में से बहुत सारे बच्चे हैं , तो दोस्तों आखिर ऐसे क्या कारण थे जो के आज सीरिया में हालत इतने बत्तर हो चुके हैं आज हम आप को इनी के बारे में शुरू से बताएँगे ।


Syria cold war : दोस्तों मैं आपको बता दूँ के सीरिया में बहुत ही ज्यादा मात्र में तेल पाया जाता है और आज तक किसी भी देश ने सीरिया पर सीधा हमला नहीं किया है और दूसरा यह पूरा युद्ध सिर्फ एक शक के आधार पर लड़ा जा रहा है क्यों की लड़ाई में शामल होने वाले सभी देशो में से किसी के पास कोई सबूत नहीं है और तीसरा किसी भी देश को सीरिया में रहने वाले लोगो की जिन्दगी से मतलब नहीं है उन को सिर्फ सीरिया की जमीन से मतलब है , तो चलिए दोस्तों हम बताते हैं आप को पूरी कहानी ।


असल यह युद्ध 2011 में सीरिया की डेमोक्रेसी को लेकर शुरू हुआ , सीरिया के Daraa शहर में कुछ लोगो ने सीरिया के President Bashar Al Assad को हटाने की मांग कर रहे थे थोड़े ही समय बाद यह आन्दोलन ने एक बहुत बड़ा रूप ले लिया और इसी को दबाने के लिए March 2011 ने बशर अल अस्साद के कहने पर सीरिया की आर्मी और पुलिस ने इन पर्दर्शन कारीओ पर गोलिया चला दी , और यही से सब शुरू हुआ july 2011 आते आते उन पर्दार्श्न्करियो ने न सिर्फ हथ्यार उठा लिए , सीरियन आर्मी वी दो भागो में वट गई कुछ लोगो और आर्मी के बड़े ऑफिसर  ने आर्मी छोड़ कर पर्द्र्शकरियो को Join कर लिया ,और वही से बना Syrian Rebels ग्रुप बना इस के थोड़े समय बाद ही अल्कैदा ने अपना एक और ग्रुप Jabhat al Nusra सीरिया में बना लिया जो के अल्कैदा की एक ब्रांच थी और इस के साथ ही सीरिया के उतरी भाग के Kurdish के लड़ाके जो के काफी समय से Kurdistan की मांग कर रहे थे वोह भी Syrian Rebels के साथ मिल गए ।

Kurdistan and Iran: जून 2012 आते आते kurdish लड़ाके न सिर्फ बशर अल असाद के खिलाफ लड़ रहे थे बल्कि उन को सऊदी अरब ने पैसे और हथ्यार देना भी शुरू कर दिया और दूसरी तरफ इरान ने बशर अस्साद को मदद देना शुरू कर दिया , इस का कारण यह था के इरान ने सभी लोग शिया मुसिल्मान थे और सीरिया में शिया की सरकार थी बशर असद एक शिया मुसिलमन थे जिस के लिए ईरान ने बशर अस्साद को हथ्यार और पैसा देना शुरू कर दिया , अब यह लड़ाई एक धार्मिक लड़ाई बन चुकी थी ।

America : अगस्त 2013 में मीडिया में यह खबर आये के बशर अल असाद ने पर्दार्शंकरियो को मारने के लिए Nuclear Chemical का इस्तमाल किया है , इस के कारण अमेरिका ने इस युद्ध में शामल हो गया और उस ने सीध सीरिया पे हमला नही किया उस ने वहां पर अल्कैदा के ग्रुप Jabhat al Nusra को हथ्यार देना शुरू कर दिया ।

ISIS :  मगर कुछ समय बाद Jabhat al Nusra भी दो भागो में वट गया और वही से ISIS की सथापना हुई जो के अल्कैदा के बिलकुल उल्ट काम करता था इस लिए अमेरिका ने ISIS को रोकने के लिए सीरिया के सरकार के साथ सम्झ्जोता किया और दोनों मिल कर ISIS के अतंकवादियो पर हमला करते थे ,और दूसरी तरफ Kurdish के लड़ाके और Syrian Rebels अब पूरी ताकत में थे।



Turkey : अगर Kurdish लड़ाके इस लड़ाई में जीत जाते और Kurdishtan बन जाता है तो turky का एक बहुत बड़ा हिस्सा कुर्दिश्तान में चला जाएगा इस लिए Turkey ने बशर असाद की मदद करनी शुरू कर दी ।

Russia : इसी दौरान बशर अल असद ने सितम्बर 2015 को Russia से मदद मांगी , Russia ने तुरंत आपनी आर्मी सीरिया में भेज दी जिस के चलते जो इलाके पर्दार्शंकरियो ने रोके थे उन को वापस छुड़ा लिया गया जिस में सीरिया का सब से बड़ा शहर Aleppo भी था ।
इस तरेह अब सीरिया में पर्दार्शंकारी और आतंकवादी कमज़ोर पड़ने शुरू हो गए थे और दूसरी तरफ अमेरिका के President Donald Trump बन चुके थे जो के Obama की तरेह बशर असाद को हटाना नहीं चाहते थे इस से लोगो को लगा के अब Russia और America मिल कर सीरिया में काम करेंगे और सीरिया युद्ध ख़तम हो जाएगा , मगर इसी के वीच अप्रैल 2017 में फिर से खबर आई के सीरिया के President बशर अस्साद ने लोगो पर फिर नुक्लेअर का इस्तमाल किया है जिस से अमेरिका ने पहली वार सीरिया पर सीधा हमला कर दिया ।



इस तरेह यह छोटे से मुद्दे पर शुरू हुआ युद्ध अब इतना बड़ा रूप ले चूका हैं , इस युद्ध में कोई भी देश एक दुसरे के उपर सीधा हमला नहीं करता सब देश अपने अपने हित के लिए सीरिया को निशाना बना रहे हैं  जिस से हर रोज सीरियन लोग मर रहे हैं और इस तरेह आज भी यह युद्ध चल रहा है जिस में हजारो बेकसूर लोग मर रहे हैं , आप को हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमे कमेंट करके जरुर बताएं , अपना कीमती समय देने के लिए आप का धन्यवाद ।
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ISIS क्या है इस के लड़ाके क्या चाहते है (History Of ISIS In Hindi)

Thursday, 22 February 2018

10 Unsolved Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह)

दोस्तो वैसे तो हमारी पिरथ्वी बहुत ही खूबसूरत है , जहां पर बहुत सी ऐसी खूबसूरत चीज़े और स्थान हैं  । मगर खूबसूरती के साथ साथ कुछ जगह ऐसी भी हैं जो बहुत ही डरावनी और रहस्मयी हैं ।आज हम आप को दुनिया की 10 Unsolved Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह)  के बारे में बताएंगे जिन के बारे में विज्ञानक भी आजतक पता नही लगा सके वोह रहस ही हैं।


1. Nazaca Lines : पेरू में 600 वर्ग किलोमीटर में फैली ऐसी कला आकृतिया बनी हुई हैं जिन को सिर्फ आसमान से ही देखा जा सकता है।

 जिस को Nazaca lines भी कहा जाता है। इस मे 100 ऐसी अलग अलग कला अकीर्तिया हैं जो आकार में काफी बड़ी हैं जिस को आसमान से ही देखा जा सकता है इस मे जानवर , पक्षी और कुछ मुनष्य की आकृतियां भी शामल हैं

 , Nazaca lines को सब से पहले 1930 में देखा गया था । यह हज़ारों साल पुरानी हैं , यह इतनी बड़ी हैं के इन को धरती से कई सौ फीट ऊपर से देखा जा सकता है। इस से जुड़ी सब से हैरान करने वाली बात यह है के इतने साल पहले मनुष्य ने इस आकृतिया का विधि पूर्ण निर्माण कैसे किया होगा ।


2. Megenetic Hills : सोचो अगर आप ने किसी जगह गाड़ी पार्क की हुई है और आप कुछ समय बाद वहां आ कर देखे और आप की गाड़ी वहां ना हो तो आप क्या सोचोगे के आप की गाड़ी किसी ने चोरी कर ली है। मगर भारत के लदाख में ऐसा नही है , लदाख में एक ऐसी पहाड़ी है जो गाड़ियों को आपनी तरफ खींचती है , विज्ञानको का मानना है के इस पहाड़ी में चुम्बकीय शक्ति है जो गाड़ियों को अपनी तरफ खीचती है ।

 अगर आप गाड़ी को न्यूटल छोड़ दे तो ये 20 किलोमीटर पर घंटे की स्पीड से गाड़ी को अपनी तरफ खींच लेती है ।इस चुम्बकीय पहाड़ी से आसमान में उड़ने वाले जहाज़ भी नही बच पाते , जहां पर उड़ान भरने वाले पायलटों का कहना है के जब जहाज़ इस पहाड़ी के ऊपर से गुजरते हैं तो जहाज़ में जोर के झटके महसूस होते हैं , जिस से बचने के लिए वो जहाज़ की रफ्तार बडा देते हैं।

3. Pamukkale Turkey natural hot spring : तुरकी में मजूद pamukkale natural hot springs एक कुदरती गरम पानी के बने झरने हैं , इन की गिनती 17 है जो के वहां पर हज़ारो सालो से हैं , इस पानी मे जो मिनिरल हैं वोह हवा के सम्पर्क में आते ही केल्शियम कार्बोनेट बन जाते हैं , जो इस झरनों के साइड पर हज़ारो सालो से जमा हो रहा है जिस से यह स्विमिंग पूल का आकार ले लेते हैं, इन का तापमान 37 से लेकर 100 डिग्री के वीच रहता है

 जहां पर हर रोज हज़ारो टूररिष्ट आते हैं , कहा जाता है के ऐसे कुदरती गर्म पानी मे नहाने से हमारे त्वचा में निखार आता है।

4. Racetreck : कैलिफ़ोर्निया के रस्ट्रेक में भी एक हैरान करने वाली घटना सहमने आई है जहां पर बड़े बड़े पत्थर आपने आप चलने लगते हैं ,  इस बात ने लंबे समय तक विज्ञानको को भी हैरानी में रखा के आखिर ऐसा होता कैसे है। विज्ञानको ने 20 सितम्बर 2013 में विज्ञानको ने 60 पत्थरो को चलते देखा और उन की फ़ोटो ली। 

काफी समय के शोध के बाद विज्ञानको ने पाया के पत्थरों और धरती के वीच बर्फ की एक बारीक परत होती है , जो धूप से गलने लगती है और पानी के कण हवा के दवाब में आ जाते हैं । जिस से पत्थर अपने आप आगे चलने लगते हैं।
5. Akoigahara Forest : अकोइगहरा का जंगल japan में पाया जाता है। यह जंगल दुनिया का सब से डरावना जंगल है। इस जंगल मे जाना आप बिलकुल पसन्द नही करेंगे। क्यों कि जहां पर लोग घूमने नही मारने आते हैं , अगर आप इस मे जा कर देखे तो आप को जगह जगह लटकती लाशें और जगह जगह बिखरे जूते और बिल्कुल सन्नाटा , इस जंगल के सहमने कोई डरावनी फ़िल्म भी कम डरावनी लगे गी। यह जंगल 1600 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह इतना घना है के इस मे सूरज की एक भी किरण नही जाती। 

दुनिया मे इस जंगल को डरावना जंगल जा Suicide forest भी कहा जाता है। यहां पर मरने वालों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है के जापान सरकार को इस के आगे एक सिग्न बोर्ड लगाना पड़ा जिस पे लिखा है

 के अगर आप जहां मारने के इरादे से आए हैं तो ऐसा मत करे , ज़िन्दगी दुबारा नही मिलती, इस जिन्दगी में किसी की मदद करें। साल 2010 में ही जहां पर 265 लोगो ने आत्म हत्त्या की थी।
6. Easter island : यह चिल्ली देश का एक ऐसा दीप है जहां पर 600 पत्थर की मूर्तिया रखी हुई है। इन को मोवोई नाम से पुकारा जाता है। इन मूर्तियो को हथोड़े से तोड़ने पर भी इन मे छोटी छोटी खरोंचे ही आती है। यह मूर्तियो कई टन वजनी और काफी बड़ी बड़ी हैं ।

 यह मूर्तिया हज़ारों सालो से जहां पर है। मगर आज तक यह कोई नही जान पाया के इन को जहां पर किस ने और किस लिए रखा है। हैरान करने वाली बात यह है के इस दीप पर अबतक किसी इंसान के रहने के कोई सबूत नही मिले तो यह मूर्तिया यहाँ पर आ कैसे गई, इन मे से कुछ का वजन 100 टन से भी ज्यादा है और 30 से 40 फुट ऊंची हैं ।

7. Palmar Sur Airport : एक फ्रूट कम्पनी ने जब आपने प्लांट को स्थापित करने के लिए खुदाई करी तो उन्हें धरती के नीचे से गोल आकार के 700 पत्थर मिले।

 जिन को Shaphere stone balls भी कहा जाता है। इन का वजन 20 टन से भी ऊपर है और इन मे से कुछ का डायमीटर 7 फुट तक है। यह पत्थर हज़ारो साल पुराने हैं , हैरान करने वाली बात यह है के आज से हज़ारो साल पहले इंसान के पास ऐसा कोई उपकरण नही था जिस से पत्थरो को बिल्कुल गोल आकार दिया जा सकता था। कुछ विज्ञानको का मानना है के यह पत्थर पानी मे तैर कर आ गए जिस से इन का आकार गोल हो गया।
8. Maracaibo Lake Vanazuela : वेनेजुएला में मरकैबो नाम की एक झील है, जहां पर दुनिया की सब से तेज़ बिजली चमकती है, जहां प्रति वर्ग किलोमीटर में हर साल 2500 बार बिजली चमकने का रिकॉर्ड है।

 मई से लेकर ओकटुबेर तक जहां एक रात में 250 बार बिजली चमकती है। जिस के कारण लोग इस नज़ारे को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं।
9. Roop Kund lake: उत्तराखंड में एक रूप कुंड नाम की झील है जो पहाडों के बीचों बीच है , सर्दियो में इस झील का पानी जम्म जाता है मगर गर्मिया आते ही बर्फ पिघल कर यहां एक झील बन जाती है।

जहां पर पहुचने का रास्ता काफी मुश्किल भरा है , 1942 में कुछ लोग काफी मुश्किल के बाद यहां पहुंचे तो उन्हो ने देखा के यहां चारो तरफ इंसान के कंकाल बिखरे पड़े थे , तब से लेकर आज तक यह एक रहस्य बना हुआ है के जब इंसान यहां तक पहुंच ही नही सकता तो यह कंकाल यहां आए कैसे।
10. Old faithful : Yello stone national park USA में दुनिया के सब से ज्यादा गर्म पानी के फुफ़ारे हैं  जिन की natural geajer भी कहा जाता है।

 जिस में गर्म पानी अपने आप ही फुफ़ारे के रूप में बाहर आता है।  yello stone park में ऐसे 300 फुफ़ारे हैं इन मे से सब से famous है old faithful। यह फुफ़ारे कई फुट ऊँचा है और इस मे ऐसे विस्फोट होते ही रहते हैं मगर विज्ञानक इस बात से हैरान है के अबतक इस मे से पानी के साथ कभी भी कोई मलवा बाहर नही आया है। old faithful आप को बहुत सारी हिंदी और अंग्रेजी फिल्मो में भी देखने को मिलेगा।
तो दोस्तो यह थे दुनिया 10 Mysterious places on earth (दुनिया की 10 रहस्यमय जगह) स्थान जिन के बारे में विज्ञानक आजतक तक पता नही लगा सके ।आपको हमारे आर्टिकल कैसे लगते हैं हमे कमेंट करके बताए , अपना कीमती समय देने के लिए आप का धनयवाद ।
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Friday, 10 November 2017

Guam Crisis / issue/ in hindi ( Why North koria warned USA for nuclear war )

Guam Crisis / issue/ Why North koria warned USA for nuclear war  : दोस्तों पिछले कुछ दिनों से Guam Crisis/ issue बहुत चर्चा में है। आज हम जाने गे के Guam Crisis क्या है , North Koriea और USA के वीच तनाव क्यों बढ़ रहा है , North Koriea ने Nuclear Attack करने की धमकी क्यों दी है और अगर दोनों देशों में जंग होती है तो क्या इस से 3rd world war हो सकती है ? इस के साथ ही हम जाने गे के इस problam का seloution क्या हो सकता है।
What is Guam: सब से पहले हम जानते हैं के Guam क्या है  दोस्तों गुआम नार्थ कोरिया और अमेरिका के वीच का एक टापू है जिस की आबादी लगभग 1.5 लाख के करीब है , जिस की लंबाई 49 किलोमीटर और चौड़ाई 19 किलोमीटर है। गुआम की नार्थ कोरिया से दूरी ( Distence Guam from North Koriea ) 2131 मील  है , यह टापू अमेरिका का हिस्सा है , इस पर रहने वाले लोग अमेरिका के विसनीक माने जाते हैं । Guam की राजधानी का नाम Hughana है। इस को अमेरिका ने 1898 में स्पेन से जीता था। 

What is Guam Crisis : अब हम जानते हैं के Guam Crisis क्या है असल में दोस्तों नार्थ कोरिया ने
intercontinental ballistic missile तयार कर ली है इस बात का पता अमेरिका की खुफिया विभाग को चल गया था , पहले तो सब को लगा के चलो intercontinental ballistic missile ही है इतना नुकसान नहीं करेगी मगर बाद में पता चला नार्थ कोरिया उस पर एक nuclear head का इस्तेमाल कर रहा है , उस के कुछ दिन बाद मीडिया ने जब अमेरिका के प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प से इस के बारे में पूछा तो उन का कहना था के " Face fire and fury like the world has never seen " इस का मतलब है के नार्थ कोरिया को ऐसी तबाही का सामना करना पड़ेगा जो आज तक दुनिया में किसी ने नहीं किया। जब यह बात मीडिया में आई तो इस पर नार्थ कोरिया के जवाब दिया के हम आप की Territory Guam पर हमारी मिजाइले दाग देंगे ।
हम आप को बता दे के नार्थ कोरिया ने Guam को टारगेट इस लिए किया है क्यों की गुआम में अमेरिका की आर्मी और एयरफोर्स के 2 बेस हैं और इस के साथ ही काफी मात्रा में गोल बारूद वी वहां पे अमेरिका की तरफ से रखा गया है। इस लिए नार्थ कोरिया ने कहा है के हम वह जगह ही तबाह कर देंगे यहाँ से हमारी तरफ fire and fury आएगी। 

Read this History of Kohinoor Diamond
World War 3 के बारे म कुछ तथ्य:
दोस्तों हम आप को बता दे के गुआम में अमेरिका का Andersen airforce base है जहाँ पर अमेरिका के
B2 Stealth Bomber हैं जो के किसी वी राडार की रेंज में आए बिना ही किसी वी देश पर बम गिरा सकते हैं । जिस से लगता है के नार्थ कोरिया को ऐसा करने से पहले अमेरिका रोक लगा।
दूसरा कारण यह है के नार्थ कोरिया ने खुद कहा है के जो intercontinental ballistic missiles हैं वोह अपने टारगेट से 8,10 किलोमीटर इधर उधर गिर सकती हैं मगर गुआम की क्षेत्रफल के हिसाब से इन मिजाइलो को गुआम पर गिराना बहुत मुश्किल है।
तीसरा अमेरिका ने साउथ कोरिया और गुआम में स्पेशल THAAD लगा रखे हैं जो intercontinental ballistic missile को अपने आप ख़तम कर देते हैं ।
इन कारणों से लगता है के नार्थ कोरिया के लिए गुआम को टारगेट करना बहुत मुश्किल है।  अब हम एक नज़र नार्थ कोरिया पर डालते हैं ।
अगर नार्थ कोरिया गुआम से कुछ दूरी पे कोई मिजाइल दागता है जनि के समुन्दर में कोई बड़ा बोम्ब जा मिज़ाइल जिस से समन्दर में सुनामी आ जाए जिस से गुआम में तबाही हो । मतलब  नार्थ कोरिया सीधा अमेरिका की ज़मीन पे हमला नहीं करता और अमेरिका नार्थ कोरिया पे मिलीट्री अटैक करता है तो तो रशिया और चाइना इस में डायरेक्ट इन्वॉल्व हो जाएंगे।
दूसरा अगर अमेरिका नार्थ कोरिया पर हमला करता है और वहां की सरकार टूट जाती है तो बहुत ज्यादा मात्रा में लोग नार्थ कोरिया से साउथ कोरिया में आएंगे जिस से साउथ कोरिया की इकॉनमी को खतरा है ।
Guam crisis seloution :
दोस्तों इस का पहला seloution यह है के जैसे ईरान
के नुक्लेअर प्रोग्राम में suxnet नाम का वायरस अमेरिका ने डाल दिया जिस से उस प्रोग्राम का पांचवा हिस्सा डिलीट हो गया था जिस से वह काफी साल पीछे चला गया , यहाँ व् suxnet का इस्तेमाल कीया जाए।
दूसरा नार्थ कोरिया और साउथ कोरिया आपस में बातचीत करे और अमेरिका अपने THAAD सिस्टम को साउथ कोरिया से हटा ले , क्यों की नार्थ कोरिया को इस से बहुत ज्यादा अप्पति थी ।
तो दोस्तों यह ता Guam का पूरा टॉपिक आने वाले exam में इस से कुछ पूछा जा सकता है, अगर आप को हमारा आर्टिकल अच्छा लगा तो शेयर जरूर करें।