Monday, 9 July 2018

Alfred Nobel Biography in Hindi अल्फ्रेड नोबेल की जीवनी

Alfred Nobel Biography in Hindi अल्फ्रेड नोबेल की जीवनी

दोस्तों आज मैं जिस सक्श की बात करने जा रहा हु शायद आप में से बहुत लोग उस के बारे में जानते वी होंगे . आज मैं बात करने जा रहा हु Alfred Nobal के बारे में ।
alfred nobal biography in hindi
Alfred nobal


आप को पता ही होगा के नोबल पुरस्कार दुनिया में सब से बड़ा पुरस्कार है , यह पुरस्कार दुनिया भर में शांति और परगति के क्षेत्र में काम करने वाले लोगो को दिया जाता  है , लेकिन आप को यह जानकार बहुत हैरानी होगी के शांति के लिए दिया जाने वाला यह पुरस्कार Dynamite की खोज करने वाले विज्ञानक अल्फ्रेड नोबल की याद में दिया जाता है , जिन के लोग अपने इस  अविष्कार की वजेह से बहुत नफरत करते थे और अल्फ्रेड नोबल को मौत का सुदागर नाम से पुकारते थे , आपको इस की पूरी कहानी हम शुरू से बताते हैं ।

Alfred Nobel Biography in Hindi अल्फ्रेड नोबेल की जीवनी


अल्फ्रेड नोबल का जनम 21 oct 1833 को स्वीडन में हुआ , अल्फ्रेड नोबल के पिता पहाड़ो से पत्थर तोड़ कर पुल बनाने का काम करते थे , मगर स्वीडन में काम की कमी होने के कारण अल्फ्रेड का परीवार रूस के सेंटपेतेर्ब्र्ग में आ गया , यहाँ आ कर अल्फ्रेड का परिवार रूस की सर्कार के लिए बंदूक में पाए जाने वरूद बनाया करते थे ।

फक्टेरी खोलने के कुछ समय बाद क्रीमिया का युद्ध शुरू हो गया जिस में बरूद मांग तेज़ी से बढ़ गई और अल्फ्रेड के पिता का कारोबार तेज़ी से चल पढ़ा , और उन के पास बहुत सारे पैसे बी हो गए , जिस से अल्फ्रेड के पिता ने अल्फ्रेड की पढाई के लिए घर में अच्छे टीचर रख लिए जिस से अल्फ्रेड को chimistery में अपनी अछि पकड़ बना ली , उस के अल्फ्रेड अमेरिका अपनी अगली पढाई के लिए चले गे ।

अपनी पढाई पूरी करने के बाद अल्फ्रेड पेरिस आ गे यहाँ पर वोह अस्कानियो से मिले जिनो ने तीन साल पहले ही Nitroglycerin की खोज की थी , यह एक पैसा विस्फोटक था जो वरूद से कही जायदा शक्तिशाली हुआ करता था , मगर उस में एक कमी थी क्यों की वोह एक जगह से दूसरी जगह पर नहीं लेकर जा सकते थे क्यों कु वोह कही वी फट सकता था , उसी के बीच क्रीमिया का युद्ध वी ख़तम हो चूका था इस लिए अल्फ्रेड का परिवार वापस स्वीडन आ गया , साथ ही अल्फ्रेड Nitroglycerin का एक सेम्पल लेकर अपने घर आ गे , अल्फ्रेड इस में शोध करना चाहते थे जिस से इस से विस्फोट न हो ।

अल्फ्रेड अपने भाई के साथ मिल कर इस पे रिसर्च करने लगे मगर इसी वीच 3 sep 1864 उनकी लैब में एक व्लास्ट हो गया जिस से अल्फ्रेड के भाई की मौत हो गई , जिस के बाद अल्फ्रेड के पिता ने यह काम छोड़ दिया , और स्वीडन की सरकार ने वी रिसर्च लैब शहर में खोलने पर रोक लगा दी , यह अल्फ्रेड और उस के परिवार के लिए बहुत कठिन समय था , मगर अल्फ्रेड ने कुछ समय बाद शहर के बहार एक और लैब बनवाया , और कुछ सालो के बाद ही अल्फ्रेड ने NItroglycerin में सिलिका मिला कर उस का एक पेस्ट बना लिया , जिस को कही वी लेकर जा सकते थे , और इस को कोई वी आकार दिया जा सकता था , इस खोज का नाम उनोह ने Dynamite नाम से किया ।


उन के दुवारा बनाया गिया Dynamite की मांग पूरी दुनिया में होने लगी और उनोह ने अपनी इस कम्पनी को 20 से जयादा देशो में खोल दिया , मगर समय के साथ इस का परियोग युद्ध में वी होने लगा , इस की वजेह से बहुत से लोगो की जान चली गई जिस का पूरा आरोप अल्फ्रेड नोबल पर लगा , अब लोग उन् से नफरत करने लगे थे , और लोग अल्फ्रेड नोबल को मौत का सुदागर बुलाते थे ।



इस के बाद अल्फ्रेड नोबल बहुत दुखी हुए , अपनी मेहनत से पूरी दुनिया में नाम करने के बाद वेह बदनाम हो कर नहीं मरना चाहते थे , इस लिए उनोह ने लोगो की हेल्प करनी शुरू कर दी और मरने के बाद अपनी सारी सम्पति उन लोगो को पुरस्कार देने के लिए दान कर दी जो दुनिया मे शांति और परगति के लिए काम करेंगे ।

10 dec 1896 को अल्फ्रेड नोबल की मौत हो गई , लेकिन हर साल उन के दुवारा दान की गई सम्पति से इस विशव का सब से बड़ा पुरस्कार नोबल पुरस्कार दिया जाता है , आज लोग उन को एक महान विज्ञानक और समाज सेवक के नाम से याद किया करते हैं।

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Thursday, 5 July 2018

Jio phone 2 launched price and specifications ( मिलेगा 501 रुपये में जाने आफर)

Jio phone 2


दोस्तों आज मुंबई में अपने इवेंट में मुकेश अंबानी ने जियो फोन का अगला वर्जन लॉन्च कर दिया है जो कि एक के साथ
QWERTY कीपैड के साथ आता है दोस्तों इस फोन की कीमत वैसे तो जियो दोबारा 2999 रखी गई है मगर इस पर एक बहुत ही आकर्षक ऑफर है जिस ऑफर में यह फोन आपको 501 रूपय में मिल सकता है तो चलिए दोस्तों सबसे पहले हम इस फोन की स्पेसिफिकेशन जान लेते हैं।
jio phone 2 hindi


specifications:

इस फोन में आपको 2.4 इंच की डिस्प्ले और इसके साथ 0.3  मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा और 2 मेगापिक्सल रियल कैमरा देखने को मिलेगा जियो फोन 2 का स्क्रीन रेजोल्यूशन 240 * 320 है। इसके साथ ही आपको इसमें 4GB की स्टोरेज और 512 एमबी की रैम मिलती है। इसकी स्टोरेज को आप SD कार्ड लगाकर बढ़ा सकते हैं साथ में ही इसमें आपको 2000 MH की बैटरी मिलती है। इस के साथ साथ आप को NFC और GPS का सपोर्ट भी मिल जाता है।

इस फोन में आपको 15 अगस्त के बाद Facebook WhatsApp और YouTube जैसे कई एप्लीकेशन मिल जाएंगे जियो ने आप अपने इस अपग्रेड वर्जन में Google की कई एप्लीकेशन पर काम किया जो जियो फोन 1देखने को नहीं मिली|

अगर आप जियो फोन 1 से जियो फोन 2में अपग्रेड होना चाहते हैं तो आप 21 जुलाई से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं और यह दो-तीन हफ्ते के प्रोसेस के बाद आप 15 अगस्त से जियो फोन 2 का मजा ले पाएंगे।

offer:


जहां पर जियो ने एक ऑफर रखा है जिसके तहत आप जियो फोन टू को सिर्फ 501 रूपय में खरीद सकते हैं उसके लिए आप के पास जियो का पुराना फोन होना जरूरी है आप पुराना फोन दे कर और साथ में 501 रुपए दे कर जियो का नया फोन खरीद सकते हैं|

यह फोन उन लोगों के लिए है जो लोग बेसिक फोन से स्मार्टफोन की तरफ जा रहे हैं यहां पर जियो ने कहां है कि देश में 35 मिलियन लोग जियो फोन यूज कर रहे हैं जो के एक बहुत बड़ा नंबर है और उन लोगों के लिए जियो फोन 2 एक बहुत अच्छी ऑप्शन है।
तो दोस्तों आप जियो फोन के बारे में क्या सोचते हैं क्या आप को लगता है कि जियो इतनी कीमत मैं अच्छे फीचर दे रहा है अपनी राय हमें कमेंट करके बताएं

Wednesday, 4 July 2018

What is Anonymous hackers group and history in hindi |

 Anonymous hackers

दोस्तो आज के समय मे इन्टरनेट हम सब के शरीर का अंग बन चुका है। दुनिया के सभी देशों की इकॉनमी भी इंटरनेट  पर ही टिकी हुई है। बड़े बड़े देश पैसो का लेन देन भी इंटरनेट के जरिए ही करते हैं। मगर कुछ लोग इतने तेज़ दिमाग के होते हैं के वोह इस सिस्टम को ही तहस नहस कर देते हैं। जिन में ज्यादातर गेरकनूनी तरीके से काम करते हैं।
anonymous hacker group hindi

असल में हैकर कर दो तरह के होते हैं Black hat hackers और दूसरे White hat hackers ।
जो गैरकानूनी तरीके से किसी का डाटा हैक करते हैं या किसी के बैंक अकाउंट को हैक करते हैं उसको हम सरल भाषा में ब्लैक हैट हैकर्स कह कर बुलाते हैं और दूसरे जो कानून के दायरे में रहकर सरकार जा देश के हित में काम करते है उनको हम व्हाइट हैट हैकर कहते हैं ।
लेकिन जिसके बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं वह अपना काम गैरकानूनी तरीके से करता है लेकिन वह काम दुनिया के लोगों के हित में होता है जी हां दोस्तो मैं बात करने जा रहा हूं Anonymous hackers group के बारे में तो चलिए दोस्तों हम आपको बताते हैं की जय ग्रुप कब शुरू हुआ और कैसे सुर्खियों में आया और कैसे आज यह आम लोगों की मदद करता है।

" We are anonymous , we are legion , we do not forgive , we don not forget , expect us "
यह वोह लाइन्स हैं जो यह ग्रुप हमेशा कहता है इस का मतलब है " हुम् गुमनाम हैं हम हैकर्स आर्मी हैं , हुम् गलत काम करने वालो को माफ नही करते , न ही हम से यह उम्मीद रखे । "

What is Anonymous : 

इसका अर्थ होता है गुमनाम अगर आप इंटरनेट पर कोई काम करते हैं तो एक IP एड्रेस के माध्यम से आपका पता चल जाता है अगर आप किसी तरीके से अपने आप छुपाकर इंटरनेट पर कोई काम करते हैं तो आप इंटरनेट के एनोनिमस हैं।।

Anonymous hackers group history : 

इस ग्रुप में कितने लोग काम करते हैं और यह ग्रुप कहां से ऑपरेट किया जाता है इसके बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है लेकिन कहा जाता है कि 2003 में यह ग्रुप एक वेबसाइट से बना असल में 2003 में कुछ लोगों ने 4chain.net नाम की एक वेबसाइट बनाई जिस पर आप किसी भी देश या मंत्री जो आपके दिल में जो भी बात है आप लोगों के सामने रख सकते हैं और आपकी डिटेल गुप्त रहती थी । इस साइट पर किसी मुद्दे को लेकर दो लोगों में विवाद हो गया और वह एक दूसरे को गाली गलौज करने लगे इसी समय एक शख्स ने दूसरे की सभी पर्सनल डिटेल्स हैक कर वेबसाइट पर पब्लिश कर दी  और साथ ही एक मैसेज छोड़ा जिस में लिखा थ " We are Anonymous "जहां से इस ग्रुप की शुरुआत हुई।

यह ग्रुप सुर्खियों में 2012 में आया असल में इंटरनेट पर एक वेबसाइट है जिसका नाम है wikileaks यह वेबसाइट दुनिया के बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों के खिलाफ काम करती है और यूजर्स के ही पैसों यह साइट चलती है एक बार सरकार ने यूजर के द्वारा दिए जाने वाले फंड पर रोक लगाने के लिए बैंक को आदेश दिया उसी समय Anonymous group ने बैक के गेटवे को हैक कर इस फाउंड को रुकने नहीं दिया जिसके बाद यह ग्रुप सुर्खियों में आ गया ।
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इसके अलावा इस ग्रुप में एक बार डोनाल्ड ट्रंप की वेबसाइट को भी हैक कर लिया था क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने मुसलमानों के खिलाफ कुछ गलत बोल दिया थ। जहां तक के इस ग्रुप में ISIS की कई वेबसाइट को हैक कर उनके लिंक को तोड़ दिया ।

इस ग्रुप की लोकप्रियता को देखते हुए Times ने इसे 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था।
हालहि में इस ग्रुप ने दावा किया था के Relince Jio लोगो का कालिंग डेटा को आगे वेचता है। मगर इस के अभी तक पुख्ता सबूत नही मिले हैं।

Friday, 29 June 2018

Mintu gurusaria biography in hindi( डाकुआँ दा मुंडा ) मिन्टू गुरुसरिया की जीवनी

 Mintu gurusaria biography in hindi( डाकुआँ दा मुंडा )

दोस्तों आज हम जिस हीरो की बात करने जा रहे हैं। उसने अपनी जिंदगी में वह करके दिखाया है,
 जो हर किसी के बस में नहीं होता कहने को तो वह एक साधारण से घर का लड़का था लेकिन आज वह दूसरे लोगों के लिए एक प्रेरणा दायक इंसान बन चुका है ।
जी हां दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं पंजाबी जर्नलिस्ट मिंटू गुरु सरिया के बारे में
जिन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत से बुरे काम बुरे समय और बुरे लोगों के साथ बताने के बावजूद आज दूसरे लोगों के लिए प्रेरणादायक बन चुके हैं।
mintu gurusaria


आपने बहुत से सेलिब्रिटी की जिंदगी पर बनी कई फिल्में देखी होगी लेकिन मिंटू गुरु सरिया ना तो बहुत बडा फिल्मी सितारों या बड़ा खिलाड़ी या वैज्ञानिक नहीं है
लेकिन फिर भी उसकी जिंदगी पर एक पंजाबी मूवी बनकर तैयार हो चुकी है दोस्तों कोई भी फिल्म उस शख्स की जिंदगी पर ही बनाई जाती है ।
जिसने अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा किया हो उसी तरह मिंटू गुरु सरिया ने भी जैसे अपनी जिंदगी में उतार चढ़ाव देखें और आखिर में Khalnayak से एक नायक बनकर उभरे आज हम उस हीरो की जिंदगी को शुरू से जाने गे।

जन्म और बचपन : मिंटू गुरु सरिया का पूरा नाम बृजेंद्र सिंह मिंटू है उसका परिवार पाकिस्तान से आकर पंजाब में बसा था
 पाकिस्तान में उनका गांव राजा जंग था मिंटू गुरु सरिया का जन्म 26 जुलाई 1979 को पंजाब के फाजिल्का के गुरुसर गांव में हुआ ।
जो कि राजस्थान के बॉर्डर पर लगता है बॉर्डर पर बसने के कारण ही यहां पर नशा ज्यादा मात्रा में मिलता है ।
मिंटू के पिता का नाम बलदेव सिंह और माता का नाम जसवीर कौर है। मिन्टू के दादा और पििता नशा तस्करी का काम करते थे। जिन के लिए उन को डाकू कह कर बुलाया जााता ।

बचपन में मिंटू पढ़ाई में बहुत होशियार था जिसके चलते उसने अपनी पढ़ाई गांव के स्कूल में ही पूरी की और उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अबोहर दाखिला लिया।
अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए मिंटू ने मलोट दाखिला ले लिया
लेकिन यहां पर बुरे लोगों की संगत के चलते उसे नशेे की लत लग गई मिंटू ने अपनी एक इंटरव्यू में बताया कि एक समय ऐसा था जब वह 1 दिन नशे कि 100 गोली खा लेेेता था।

उस वक़्त मिन्टू ने अपनी ज़िंदगी से भड़क कर गलत रास्ते पर चल पड़े थे । नशे के लिए किसी को मारना लूट पाट करना ऐसे काम उन के लिए आसान थे।

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कोई भी उन को नशे का लालच दे कर ले जाता था और अपना काम करा लेता था।
इसी दोष में उन के पिता को भी एक वार जेल हो गई और उन की जेल में ही मौत हो गई।

लेकिन इसी के साथ साथ मिन्टू के दिल मे अच्छा इंसान बनने की चाहत भी बरकरार थी।

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अपनी जिंदगी के कई साल ऐसे ही बर्बाद करने के बाद एक वार उन का एक्सीडेंट हो गया
और डॉक्टर ने उसे कई महीने आराम करने के लिए कहा । मिन्टू अपना समय गुजरने के लिए कुछ किताबें पड़ता रहता जिन का उस की ज़िंदगी पर बहुत गहरा असर पड़ा। 
बड़े बड़े शूरवीरो की कहानिया पड़ कर उन के मन मे यह ख्याल आया के में ऐसे नही मरना मुझे कुछ करना है।
जिस के चलते उस ने पत्रकारी क्षेत्र में आने का फैसला किया। और आज मिन्टू पंजाब के जाने माने पत्रकार हैं । 

Mintu gurusaria faimly :


 मिन्टू ने अपनी दोस्त मनदीप कौर के साथ शादी कर ली और उन का एक बेटा भी है।
मिन्टू ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बताया के उन को अपनी ज़िंदगी मे अच्छा बनाने के लिए उन की पत्नी का बहुत सहजोग मिला है।

Books : 

मिन्टू की सब से ज्यादा मशहूर किताब उन की अपनी ज़िंदगी पर आधारित "डाकुआँ द मुंडा " है।
जिन में उनोह ने अपनी ज़िन्दगी की कहानी लिखी है। इन के इलावा एक और किताब ज़िन्दगी के आशिक़ भी लिखी है। 

दोस्तो यह थी एक आम लड़के की कहानी के कैसे उस ने अपने जज्बे से उस नरक भारी ज़िन्दगी से निकल कर दूसरे लोगो के सहमने एक मिसाल पेश की है। आज मिन्टू पंजाब में नशे के खिलाफ एक मुहिम चला रहे हैं। इस के इलावा उन की जीवनी को पढ़ कर बहुत से लोग प्रेरित हुए हैं। हम इस महान इंसान को सलाम करते हैं।

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Monday, 11 June 2018

Yuvraj singh biography in hindi युवराज सिंह का जीवन परिचय

Yuvraj Singh biography in Hindi युवराज सिंह का जीवन परिचय  


  नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी की जिन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है ।आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे प्रेरणादायक शख्स के बारे में जिन्होंने कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को भी मात दे दी और अपना क्रिकेट कैरियर दोबारा शुरू किया ।जी हां दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं भारतीय क्रिकेट टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह के बारे में ।6.1 फीट का और 78 किलो वजनी  यह खिलाड़ी  जब क्रीज पर आता है  तो  दुनिया के बड़े-बड़े बॉलर  के पसीने छूट जाते हैं ।युवराज सिंह आज भारतीय क्रिकेट टीम के बहुत ही जाने माने खिलाड़ी हैं पूरी दुनिया में युवराज सिंह के लाखों फैन हैं तो चलिए दोस्तों इस महान खिलाड़ी की जीवनी को हम शुरू से जानते हैं।

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जन्म और बचपन  : 

युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ। युवराज सिंह के पिता का नाम जोगराज सिंह है जो के पूर्व क्रिकेटर रह चुके हैं ।इसके अलावा युवराज सिंह के पिता पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता है। यवराज सिंह की माता का नाम शबनम सिंह है। इसके अलावा युवराज सिंह के भाई का नाम जोरावर सिंह है। छोटी ही उम्र में युवराज सिंह के माता-पिता का तलाक हो गया था जिसके चलते युवराज सिंह को अपनी माता के पास रहना पड़ा। 

युवराज सिंह ने अपनी पढ़ाई  DAV स्कूल  चंडीगढ़ से  हासिल की । युवराज सिंह को बचपन में टेनस और रोलर स्केटिंग करना बहुत अच्छा लगता था मात्र 11 साल की उम्र में युवराज सिंह ने रोलर स्केटिंग में 14 अवार्ड जीत लिए थे। मगर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अपने बेटे को एक क्रिकेटर बनाना चाहते थे जिसके चलते उन्होंने नाराज होकर एक दिन युवराज सिंह के जीते हुए सभी मेडल और ट्रॉफी बाहर फेंक दिए और पिता के दबाव के चलते युवराज सिंह ने रोलर स्केटिंग छोड़ कर अपना ध्यान क्रिकेट की तरफ लगाया ।बचपन में युवराज सिंह के कोच नवजोत सिंह सिद्धू थे लेकिन उससे युवराज सिंह के खेल में ज्यादा निखार नहीं आया ।जिसके चलते जोगराज सिंह सिंह ने खुद युवराज को ट्रेनिंग देना शुरू किया।

नवजोत सिंह सिद्धू ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब युवराज के पिता युवराज को स्टेडियम में ट्रेनिंग देते थे तो आधे स्टेडियम की लाइट्स बंद कर दी जाती थी और टेनिस बॉल को गीला किया जाता था जिससे वह और तेज निकलती थी और युवराज सिंह को अंधेरे में उस गेंद को जज करना पड़ता था । जिससे युवराज सिंह की बैठक में चमत्कारी निखार आया ।

Cricket Career :

युवराज सिंह ने  अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत 1996 की जब उन्हें अंडर-19 पंजाब के लिए चुना गया आगे चलकर युवराज सिंह को भारतीय अंडर-19 के लिए चुन लिया गया। युवराज सिंह ने अपने पहले ही टूर्नामेंट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था जहां पर उनका सर्वाधिक स्कोर 84 रन था जो कि 82 गेंदों में बनाए थे ।

इसी टूर्नामेंट में युवराज सिंह को मैन ऑफ द टूर्नामेंट  से भी नवाजा गया ।अगर हम टेस्ट मैच की बात करें तो युवराज सिंह ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने सबसे ज्यादा रन 324 बनाएं। 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ युवराज सिंह ने अपना पहला शतक जमाया 2005 से 2006 के बीच युवराज सिंह को 3 बार मैन ऑफ द सीरीज भी चुना गया।

अगर हम T20 की बात करें तो  युवराज सिंह को 2007 में पहली बार भारतीय T20 क्रिकेट टीम मैं शामिल किया गया जब राहुल द्रविड़ ने भारतीय कप्तानी से इस्तीफा दिया तो महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाया गया और युवराज सिंह को एक हिटर के रूप में टीम शामिल किया गया ।

2007 में वर्ल्ड कप से पहले भारत में इंग्लैंड के खिलाफ एक सीरीज खेली जिसमें युवराज सिंह को गेंदबाजी करते समय इंग्लैंड के एक खिलाड़ी मसकीयस ने 5 गेंदों में 5 छक्के जड़े । जिस का बदला युवराज सिंह ने 19 सितंबर 2007 T20 वर्ल्ड कप मैं एक मैच के दौरान इंग्लैंड के गेंदबाज स्ट्रीट ब्रॉड को छह गेंदों में छह छक्के जड़कर लिया।

IPL Career : 

अगर हम युवराज सिंह की IPL कैरियर की बात करें तो वह उनके लिए इतना अच्छा नहीं रहा ।अपने IPL कैरियर में युवराज सिंह अपने फैंस की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं ।2011 में अपना इलाज कराने के बाद युवराज सिंह 2012 में भारत आए। 

सबसे पहले युवराज सिंह को किंग्स इलेवन पंजाब  में  बतौर कप्तान  खिलाया गया  लेकिन युवराज सिंह का प्रदर्शन इतना अच्छा नहीं रहा । उससे अगले साल पुणे वॉरियर्स ने 14 करोड़ में युवराज सिंह  को खरीदा। उससे अगले ही साल कॉन्ट्रोवर्सी के चलते यह टीम आईपीएल से बाहर हो गई ।2014 में युवराज सिंह को रॉयल चैलेंज बैंगलोर ने 14 करोड़ में खरीदा 2015 में युवराज सिंह को दिल्ली ने 16 करोड़ मैं खरीदा। 2016 में हैदराबाद ने युवराज सिंह को 7 करोड़ में खरीदा  युवराज सिंह का IPL कैरियर इतना अच्छा नहीं रहा।

Records : 


युवराज सिंह ने बहुत से रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं जिनमें सबसे पहले छह गेंदों पर छह छक्के लगाने का रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम है T20 के इतिहास में ऐसा करने वाले युवराज सिंह पहले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा युवराज सिंह पहले ऐसे ऑलराउंडर हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप में 300 से अधिक कराना और 15 विकेट लिए हो । 2011 वर्ल्ड कप में सबसे लंबा छक्का मारने का रिकॉर्ड भी  युवराज सिंह के नाम है जो कि 120 मीटर लंबा था।


Faimly : 

युवराज सिंह के पिता का नाम योगराज सिंह और उनकी माता का नाम शबनम सिंह है इसके अलावा युवराज सिंह के भाई का नाम जोरावर सिंह है 2015 में युवराज सिंह ने अपनी फ्रेंड हेजल कीच के साथ इंगेजमेंट कराई और 30 नवंबर 2016 को दोनों ने शादी कर ली ।

Interesting Fact about yuvraj singh life:

युवराज सिंह को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में सबसे पहला चेक 21 लाख का मिला था जो के उन्होंने अपनी माता को दिया था।


युवराज सिंह ने 2 पंजाबी मूवी मैं भी काम किया है जिनमें से "पुत सरदारा दे "और "मेहंदी शगना "दी हैं।
युवराज सिंह को उनके फैन युवी कह कर बुलाते हैं।

युवराज सिंह ने एक बॉलीवुड मूवी "Jumbo" मैं काम किया है जो कि एक एमिनेशन मूवी है जिसमें युवराज सिंह ने अपनी आवाज रिकॉर्ड कराई है।

2011 में युवराज सिंह ने कैंसर का इलाज कराने के बाद YouWeCan नाम की एक संस्था चलाई है जो कैंसर के मरीजों की सहायता करती है।


युवराज सिंह ने अपनी जिंदगी पर आधारित एक ऑटो बायोग्राफी भी लिखी है जिसका नाम "टेस्ट ऑफ माय लाइफ" है।

युवराज सिंह का लकी नंबर 12 हैं इसलिए वह 12 नंबर की जर्सी पहनते हैं।

इसके अलावा 2011 में युवराज सिंह की जिंदगी में एक बहुत बड़ा बदलाव आया जब उन्हें पता चला कि उनके लंग में कैंसर है लेकिन अच्छी बात यह थी यह अभी पहली स्टेज पर ही था। इसलिए युवराज सिंह अमेरिका गए वहां उन्होंने बीसटन मैं कीमोथैरेपी कराई जिसकी 1 साल बाद मैं बिल्कुल ठीक हो गए।

तो दोस्तों यह तो थी युवराज सिंह की जिंदगी की कहानी हमें उम्मीद है यह आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगती होगी। अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

Saturday, 9 June 2018

20 Interesting fact about Russia in hindi रूस से जुड़े 20 रोचक तथ्य

20 Interesting fact about Russia in Hindi

20 Interesting fact about Russia in hindi

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं क्षेत्रफल में दुनिया के सबसे बड़े देश रसिया के बारे में । दोस्तों रशिया की आबादी 14 करोड़ 5000000 है इसके अलावा रसिया दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा तेल पैदा करने वाला देश है। यही बात है कि दुनिया में सबसे ज्यादा करोड़पति भी रशिया में रहते हैं। रसिया का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि इसमें कुल 9 टाइम जोन है रसिया की राजधानी मास्को है जो के इस का सबसे बड़ा शहर है। क्षेत्रफल में बड़ा होने के कारण रूस समय एक समान नहीं रहता रशिया में यहां कुछ शहरों पर रात हो जाती है वही आधे शहरों में दिन होता है। तो चलिए दोस्तों आज हम आपको इस खूबसूरत देश के बारे में 20 अनसुने और रोचक तथ्य बताने वाले हैं हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगती होगी।

  1. अगर हम हथियारों की बात करें तो रसिया के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं जिनकी संख्या 8400 है
  2. रशिया का एक शहर ऐसा है यहां का तापमान - 50 डिग्री होता है और यहां पर दोपहर 2:00 बजे सूरज उगता है और सिर्फ डेढ़ घंटे बाद 3:30 बजे छिप जाता है।
  3. कहा जाता है कि रशिया में 15 ऐसे गुप्त शहर है जिनके बारे में वहां पर रहने वाले लोगों को भी नहीं पता रशिया की सरकार ने इसे इतना गुप्त रखा है कि इसके बारे में आप Google मैप या किसी भी सोर्स से पता नहीं लगा सकते।
  4.  रशिया में लड़कियों की गिनती लड़कों के मुकाबले काफी ज्यादा है यहां पर लड़कों के मुकाबले 9000000 लड़कियां ज्यादा है
  5. रशिया में 15 साल की उम्र तक लड़कियां अपनी वर्जिनिटी खो देती हैं।
  6.  रूस में एक ऐसी झील पाई जाती है जिसका पानी बहुत ज्यादा शुद्ध है कहा जाता है कि दुनिया मे 20% शुद्ध पानी इस झील में पाया जाता है जिसका नाम " Baikal" है ।
  7.  रशिया में 500000 लोग हर साल शराब पीने से मर जाते हैं एक रिपोर्ट का यह कहना है कि रशिया में 20% लोग हेरोइन लेते हैं।
  8. आपको यह जानकर हैरानी होगी के रसिया में एक ऐसा कॉफी शॉप भी है यहां पर खाना और पीना बिल्कुल मुफ्त मिलता है लेकिन वहां पर बैठने और समय बताने के लिए खर्च देना पड़ता है।
  9.  रशिया में अभी भी टीचर को फीस के बदले वोदका दी जाती है।
  10.  रसिया दुनिया में पहला ऐसा देश है जिसने सबसे पहले अंतरिक्ष में अपना सेटेलाइट भेजा
  11.  रशिया में एक ऐसी महिला है जिसके नाम दुनिया में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करने का रिकॉर्ड है इस औरत ने 69 बच्चों को जन्म दिया
  12. रूस में वोडका का इतनी ज्यादा मात्रा में पाई जाती है के यहां पर रहने वाले 25% लोग 55 साल से कम उम्र में मर जाते हैं जिसका के मेन कारण वोडका है।
  13.  रशिया में सेंट पीटर बर्ग एक ऐसा शहर है जो नदियों के ऊपर बसा है यहां पर 1000 से ऊपर ब्रिज हैं
  14.  रूस में सबसे लंबी रेलवे लाइन है जो अमेरिका से कुछ ही दूरी पर बसे शहर मॉस्को से चलकर एशिया तक आती है जिसकी कुल लंबाई 9000 किलोमीटर है
  15. रूस में आदमियों की ऑप्शन जिंदगी 59 साल है जबकि औरतों की 73 है
  16.  रूस में एक ऐसा म्यूजियम भी है जहां पर दुनिया की हर एक चीज मिलती है अगर आप इस म्यूजियम में एक एक चीज को सिर्फ 2 मिनट भी देखें तो भी आपको पूरा म्यूजियम देखने के लिए 6 साल लग जाएंगे
  17.  रूस के मास्को शहर में दुनिया के 79 अरबपति लोग रहते हैं।
  18.  रूस में बालों को जट तेल से नशा होता है जहां पर अक्सर ही भालू एयरपोर्ट पर आकर जहाजों में पाए जाने वाले तेल को सूँघ कर चले जाते हैं
  19.  रूस की सेना दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी सेना है पहले नंबर पर अमेरिका दूसरा नंबर रूस का है
    20. मास्को की मेट्रो दुनिया की तीसरी सबसे व्यस्त मेट्रो है जहां पर हर दिन 700000 लोग सफर करते हैं।

Friday, 8 June 2018

5 best ways to earning online in hindi ( make money online )

5 best ways to earning online in hindi ( make money online )


दोस्तों जैसे के आप सब जानते है हम इन्टरनेट के लिए इतने पैसे खर्च करते है . मगर क्या आप को पता है के कुछ लोग इन्टरनेट से पैसे कमाते वी है. जी हाँ दोस्तों कुछ लोग इन्टरनेट से लाखो की हिसाब से पैसे कमा रहे है , तो चलिए मैं आप को ऐसे 5 बेहतरीन तरीके बताउगा जिस से आप बी इन्टरनेट से पैसे कमा सकते है . दोस्तों वैसे तो और वी बहुर तरीके है इन्टरनेट से पैसे कमाने के मगर आज मैं आप को बेस्ट 5 तरीके के बारे में बतौगा . तो चलिए दोस्तों शुरू करते है .


5 best ways to earning online in hindi ( make money online )



1 Youtube:

सब से पहला और बेस्ट तरीका है youtube , इस के लिये आप को youtube पर एक चैनल बनाना होगा , चैनल बनाने क बाद आप को अपनी खुद की विडियो अपलोड करनी होगी अपनी आवाज में , एक बात यहाँ ध्यान देने वाली है के आप किसी दुसरे की विडियो डाउनलोड करके अपने चैनल पे अपलोड नहीं कर सकते , उस को youtube पहचान लेता है वोह अपलोड नहीं होती , अगर हो वी गई तो जिस की आप ने विडियो डाली है वोह youtube को शिकयत करेगा तो आप का चैनल बंद कर दिया जाएगा , विडियो डालने की बाद आप को उस विडियो को शेयर करना होता है जब आप के टोटल दस हज़ार व्यू हो जाते है तो आप अपने चेन्नल monitize कर सकते हो जिस से आप के विडियो के आगे ऐड आना शुरू हो जाएगा जिस से के आप को कमाई होगी 


2 Afilated markiting: 


इस से आप किसी व् इ कमर्स साईट पर जैसे के अमेज़न , फ्लिप्कार्ट वगेरा पर मेम्बरशिप ले सकते है और उन के प्रोडक्ट को वेच कर उस में से अपना कमिशन ले सकते है , इस के लिया आप को पहले मेम्बरशिप लेनी है वोह बिलकुल फ्री है और जो प्रोडक्ट आप को वेचना है उस को सर्च करना है उस के बाद वो कम्पनी आप को उस का एक लिंक देगी आप को उसे शेयर करना है जितने वी लोग उस लिंक से जा कर चीज़े खरीदे गे उस का आप को क्मिशिन मिलेगा 


3.Domain: दोस्तों मैं आप को बता दू के डोमेन एक url होता है , जिसे हम साईट वी कहते है जैसे के www.myindia.com यह एक डोमेन है , कुछ लोग इसे खरीद लेते है जैसे के उद्धरण के तोर पे रेलिन्स जिओ कम्पनी है और यह अपना फ़ोन लांच करने जा रही है और मुझे पता है के यह फ़ोन कम्पनी अपने वेबसाइट पर वेचेगी तो मैंने पहले ही  www.jiophone.com  नाम का डोमेन खरीद लिया , अब कम्पनी यह देखे गी के यह डोमेन किस के पास है आप इस डोमेन पे for selling लिख के छोड़ देगे जब कम्पनी को इस साईट की जरूरत होगी तो वोह आप से सम्पर्क करेगी और आप उस को अपना डोमेन लाखो में वेच सकोगे 




4. Fiver.com यह एक ऑनलाइन साईट है यहाँ आप सब कुछ वेच सकते है , यहाँ पर कम से कम कीमत 5 डोलर होती है किसी वी काम की , अब हम आप को बताते है के इस पर काम क्या क्या होते है , आप यहाँ किसी को website desgine करके दे सकते हो , किसी को आर्टिकल लिखाना होता है आप उस को वोह व् लिख के दे सकते हो अगर आप का फेसबुक पर कोई पेज है जिस के लाखो में लाइक है तो किसी को अपने प्रोडक्ट लोगो में दिखना होता है तो वोह आप को कम से कम 5 डोलर देगा उस के प्रोडक्ट का लिंक शेयर करने के आप ज्यादा वी ले सकते हो मगर कम से  कम 5 डोलर होते है


5. Website: अगर आप के पास अछि नॉलेज है तो आप अपनी खुद की एक website बना सकते हो उस पे अछि पोस्ट डालो जिस को देखने लोग आपकी website पे आए . और फिर आप अपनी website को google adsense से जोड़ना होगा जिस से google आप की साईट पर ऐड देगा आप ने देखा होगा ऐसी बहुत सी websites है जिस पे आप को ऐड दिखती होगी तो उन लोगो को उस ऐड के वी पैसे मिलते है तो दोस्तों आप ऐसे वी इन्टरनेट से पैसे कम सकते है.






आप को मेरा आर्टिकल कैसा लगा मुझे कमेंट करके जरुर बताए और आगे शेयर करे धन्यवाद!

Thursday, 7 June 2018

Biography of Mujeeb Ur Rehman (Mystery Spiner) in hindi ( मुजीब उर रहमान की जीवनी)

Biography of Mujeeb Ur Rehman (Mystery Spiner) in hindi ( मुजीब उर रहमान की जीवनी):

  
Mujeeb Ur Rehmaan 

दोस्तों आज मैं जिस शख्स की बात करने जा रहा हूं वह क्रिकेट की दुनिया का एक चमकता सितारा है ।जिसने यह मुकाम बहुत ही छोटी उम्र में हासिल कर लिया है दोस्तों मैं बात करने जा रहा हूं अफगानिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर मुजीब उर रहमान की, जो कि हाल ही में चले इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेले और अपनी गेंदबाजी से सबको हैरान कर दिया।

यह 17 वर्षीय खिलाड़ी बहुत ही अच्छा खेला जिसके सामने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े खिलाड़ी जैसे एबी डिविलियर्स , विराट कोहली और केन विलियमसन जैसे दिग्गज भी ढेर हो गए ।तो चलिए दोस्तों आज हम आपको मुजीब उर रहमान की जिंदगी की पूरी कहानी शुरू से बताते हैं।


जन्म और बचपन :मुजीब उर रहमान का जन्म 26 मार्च 2001 को अफगानिस्तान के खोस्त मैं हुआ।  जब मुजीब सिर्फ 3 महीने के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया घर में बहुत ज्यादा गरीबी होने के कारण मुजीब ज्यादा पढ़ लिख नहीं पाए ,यही वजह है कि आज भी मुजीब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करते हैं तो अपनी भाषा पास्तो मैं ही बात करते हैं उनके कोच आगे उसको अंग्रेजी में बदलकर बताते हैं।

मुजीब उर रहमान एक लेग स्पिनर हैं अपनी 17 वर्षीय उम्र में इतनी कारगर गेंदबाजी से मुजीब ने सबको प्रभावित किया है अगर हम मुजीब के शरीर की बन्त्र बात करें तो  उनका कद 5 फुट 11 इंच है इसके अलावा बाइसेप्स का आकार 14 इंच और छाती का आकार 40 इंच है इसके अलावा आंखें भूरे रंग की है।

मुजीब को छोटी ही उम्र से क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था जिसके चलते वह अपनी गेंदबाजी को निखारते गए, एक इंटरव्यू में मुजीब ने बताया के जो वह कैरम बाल डालते है वह बाल उन्होंने भारत के जाने-माने स्पिनर अश्विन से उनकी वीडियो देखकर सीखी है । इसके अलावा मुजीब एक ही ओवर में 5 तरीके की बाल डाल सकते हैं जिसके चलते मुजीब को मिस्ट्री स्पिनर के नाम से भी बुलाया जाता है।

Cricket Career :मुजीब ने अपने एक दिवसीय क्रिकेट कैरियर की शुरुआत 5 दिसंबर 2017 को आयरलैंड के खिलाफ की,  इसके अलावा 5 फरवरी 2018 को अपने T20 कैरियर की शुरुआत जिंबाब्वे के खिलाफ खेलकर की ।मुजीब ने अब तक 43 एक दिवसीय और 38 T20 मुकाबले खेले हैं जिसमें उन्होंने अपनी मिस्ट्री गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया है।

घरेलू लीग्स : इसके अलावा अगर हम मुजीब उर रहमान की लीग मैं बात करें तो 2017 में मुजीब उर रहमान स्पीन घर क्षत्र के लिए खेले जिसके बाद 2017 में ही बूस्ट डिफेंडर्स और उसके बाद इसी साल बांग्लादेश प्रीमियर लीग और 2017 में ही कामिला विक्टोरिया और हाल ही में 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग में खेले

Lifestyle : अगर हम मुजीब और रहमान की लाइफस्टाइल की बात करें तो मुजीब अभी कुंवारे हैं इसके अलावा उनके पसंदीदा खिलाड़ी अफगानिस्तान के ही स्पिनर राशिद खान हैं


Property :मुजीब के पास 2018 में कुल संपत्ति 30000000 है मुजीब के बारे में एक बात बहुत मशहूर है के जे दुनिया का सबसे कम उम्र का करोड़पति है जिसने अपनी मेहनत पर इतनी संपत्ति बनाई है।


तो दोस्तों यह तो थी अफगानिस्तान की मिस्ट्री स्पिनर मुजीब उर रहमान की जिंदगी की कहानी हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगती होगी आप हमें कमेंट करके हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Wednesday, 6 June 2018

Interesting fact about Dubai in hindi दुबई के बारे में रोचक जानकारी

 Interesting fact about Dubai in hindi  दुबई के बारे में रोचक जानकारी:

Interesting fact about Dubai in hindi
  नमस्कार दोस्तों आपने दुबई के बारे में बहुत सुना होगा कई हॉलीवुड और बॉलीवुड की मूवी मैं बहुत बड़ी बड़ी बिल्डिंग दिखाई जाती है वह सभी दुबई में मौजूद हैं आज हम आपको दुबई  के बारे में कुछ रोचक जानकारी देने वाले हैं हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगती होगी तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं

दोस्तों आपने अब तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के बारे में सुना होगा लेकिन 2020 मैं बंद कर तैयार होने वाली वेल्डिंग द पावर ऑफ द ग्रीक हर्बल द ग्रीक हर्बल दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत होगी जिसकी लंबाई 1000 मीटर तक होगी 
दुबई में 1960 मैं तेल की खोज हुई जिसके बाद दुबई ने तरक्की करनी शुरू की 1960 से पहले दुबई कुछ नहीं था 1990 में दुबई में 1 सबसे ऊंची इमारत थी जिसका नाम था वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और अगर इस वक्त देखा जाए जाए तो पूरे दवाई में 900 से ऊपर ऊंची इमारतें हैं जिनमें से 156 तो गगनचुंबी इमारतें हैं
दुबई में 75% लोग भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश से हैं दुबई में रहने वाले लोग जिनको अमरावती कहा जाता है वह सिर्फ 15 परसेंट है 

जिस तरह भारत में कुत्ते और बिल्ली को पाला जाता है वैसे ही दवाई में लोग अपने शौक के लिए चीता और शेर को पालते हैं

Interesting fact about Dubai


जैसे दुनिया के हर कोने में हफ्ते के आखरी दिन शनिवार और रविवार होते हैं वैसे ही दवाई में वीकेंड शुक्रवार और शनिवार को मनाया जाता है ऐसा इसलिए है क्योंकि दुबई में रहने वाले लोग मुसलमान हैं और वह शुक्रवार को नमाज अदा करते हैं  जिसके लिए दुबई की सरकार ने वीकेंड के आखिरी दिन दिन शुक्रवार और शनिवार कर दिए हैं

दुबई में पुलिस जब गस्त करती है तो वह किसी साधारण गाड़ियों के साथ नहीं बल्कि Ferrari लैंबोर्गिनी जैसी बड़ी स्पोर्ट्स कारों के साथ करती है इसका कारण यह है कि दुबई में ऐसी गाड़ियां होना बहुत ही साधारण बात है वहां लगभग हर एक के पास ऐसी ही गाड़ियां हैं जिसके कारण अगर कोई क्राइम करता है तो उसको पकड़ने के लिए पुलिस के पास भी उतनी ही बड़ी गाड़ियां होना जरूरी है

सोना दुनिया में हर एक को पसंद है मगर दुबई के लोग के लोग सोने को ज्यादा ही पसंद करते हैं दुबई में गोल्ड प्लेटेड कारें मिलना आम बात है दुनिया के किसी भी कोने में अगर आपने सोने की बनी कार देखनी है तो वह दुबई में ही पॉसिबल है


अगर हम दुबई मैं बनी इमारतों की बात करें तो बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है यह वाक्य ही इंसानी कला का बेजोड़ नमूना है इसके अलावा दुबई में एक घूमने वाली बिल्डिंग बन रही है जोकर 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगी
तो दोस्तो यह थे दुबई के बारे में कुछ रोचक जानकारी , हमे उम्मीद है के आप को हमारे दुवारा दी गई जानकारी अछि लगती होगी , आप हमें कमेंट करके  हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं। अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

Wednesday, 16 May 2018

History of Veerapan life Biography of Veerapan ( डाकू वीरप्पन का इतहास )

History of Veerapan life Biography of Veerapan ( डाकू वीरप्पन का इतहास )

veerapan biography history hindi

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं आतंक के दूसरे नाम के बारे में जिसका नाम था वीरप्पन। वीरप्पन भारत का बहुत बड़ा डाकू स्मगलर और चंदन तस्कर था। जिस को पकड़ने के लिए तमिलनाडु की सरकार को 20 साल लग गए बड़ी-बड़ी मूछें वाले वीरप्पन ने सरकार के पसीने छोटा दिए थे । जिसके लिए सरकार ने वीरप्पन पर 5 करोड़ का इनाम भी रखा था विरप्पन ने हाथी दांत ,चंदन की लकड़ी, शेर की खाल और इसके अलावा किडनैपिंग जैसी बहुत सी वारदातों को अंजाम दिया।
वीरप्पन को पकड़ने के लिए भारत सरकार को कई साल लग गए जिसमें बहुत से जवानों की जान चली गई और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान भी हुआ तो चलिए दोस्तों चंदन तस्कर वीरप्पन की कहानी को हम शुरू से जानते हैं।



वीरप्पन का जन्म 18 जनवरी 1952 को कर्नाटक जिले के गोपीनाथन गांव में हुआ था वीरप्पन को तस्करी का काम विरासत मैं मिला था।  उससे पहले वीरप्पन के पिता एक जाने-माने डाकू और चंदन तस्कर थे वीरप्पन के पिता का जंगल के आसपास की गांव में बहुत खौफ था जिसके चलते वीरप्पन को यह काम अपने पिता और कुछ रिश्तेदारों से विरासत में मिला।

वीरप्पन ने 10 साल की उम्र में क्राइम की दुनिया में कदम रखा जब उसने अपने एक साथी की मदद से दूसरे तस्कर को मार दिया जब इस बात की भनक वन अधिकारियों को लगी तो वीरप्पन ने तीन वन अधिकारियों को भी मार डाला
1970 में वीरप्पन एक चंदन तस्कर गिरोह में शामिल हो गया जिसके बाद उसने हाथी दांत की तस्करी करना शुरू कर दिया।
1983 में वो एक बार पुलिस के हत्थे चढ़ा पुलिस ने उसे एक कमरे में कैद किया लेकिन वह वहां से रहस्यमई तरीके से भाग गया।
1987 में वीरप्पन ने वन अधिकारी चिदंबरम को पहले अगवा किया फिर उसे मौत के घाट उतार दिया जिसके बाद वीरप्पन सुर्खियों में आ गया।
9 अप्रैल 1990 को उसने तीन पुलिस अफसर को मार दिया
जिसके बाद कर्नाटक सरकार और तमिलनाडु सरकार ने वीरप्पन को पकड़ने के लिए एक  स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया ।

History of Veerapan life Biography of Veerapan ( डाकू वीरप्पन का इतहास )

लेकिन 1991 में वीरप्पन ने एक सीनियर पुलिस ऑफिसर का कत्ल कर दिया और उसके सर को  कलम कर दिया  जिसके 3 साल बाद  उस ऑफिसर का सर  जंगल में से मिला था क्योंकि वह उसके काम में दखल दे रहा था।

वीरप्पन  ने हाथी दांत के लिए 2000 हाथियों को मार दिया था।
1992 में वीरप्पन ने रामपुरा थाने में हमला बोल दिया जहां पर उसने पांच पुलिस अफसर को मार डाला और वहां से सारा असला लूट कर भाग गया।
1993 में BSF ने एक मिशन में वीरप्पन को पकड़ने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई लेकिन उनके मिशन में सबसे बड़ी बाधा भाषा आ रही थी क्योंकि वह एक दूसरे की भाषा को नहीं समझ पाते थे ।जिसके चलते यह मिशन असफल हो गया और इसमें कई बीएसएफ जवानों की जान चली गई।

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एक बार वीरप्पन ने बम से एक बस को उड़ा दिया जिसमें 22 लोगों की जान चली गई इसके अलावा उसने 5 एसटीएफ के जवानों को मार दिया। जिसके बाद BSF और एसटीएफ के एक मिशन में वीरप्पन के 9 लोग पकड़े गए।
जिसके बाद 1996 में वीरप्पन ने गुस्से में आकर 19 पुलिस अफसर को मार डाला।

सन 2000 में उसने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा क्राइम किया जिसमें उसने कन्नड़ के मशहूर अभिनेता राजकुमार का अपहरण कर लिया। जिसके बाद पूरा मीडिया इस अपहरण की कवरेज में लग गया और वीरप्पन का आतंक पूरे भारत में फैल गया। 108 दिन के बाद वीरप्पन ने 50 करोड़ की फ्रोती लेकर उसे छोड़ दिया।

2002 में वीरप्पन ने कर्नाटक की एक मंत्री को पहले अपहरण करके फिर मौत के घाट उतार दिया जिसके बाद सरकार ने वीरप्पन को पकड़ने वाले को 5 करोड़ के इनाम की घोषणा की क्योंकि वैसे भी सरकार का वीरप्पन को पकड़ने के लिए 500 करोड़ खर्च हो चुका था।
18 ओकटुबेर 2000 को वीरप्पन और उस के दो साथियो को STF की टीम ने मौत के घाट उतार दिया इस मिशन की अगवाई विजय कुमार कर रहे थे।

तो दोस्तों यह थी वीरप्पन के आतंक की कहानी आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Monday, 14 May 2018

Story of Pokhran in hindi ( India's first Nuclear test ) smiling budha

नमस्कार दोस्तों आज इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा के कैसे भारत एक परमाणु शक्ति देश बना आज इस दुनिया में कुछ चुनिंदा देश हैं जिनके पास परमाणु शक्ति है और भारत उन देशों में से एक है । जो पहला परमाणु परीक्षण किया गया बो राजस्थान के जैसलमेर से 100 किलोमीटर दूर पोखरण नाम की जगह पर किया गया और इस मिशन के पीछे बहुत ही रोचक कहानी है ।
श्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर श्री अटल बिहारी वाजपेई जी तक भारत के कई प्रधानमंत्री रहे सभी ने परमाणु शक्ति पर बहुत जोर दिया मगर जिस समय भारत को जी मिशन पूरा करना था उस समय अमेरिका समेत P5 देशों ने पूरी दुनिया में परमाणु हथियार बनाने पर रोक लगाई हुई थी तो चलिए दोस्तों पोकरण की इस स्टोरी को हम शुरू से जानते है।
Nuclear Weapons Age : दोस्तों 21वीं सदी में लगभग सभी देशो के पास अपने अपने परमाणु हथियार हैं अगर किसी भी समय युद्ध शुरू हो जाता है और उसमें किसी एक देश ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर दिया तो पूरी दुनिया को खत्म होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा । आज से कुछ समय पहले जब हम कहते थे कि जो चीज एक झटके में हजारों लोगों को मार सकती है तो वह सिर्फ कहने की बातें थी लेकिन 1940 के बाद यह सच साबित हो गया जब पहली बार अमेरिका ने 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए और एक ही झटके में पूरे के पूरे शहर तबाह कर दिए गए और उसके बाद वहां पर फैले रेडियेशन की वजह से आने वाले कई सालों तक लोग ऐसे ही मरते रहे।

परमाणु की खोज : परमाणु की खोज सबसे पहले दूसरे विश्वयुद्ध में अमेरिका ने की अमेरिका ने 1945 में परमाणु बम की खोज की जिस मिशन का नाम था प्रोजेक्टर महानतम इसके बाद रूस ने और उसके कुछ समय बाद फ्रांस में परमाणु बम बना लिए थे । 1964 में चाइना ने भी परमाणु हथियार बना लिए जिसके चलते चीन दुनिया का चौथा परमाणु शक्ति देश बन गया चाइना के बाद भारत को भी परमाणु शक्ति पर अपना ध्यान केंद्रित करना था । इससे पहले 1962 में भारत ने चाइना से युद्ध हारा था जिसके चलते भारत को यह लगने लगा कि आप उसे भी परमाणु शक्ति देश बनना होगा।

Homi Jahangir Bhaba : होमी जहांगीर बाबा भारत के एक बहुत ही बड़े वैज्ञानिक रह चुके हैं होमी जहांगीर बाबा ने भारत सरकार को 1940 में ही अपना ध्यान परमाणु शक्ति की ओर बढ़ाने के लिए जोड़ दिया उनका कहना था कि हम परमाणु हथियार तो नहीं मगर परमाणु से बिजली का उत्पादन कर सकते हैं इसलिए हमें जरूरी नहीं है कि परमाणु से हथियार ही बनाने हैं हम इसका इस्तेमाल बिजली के लिए कर सकते हैं जिस लिए उन्होंने टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और बाबा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की नींव रखी आज भी भारत के यह दो बहुत बड़े रिसर्च सेंटर है । जहां पर आज भी परमाणु के ऊपर रिसर्च हो रही है और इन्हीं दो इंस्टिट्यूट से भारत के लिए बहुत बड़े बड़े वैज्ञानिक निकले हैं।

Pokhran 1 : भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण 18 मई 1974 को किया जिसका नाम था स्माइलिंग बुद्धा क्योंकि उस दिन बुद्धा पूर्णिमा थी । मिशन पूरा होते ही भारत दुनिया में शटा ऐसा देश बन गया जिसके पास परमाणु बनाने की टेक्नोलॉजी आ चुकी थी । इस मिशन  में भारत के 3 बड़े वैज्ञानिक होमी सेठना ,राजा रमन्ना और बसंती नाग चौधरी थे। इस मिशन के सक्सेसफुल होने के बाद उस समय के प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने  दुनिया को यह विश्वास दिलाया कि हम परमाणु का इस्तेमाल शांति के कामों के लिए करेंगे जैसे की बिजली बनाना हम परमाणु से कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे । हालांकि कि हम ऐसा कर सकते हैं हमारे पास परमाणु बनाने की टेक्नोलॉजी है मगर हम ऐसा नहीं करेंगे इसके बाद पूरी दुनिया में भारत के लिए बहुत नाराजगी पाई की पश्चिमी देश इससे बहुत नाराज थे

Second Nuclear Test : दोस्तों जहां पर सवाल यह पैदा होता है कि जब हमने पहली परमाणु परीक्षण कर लिया था तो हमें दोबारा इसका परीक्षण करने की क्या जरूरत थी हम आपको बता दें कि जो पहला परीक्षण था उसमें भारत ने सिर्फ परमाणु टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया था अब हमारा मिशन परमाणु हथियार बनाना था के परमाणु से मिसाइल कैसे बनाई जाए और उससे बम को कैसे बनाया जाए यह हमारा मिशन था
मगर उस समय इमरजेंसी के चलते यह पूरा न हो सका उस कर कर प्रधान मंत्री इस मे ज्यादा दिलचस्पी नही लेते थे जिस के चलते 1995 में पी वी नरसिम्हा राव के समय इस मिशन को दोबारा शुरू किया गया 


परीक्षण का पकड़े जाना : जब भारत दोबारा इस मिशन पर काम करना शुरू किया तो हमारे यह टेस्ट दो बार पकड़े गए क्योंकि उस समय पूरी दुनिया में परमाणु हथियार बनाने पर रोक लगाई गई थी जिसके चलते अमेरिका को भी शक था कि भारत परमाणु टेक्नोलॉजी के बाद परमाणु हथियार भी बनाएगा जिसके चलते अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपनी सिपाई सेटेलाइट से पूरी नजर बनाई हुई थी जब भी भारत जय टेस्ट करने जाता तो अमेरिका की तरफ से फोन आ जाता कि अगर आप ऐसा करोगे तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। जिस के लिए भारत को दो बार यह टेस्ट बीच मे रोकने पढे। 



Pokhran 2 : आखिर में भारत ने 11 मई 1998 को 3 और 13 मई 1998 को 2 परमाणु डिवाइसेस का परीक्षण किया गया। उस समय भारत के प्रधान मंतरी अटल बिहारी वाजेपयी थे। जिस में  Dr. APJ Abdul kalam , Rajgopal chidambram और Anil Kakodkar मेन विज्ञानक थे इस के इलावा और भी बहुत विज्ञानक थे। इस मे खास बात यह थी यह मिशन बहुत ही चोरी से किया गया। ज्यादा काम रात को होता था ,  जब वहां पर आंधी चलती थी तो इस काम को किया जाता था त जो सेटलाइट की नज़र में न आया जाए। जो मुखय विज्ञानक थे वो आर्मी की वर्दी पहन कर जाते थे। एक एक कार विज्ञानक टेस्ट वाली जगह पर जाता था। इस मे खास बात के टेस्ट वाली जगह से कुछ दूर एक स्पेशल क्रिकेट ग्राउंड बनाया गया जिस में आर्मी के हज़ारो जवान खेलते रहते थे। जिस से सेटलाइट से देखने पर यह लगता था के यहां पर कोई खेल टूर्नामेन्ट चल रहा है। 

दुनिया में नाराजगी: 11 मई 1998 कि शाम को भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी ने TV पर मुझे अनाउंस कर दिया कि भारत ने परमाणु हथियार बना लिए हैं उसके बाद 13 मई को अमेरिका ने भारत के व्यापार पर रोक लगा दी इसके अलावा अमेरिका की तरफ से जो भी इम्युनिटी ऐड आती थी वह बंद हो गई इसके अलावा भारत जो भी दक्षिणी देशों के साथ व्यापार करता था वह बंद कर दिया गया मगर कुछ ही समय बाद कारगिल का युद्ध शुरू हो गया जिसमें पूरी दुनिया को जय लगा कि भारत इस युद्ध में परमाणु हथियार का इस्तेमाल जरूर करेगा लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया जिसके चलते भारत ने दुनिया को यह विश्वास दिला दिया के भारत कभी भी पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा अगर पूरी दुनिया परमाणु हथियार नष्ट करती है तो उनके साथ भारत भी अपने परमाणु हथियार नष्ट कर देगा जिसके 2 सालों बाद ही भारत पर लगाई गई सभी रोक हटा दी गई और आज भारत एनएसजी को छोड़कर सभी परमाणु ग्रुप का मेंबर है अगर आपने इस कहानी को बॉलीवुड स्टाइल में देखना है तो इस पर जॉन अब्राहम की फिल्म परमाणु भी बन चुकी है

Saturday, 14 April 2018

Biography of Parmish Verma in hindi परमिश वर्मा की जीवनी

Biography of  Parmish Verma in hindi परमिश वर्मा की जीवनी  : 


दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं उस कलाकार कि जिसकी लुक्का हर कोई दीवाना है आज हर दूसरा लड़का परमेश वर्मा की increase the bread ट्रेण्ड में दाढ़ी रख कर  घूम रहा है परमेश  वर्मा आज पंजाब के  मशहूर डायरेक्टर एक्टर और पार्ट टाइम सिंगर भी है 



 तो चलिए दोस्तों आज हम आपको परमेश वर्मा की पूरी जीवनी बताते हैं परमेश वर्मा का जन्म जुलाई को पटियाला में हुआ उनके पिता का नाम डॉक्टर सतीश वर्मा है परमेश वर्मा को बचपन से ही अदाकारी का बहुत शौक था क्योंकि उनके पिता सतीश वर्मा एक जाने-माने फिल्म राइटर और एक थिएटर कलाकार थे 
 इसके साथ-साथ परमिश वर्मा के पिता पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे जिसके चलते बे यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को प्ले की रिहर्सल कराया करते थे जोके अक्सर उनके घर पर होती थी 

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मगर उसके कुछ समय बाद ही परमेश वर्मा ऑस्ट्रेलिया चले गए और वहां उनकी शादी हो गई जिसके बाद परमेश वर्मा के लिए एक्टर बनने का सपना सदा के लिए टूट गया मगर परमेश वर्मा ऑस्ट्रेलिया में नहीं रहना चाहते थे जिसके कुछ समय बाद ही परमेश  ने अपने पिताजी से  बात की और वापस भारत आ गए परमेश वर्मा के पिताजी की पंजाब के मशहूर सिंगर गुरदास मान के साथ अच्छी दोस्ती थी जिसके लिए परमेश  के पिता ने परमेश को काम दिलाने के लिए गुरदास मान के पास मुंबई भेज दिया मगर वहां गुरदास मान के बेटे गुरकीरत मान के कहने पर परमेश वर्मा ने एक्टिंग छोड़ कर वीडियो directing की तरफ अपना ध्यान दिया जिसके बाद परमेश वर्मा वापस पंजाब आ गए क्योंकि मुंबई में नए बंदे सेट होने में काफी समय लग जाता है जिसके बाद उन्होंने पंजाब  आकर विनय पाल बुट्टर के साथ अपना पंजाबी गाना माफीनामा दो शूट किया जोके फ्लॉप रहा 


जिसके बाद परमेश वर्मा को काफी दुख हुआ मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और Ninja के साथ अपना अगला गाना आदत शूट किया जिसमें उन्होंने एक्टिंग वी की और और यह गाना  सुपरहिट रहा उसके बाद निंजा के साथ ही अगला गाना कला कला ठोक दा रहा शूट किया जिसको लोगों का जबरदस्त रिस्पांस मिला इसके साथ ही परमेश ने मनकीरत औलख के साथ जुगाड़ी जट गल्ला मिट्टियां गाने शूट किए  जिनके YouTube पर मिलियन में व्यू हुए और परमेश वर्मा स्टार बन गए  जिसके बाद परमेश वर्मा ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज परमेश वर्मा म्यूजिक इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं आज किसी भी गाने को हिट कराने के लिए परमेश वर्मा का नाम ही काफी है


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तो दोस्तों यह थी परमेश वर्मा की कहानी हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा आगे से ऐसे आर्टिकल की अपडेट पाने के लिए हमारा Facebook पेज लाइक करें ताकि हम जब भी कोई आर्टिकल अपडेट करें तो आपको Facebook पर उस आर्टिकल का लिंक लिंक मिल सके अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद